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आगरा: पुलवामा आतंकी हमले से दुखी कश्मीरी छात्र, बोले- आतंकियों को मिले कड़ी सजा
Fri, 22 Feb 2019 08:15 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 22 Feb 2019 08:15 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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जम्मू-कश्मीर से सुलहकुल की नगरी आगरा में पढ़ने आए छात्र-छात्राओं के बारे में पुलवामा हमले के बाद से कहा जा रहा है कि वे डर के मारे अपने घर चले गए हैं। लेकिन उनका कहना है कि उन्हें ताजनगरी में कोई दिक्कत नहीं है। यहां सुकून से पढ़ाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुलवामा हमले के बाद दुखी बहुत हैं, आतंकियों को सजा मिलनी चाहिए।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के आठ विभागों में जम्मू-कश्मीर के करीब 30 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन दिनों इनकी आंतरिक परीक्षा चल रही है। पुलवामा में हुई आतंकी घटना से वह भी दुखी हैं, सभी कश्मीर में शांति चाहते हैं।
छात्रों का कहना है कि आगरा में उन्हें सबसे प्यार मिल रहा है। घर जैसा माहौल है। राजौरी की रहने वाली एमएससी बॉटनी चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा शाइस्ता अंजुम का कहना है कि संस्थान का माहौल अच्छा है। पढ़ाई में सभी सहपाठी सहयोग प्रदान करते हैं। शिक्षक भी ध्यान रखते हैं।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के आठ विभागों में जम्मू-कश्मीर के करीब 30 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन दिनों इनकी आंतरिक परीक्षा चल रही है। पुलवामा में हुई आतंकी घटना से वह भी दुखी हैं, सभी कश्मीर में शांति चाहते हैं।
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छात्रों का कहना है कि आगरा में उन्हें सबसे प्यार मिल रहा है। घर जैसा माहौल है। राजौरी की रहने वाली एमएससी बॉटनी चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा शाइस्ता अंजुम का कहना है कि संस्थान का माहौल अच्छा है। पढ़ाई में सभी सहपाठी सहयोग प्रदान करते हैं। शिक्षक भी ध्यान रखते हैं।
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'कश्मीर में अमन और शांति का माहौल हो'
किस्तवाड़ के अजीत कुमार का कहना है कि कश्मीर में अमन और शांति का माहौल बनना चाहिए। वहां के लोगों को इस बारे में सोचना चाहिए। यहां रहकर पढ़ाई करने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। संस्थान से लेकर जिस कॉलोनी में रहते हैं, वहां का माहौल अच्छा है।
राजौरी की रहने वाली एमएससी पर्यावरण अध्ययन की छात्रा नाहिम का कहना है संस्थान में उन्हें घर जैसा माहौल मिल रहा है। कोई दिक्कत नहीं आ रही है। स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के डीन डॉ. पीके सिंह का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के सभी छात्र आंतरिक परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
कुछ छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क मिला था, वे पुलवामा की घटना के पहले से घर गए थे, वे भी आने वाले हैं। संस्थान में स्वस्थ वातावरण है, सभी विद्यार्थी आपस में जुड़े हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित का कहना है कि संस्थान में जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए अच्छा माहौल है। विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं है।
पुलवामा हमले के बाद शहर में कई होटलों में बोर्ड लग गए थे, इन पर लिखा था , कश्मीर के लोगों के लिए प्रवेश नहीं। कई शहरों से कश्मीरी छात्रों के साथ बदसलूकी की खबरें भी आईं लेकिन आगरा में रह रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्हें यहां इस तरह की कभी कोई टेंशन नहीं हुई है।
राजौरी की रहने वाली एमएससी पर्यावरण अध्ययन की छात्रा नाहिम का कहना है संस्थान में उन्हें घर जैसा माहौल मिल रहा है। कोई दिक्कत नहीं आ रही है। स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के डीन डॉ. पीके सिंह का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के सभी छात्र आंतरिक परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
कुछ छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क मिला था, वे पुलवामा की घटना के पहले से घर गए थे, वे भी आने वाले हैं। संस्थान में स्वस्थ वातावरण है, सभी विद्यार्थी आपस में जुड़े हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित का कहना है कि संस्थान में जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए अच्छा माहौल है। विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं है।
पुलवामा हमले के बाद शहर में कई होटलों में बोर्ड लग गए थे, इन पर लिखा था , कश्मीर के लोगों के लिए प्रवेश नहीं। कई शहरों से कश्मीरी छात्रों के साथ बदसलूकी की खबरें भी आईं लेकिन आगरा में रह रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्हें यहां इस तरह की कभी कोई टेंशन नहीं हुई है।