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Agra News: चंबल के बीहड़ में तेंदुए की दहशत, बकरी का किया शिकार
Fri, 06 Feb 2026 03:20 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 06 Feb 2026 03:20 AM IST
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बकरी के शिकार के बाद तेंदुए के हमले की दहशत: पप्पे, रामौतार, सर्वेश
बाह। चंबल के बीहड़ में तेंदुए के हमले की दहशत है। वन्यजीव के हमले में बकरी के मरने से ग्रामीण सहमे हैं। डर के कारण चरवाहे कुल्हाड़ी, डंडे लेकर बीहड़ में जाने को मजबूर हैं।
चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज के गौंसिली, भगवानपुरा, बाघराजपुरा, बरुआपुरा, हरलालपुरा आदि गांवों के बीहड़ में तेंदुए के होने की चर्चा ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। मंगलवार को बाघराजपुरा के बीहड़ में चर रही बकरियों में से पप्पे की एक बकरी की वन्यजीव के हमले में जान चली गई। गांव के पप्पे, रामौतार, सर्वेश ने बताया कि बीहड़ क्षेत्र में तेंदुए के हमले की दहशत की बजह से कुल्हाड़ी और डंडे लेकर जाने को मजबूर हैं। बीहड़ में बकरियां चरते समय हमला होने पर अपना बचाव कर सकेंगे। उनकी मानें तो एक तेंदुआ और दो शावक बीहड़ में लगातार दिख रहे हैं। पिछले दिनों बरुआपुरा में बकरी का शिकार किया था। बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि चंबल में तेंदुए हैं, मानव वन्यजीव संघर्ष टालने के लिए 60 वन समितियां बनी हुई हैं। गांवों में लगातार लोगों को बीहड़ क्षेत्र में न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गांव के आसपास वन्यजीव दिखने पर वन विभाग को सूचना देने के लिए भी प्रेरित किया गया है।
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चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज के गौंसिली, भगवानपुरा, बाघराजपुरा, बरुआपुरा, हरलालपुरा आदि गांवों के बीहड़ में तेंदुए के होने की चर्चा ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। मंगलवार को बाघराजपुरा के बीहड़ में चर रही बकरियों में से पप्पे की एक बकरी की वन्यजीव के हमले में जान चली गई। गांव के पप्पे, रामौतार, सर्वेश ने बताया कि बीहड़ क्षेत्र में तेंदुए के हमले की दहशत की बजह से कुल्हाड़ी और डंडे लेकर जाने को मजबूर हैं। बीहड़ में बकरियां चरते समय हमला होने पर अपना बचाव कर सकेंगे। उनकी मानें तो एक तेंदुआ और दो शावक बीहड़ में लगातार दिख रहे हैं। पिछले दिनों बरुआपुरा में बकरी का शिकार किया था। बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि चंबल में तेंदुए हैं, मानव वन्यजीव संघर्ष टालने के लिए 60 वन समितियां बनी हुई हैं। गांवों में लगातार लोगों को बीहड़ क्षेत्र में न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। गांव के आसपास वन्यजीव दिखने पर वन विभाग को सूचना देने के लिए भी प्रेरित किया गया है।
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