Agra: कासगंज जिला जेल का बंदी एक महीने बाद गिरफ्तार, व्हीलचेयर पर बैठ फिल्मी अंदाज में हुआ था फरार
कासगंज जिला जेल का बंदी नीरू नौ सितंबर को शौचालय जाने के बहाने फिल्मी अंदाज में फरार हो गया था। फरारी के बाद नीरू राजस्थान के कोटा में छिपा हुआ था। पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की नई सर्जरी बिल्डिंग से चार सितंबर को फरार हुआ कासगंज जिला कारागार का बंदी नीरू कोटा (राजस्थान) में छिपा हुआ था। वह पत्नी से मिलने ससुराल गया था। इसकी सूचना पर सोमवार को थाना एमएम गेट पुलिस पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में बंदी ने बताया कि वह अपने ऊपर दर्ज मुकदमों में समझौता करने के उद्देश्य से फरार हुआ था। मगर, पुलिस की घेराबंदी और परिवार का सहयोग नहीं मिलने की वजह से घर नहीं पहुंचा। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
एटा के थाना जलेसर स्थित मोहब्बतपुरा निवासी नीरू के खिलाफ थाना कोतवाली में मारपीट और दुष्कर्म के आरोप में दो मुकदमे दर्ज हैं। वह एटा जिला कारागार में बंद था। मगर, व्यवहार ठीक नहीं होने की वजह से फतेहगढ़ जेल स्थानांतरित किया गया। वहां भी उसकी शिकायत हुईं। उसे कासगंज जिला कारागार रेफर किया गया। उसकी कमर में दिक्कत थी। चल फिर नहीं पाता था। 16 अगस्त को वहां के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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इलाज के लिए उसे एसएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। चार सितंबर को वो बंदीरक्षकों को चकमा देकर फरार हो गया था। मामले में जेल वार्डर सुरेंद्र सिंह ने एमएम गेट में मुकदमा दर्ज कराया। एसपी सिटी विकास कुमार के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि नीरू कोटा पहुंचा हुआ है। वहां पर नयापुरा में उसकी ससुराल है। इस पर पुलिस पहुंच गई। नीरू को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
दो दिन पहले किया था फोन
थाना एमएम गेट के प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार अवस्थी के मुताबिक, नीरू ने बताया कि उस पर दो मुकदमे गांव के लोगों ने दर्ज कराए थे। मुकदमों में गवाही चल रही है। वह चाहता था कि समझौता हो जाए। वह वादी पक्ष से बात करना चाहता था। इसके लिए उसने दो दिन पहले अपने बेड के बगल में बैठे मरीज के मोबाइल से भाई से बात की। मगर, यह नहीं बताया कि वह भागने वाला है। नहाने जाने के बहाने अभिरक्षा से भाग निकला था।
बिना टिकट यात्रा की, भूखा भी रहा
पुलिस की पूछताछ में नीरू ने बताया कि हाथरस में एक रिश्तेदार रहते हैं। वहां जाने के लिए वह हाइवे पर आया। बस में बैठ गया। बिना टिकट यात्रा की। रिश्तेदार ने साथ नहीं दिया। वो सड़कों पर भटकने लगा। किसी तरह गांव भी गया, लेकिन उसे पता चला कि पुलिस पहुंच गई है। इस पर लौट आया। तब से सड़कों पर हाथरस, कासगंज, एटा में भटक रहा था। रुपये नहीं होने की वजह से भूखा रहना पड़ा। उसे यह पता चल गया था कि पत्नी मायके कोटा में है। वो पत्नी से मिलने ट्रेन में बिना टिकट पहुंचा। मगर, पुलिस ने पकड़ लिया।