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लोकसभा चुनाव 2019: आचार संहिता के चलते दीवारों से उतरने लगी माननीयों की तस्वीरें
Mon, 11 Mar 2019 07:55 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 11 Mar 2019 07:55 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद सरकारी महकमों की कार्यप्रणाली बदल गई है। जिन सरकारी विभागों के कार्यालयों में अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री की तस्वीर लगीं थी, उन्हें अब उतारा जा रहा है।
नगर निगम, आगरा विकास प्राधिकरण, विकास भवन सहित कई कार्यालयों में अधिकारियों के दफ्तरों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदि की तस्वीर लगी थीं।
आचार संहिता लगने के बाद नगर निगम जिस तरह से शहर में राजनीतिक होर्डिंग, बैनर, पोस्टर उतार रहा है। उसी तरह से सरकारी कार्यालयों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीर भी उतरने लगी हैं। केवल महात्मा गांधी और बाबा साहब की तस्वीर रहेंगी।
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नगर निगम, आगरा विकास प्राधिकरण, विकास भवन सहित कई कार्यालयों में अधिकारियों के दफ्तरों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदि की तस्वीर लगी थीं।
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आचार संहिता लगने के बाद नगर निगम जिस तरह से शहर में राजनीतिक होर्डिंग, बैनर, पोस्टर उतार रहा है। उसी तरह से सरकारी कार्यालयों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीर भी उतरने लगी हैं। केवल महात्मा गांधी और बाबा साहब की तस्वीर रहेंगी।
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सिर्फ इनकी तस्वीरें लगी रहेंगी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कुमार मालपाणी के मुताबिक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तस्वीर आचार संहिता के दौरान सरकारी कार्यालयों में नहीं लगाई जा सकती है। वहां केवल राष्ट्रपिता और संविधान शिल्पी डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर ही लग सकती है।
नेताओं द्वारा छपवाए कलेंडर भी हटाए गए
नववर्ष के अवसर पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेंडर प्रकाशित कराते हैं। उपहार स्वरूप कलेंडर सरकारी दफ्तरों में दिए जाते हैं। तमाम सरकारी कार्यालयों में ऐसे कलेंडर लगे हैं जिन पर तारीख के पन्नों के साथ-साथ नेताजी का प्रचार भी होता है। ऐसी सभी कलेंडरों को उतारने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यदि इस तरह के कलेंडर कार्यालयों में लगे पाए गए तो यह आचार संहिता का उल्लंघन होगा।
नेताओं द्वारा छपवाए कलेंडर भी हटाए गए
नववर्ष के अवसर पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी कलेंडर प्रकाशित कराते हैं। उपहार स्वरूप कलेंडर सरकारी दफ्तरों में दिए जाते हैं। तमाम सरकारी कार्यालयों में ऐसे कलेंडर लगे हैं जिन पर तारीख के पन्नों के साथ-साथ नेताजी का प्रचार भी होता है। ऐसी सभी कलेंडरों को उतारने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यदि इस तरह के कलेंडर कार्यालयों में लगे पाए गए तो यह आचार संहिता का उल्लंघन होगा।