फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Kadaknath murga Why is there so much demand farmers line up to buy chicks Know its speciality

कड़कनाथ मुर्गा: सबसे मंहगा बिकता है अंडा, एक भी पाल लेंगे तो बदल जाएगी किस्मत...जानें खासियत

Sun, 22 Dec 2024 08:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह देवेश शर्मा, बिचपुरी, संवाद न्यूज एजेंसी
देवेश शर्मा, बिचपुरी, संवाद न्यूज एजेंसी Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 22 Dec 2024 08:16 AM IST
सार

कड़कनाथ मुर्गा और मुर्गियों का पालन करना बेहद फायदा का सौदा बनता जा रहा है। एक मादा कड़कनाथ की बात करें तो ये वर्ष में करीब 60 अंडे देती है, लेकिन इसके एक अंडे की कीमत सामान्य अंडे से चार गुना अधिक होती है। 

विज्ञापन
Kadaknath murga Why is there so much demand farmers line up to buy chicks Know its speciality
कड़कनाथ मुर्गा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मुर्गी पालक किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें जिले में ही कड़कनाथ प्रजाति की मुर्गी के चूजे आसानी से उपलब्ध होंगे दो दिसंबर 2024 से कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी में कड़कनाथ प्रजाति की मुर्गी का पालन हो रहा है। बुधवार को वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति की मुर्गी की विशेषताओं की जानकारी दी।
विज्ञापन


 
Trending Videos

पशुपालन विशेषज्ञ धर्वेंद्र सिंह ने बताया कि कड़कनाथ की तीन प्रजातियां ( जेट ब्लैक, पेंसिल्ड और गोल्डन) होती हैं। केंद्र पर जेट ब्लैक प्रजाति की कड़कनाथ मुर्गी का पालन किया जा रहा है। इस समय जेट ब्लैक प्रजाति के 30 लेयर और 120 चूजे हैं। इससे पहले गोल्डन प्रजाति के कड़कनाथ भी केंद्र पर पाले गए हैं। दोनों प्रजाति की विशेषता लगभग समान ही होती है। इसका औसत वजन 1.80 से 2.0 किलोग्राम तक होता है। मादा कड़कनाथ प्रतिवर्ष 60 से 80 तक अंडे देती है। एक अंडे की कीमत 20-30 रुपये है। इस प्रजाति की मुर्गी-मुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। किचन के अवशेष, हरा चारा व सामान्य दाना पानी देकर भी इसे पाला जा सकता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

कड़कनाथ मुर्गी के अंडे मध्यम आकार के हल्के भूरे गुलाबी रंग के होते हैं। यह प्रजाति अपने काले मांस जो उच्च गुणवत्ता, स्वादिष्ट एवं औषधीय गुणवत्ता के कारण जानी जाती है। लेकिन धीरे-धीरे इसकी संख्या में कमी एवं आनुवंशिक विक्रति के कारण इसका अस्तित्व खतरे में है। सामान्य तौर पर यह किसानों को उपलब्ध नहीं हो रही है। इसी को देखते हुए केंद्र पर अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान के सानिध्य में टीम ने कड़कनाथ प्रजाति की मुर्गी का पालन शुरू किया है।

 
विज्ञापन

कड़कनाथ को काली मांसी के नाम से भी जानते हैं
कृषि प्रसार विशेषज्ञ शिवम प्रताप ने बताया कि कड़कनाथ मुर्गी का मांस, चोंच, जुबान, टांगे, नाखून, चमड़ी, कलंगी आदि काली होती है। यह मिलैनिन पिगमेंट की अधिकता के कारण होता है। जो हृदय व मधुमेह रोगियों के लिए उत्तम आहार है। इसका मांस स्वादिष्ट व आसानी से पचने वाला व अधिक प्रोटीन और कम वसायुक्त होता है। इसे काली मांसी के नाम से भी जाना जाता है। इसी विशेषता के कारण बाजार में इसकी मांग भी अधिक रहती है।

 

फरवरी माह में प्राप्त कर सकते हैं चूजे
केंद्र के स्टॉक इंचार्ज संदीप अग्रवाल ने बताया कि केंद्र पर 100 अंडो के लिए एक हैचरी मशीन भी उपलब्ध है। कुछ समय बाद इनके अंडों से हेचरी द्वारा चूजों को निकाला जाएगा। एक चूजे की कीमत लगभग 100 रुपये है। आगामी फरवरी माह में चयनित गांवों में केंद्र की हैचरी यूनिट से घर के पिछबाडे मुर्गीपालन योजना के तहत जनपद के मुर्गी पालकों को पोल्ट्री चिक्स उपलब्ध कराएं जाएंगे। फरवरी माह में मुर्गी पालक कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी पर आकर चूजे प्राप्त कर सकते हैं।
 

ऐसे करें पालन
पशुपालन विशेषज्ञ ने बताया कि इसके 100 चूजों को पालने के लिए 150 वर्ग फीट जगह की जरूरत होती है। शेड में साफ-सफाई रखें और उसमें पानी और बिजली की व्यवस्था करें। आवास आरामदायक और हवादार बनाएं। एक शेड में दो अलग-अलग ब्रीड को नहीं रखना चाहिए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed