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मैनपुरीः सामूहिक दुष्कर्म में उम्रकैद, इतना पुराना है मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Updated Tue, 30 Jan 2018 06:49 PM IST
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यूपी के मैनपुरी थाना कुरावली क्षेत्र में तीन साल पहले घर में घुसकर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी को अपर जिला जज चतुर्थ ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 85000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
थाना कुरावली के एक गांव की निवासी एक किशोरी 17 जनवरी 2015 की रात घर में चार भाइयों के साथ सो रही थी। उसकी मां और पिता बड़ी बेटी के ससुराल गए थे। रात तीन बजे गांव निवासी कयूम अपने एक साथी के साथ घर में घुस आया।
किशोरी को दबोचकर उसके साथ दोनों ने दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर मारपीट करते हुए गला दबाकर मारने की कोशिश की। किशोरी के अचेत हो जाने पर आरोपी घर से भाग गए।
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थाना कुरावली के एक गांव की निवासी एक किशोरी 17 जनवरी 2015 की रात घर में चार भाइयों के साथ सो रही थी। उसकी मां और पिता बड़ी बेटी के ससुराल गए थे। रात तीन बजे गांव निवासी कयूम अपने एक साथी के साथ घर में घुस आया।
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किशोरी को दबोचकर उसके साथ दोनों ने दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर मारपीट करते हुए गला दबाकर मारने की कोशिश की। किशोरी के अचेत हो जाने पर आरोपी घर से भाग गए।
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18 जनवरी को घर आने पर जानकारी होने के बाद किशोरी के पिता ने कयूम सहित एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कयूम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेजी लेकिन दूसरे आरोपी की पुलिस जानकारी नहीं जुटा सकी।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, पीड़िता, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के सर्मथन में गवाही दी। सहायक शासकीय अधिवक्ता रघुनाथ सिंह वर्मा ने अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी।
अपर जिला जज चतुर्थ ललचंद्र ने आजीवन कारावास तथा 85000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कयूम को पुलिस ने घटना के एक सप्ताह बाद पकड़कर जेल भेज दिया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, पीड़िता, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना के सर्मथन में गवाही दी। सहायक शासकीय अधिवक्ता रघुनाथ सिंह वर्मा ने अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी।
अपर जिला जज चतुर्थ ललचंद्र ने आजीवन कारावास तथा 85000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कयूम को पुलिस ने घटना के एक सप्ताह बाद पकड़कर जेल भेज दिया था।
पीड़िता को मिलेंगे 70000 रुपये
उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। पूरा मुकदमा जेल में रहकर लड़ना पड़ा। सजा सुनने के लिए जेल से लाया गया। सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।
कयूम को सजा भुगतने के साथ ही 85000 रुपया जुर्माना देना होगा। जुर्माने की धनराशि में से 70000 रुपया पीड़िता को मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे।
कयूम को सजा भुगतने के साथ ही 85000 रुपया जुर्माना देना होगा। जुर्माने की धनराशि में से 70000 रुपया पीड़िता को मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे।