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UP: क्रिप्टोकरेंसी में मुनाफा के लालच में फंसाकर ठगे 16 लाख, सदमे से गई वृद्ध की जान; ठगी की इनसाइड स्टोरी

Tue, 11 Aug 2026 11:14 PM IST
विकास कुमार माई सिटी रिपोर्टर, आगरा
माई सिटी रिपोर्टर, आगरा Published by: विकास कुमार Updated Tue, 11 Aug 2026 11:14 PM IST
सार

मृतक के बेटे नकुल शर्मा पिता की मौत के बाद खातों की जानकारी लेने बैंक पहुंचे थे। पता चला कि पिता ने 13 जनवरी से 9 फरवरी के बीच अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई थी। यह खाते किसके थे? उन्हें नहीं पता था। भारतीय स्टेट बैंक के खाते से साइबर ठगी की रकम बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बंधन बैंक के खातों में जमा हुई थी।

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lakh cheated in greed of profit in cryptocurrency old man life lost in shock
Cyber Crime - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोशल मीडिया पर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर कई गुना मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने एक वृद्ध को जाल में फंसा लिया। एक ऐप के माध्यम से हर दिन मुनाफा दिखाकर 16 लाख रुपये ले लिए। मगर रकम नहीं दी। सदमे में आए वृद्ध की जान चली गई। बेटा बैंक खाते चेक करने गया तो साइबर ठगी का पता चला। मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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फतेहाबाद रोड स्थित हार्मनी रेजीडेंसी निवासी नकुल शर्मा एक होटल में कर्मचारी हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। बताया कि पिता राकेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा था। यह नाका साल्यूशन नामक संस्था का था। इसमें विदेशी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर मुनाफे की बात कही गई। पिता ने विज्ञापन में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को कंपनी का निदेशक सीताराम बताया। उसने अपनी सलाहकार साक्षी जायसवाल से भी बात कराई। उनसे शुरुआत में 8500 रुपये निवेश कराए गए। बाद में एक ऐप दिखाया। इसमें मुनाफा दिखाया। बाद में अधिक मुनाफे का लालच देकर 13 जनवरी को 9 लाख रुपये और ले लिए। जब भी पिता ऐप खोलते थे, उन्हें हर दिन हजारों रुपये का लाभ दिखाया जाता था। अधिक रकम होने पर पिता ने रकम निकालने के लिए बात की। इस पर साक्षी जायसवाल ने क्रिप्टोकरेंसी को भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए 3.66 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया।

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अमित पटेल नाम के व्यक्ति ने बार्कलेज बैंक गारंटी के नाम पर पिता से पांच फरवरी को 3.65 लाख रुपये ले लिए। उनसे कुल 16.17 लाख रुपये ठग लिए। मगर रकम नहीं दी। नौ फरवरी को अचानक पिता राकेश शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। उनकी मृत्यु हो गई। बेटा बैंक में खाते चेक करने गया तो उसे रकम निकलने का पता चला। इससे परिजन का अनुमान है कि साइबर ठगों के जाल में फंसकर रकम चली जाने से तनाव में आकर जान गई।

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दो बैंक के खातों में जमा हुई रकम
मृतक के बेटे नकुल शर्मा पिता की मौत के बाद खातों की जानकारी लेने बैंक पहुंचे थे। पता चला कि पिता ने 13 जनवरी से 9 फरवरी के बीच अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई थी। यह खाते किसके थे? उन्हें नहीं पता था। भारतीय स्टेट बैंक के खाते से साइबर ठगी की रकम बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बंधन बैंक के खातों में जमा हुई थी। साइबर ठगी की आशंका पर साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

आरोपियों की पहचान के लिए लगी टीम
वृद्ध के खाते से कई खातों में रकम जमा कराई गई थी। बाद में वृद्ध की मृत्यु हो गई। सदमे से मृत्यु होने की बात कही जा रही है। जिन खातों में रकम गई, उनकी डिटेल निकाली जा रही है। आरोपियों की पहचान के लिए टीम को लगाया गया है। -आदित्य सिंह, डीसीपी साइबर क्राइम

ठगी के इन तरीकों से रहें सावधान
अपराधी फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लोगों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए लुभाया जाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शुरुआती दौर में कुछ मुनाफा दिखाकर निवेशकों का विश्वास जीता जाता है, बाद में सारा पैसा हड़प लिया जाता है। अक्सर ठग किसी प्रसिद्ध व्यक्ति या संस्थान के नाम का इस्तेमाल करते हैं।

जागरूक रहें 
-क्रिप्टोकरेंसी बाजार की समझ विकसित करें। किसी भी निवेश से पहले उसके बारे में गहन शोध करें।
- सोशल मीडिया या अनजान व्यक्तियों की ओर से सुझाए गए किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म या कॉइन में पैसा न लगाएं।
- जो भी योजनाएं अत्यधिक और अवास्तविक रिटर्न का वादा करती हैं, वे अक्सर धोखाधड़ी करने वाली होती हैं।
- किसी भी क्रिप्टोकरेंसी या निवेश प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइटों और विश्वसनीय वित्तीय समाचार स्रोतों पर ही भरोसा करें।
- निवेश का निर्णय हमेशा सोच-समझकर और पर्याप्त जानकारी के बाद ही लेना चाहिए।
-यदि आपको किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का संदेह हो, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर अपराध सेल से संपर्क करें। (डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह के मुताबिक)
 

शिक्षिका की भी गई थी जान
दो साल पहले जगदीशपुरा क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। बेटी की गिरफ्तारी का भय दिखाया था। इसके बाद रकम की मांग की गई थी। दहशत में आईं शिक्षिका की हृदयघात से जान चली गई थी।

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