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दुष्कर्मी पिताः सजा-ए-मौत देकर जज बोले- ऐसी राक्षसी प्रवृति के व्यक्ति को समाज स्वीकार नहीं करेगा
Sat, 21 Sep 2019 09:45 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 21 Sep 2019 09:45 AM IST
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आरोपी को जेल लेकर जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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बेटी से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाले शख्स को मौत की सजा सुनाते समय विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) वीके जायसवाल ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने इस केस की गंभीरता को दिल्ली के निर्भया कांड के समान माना है।
उन्होंने कोर्ट के आदेश में लिखा है, सभ्य समाज में इस बात की कल्पना नहीं की जा सकती है कि सात वर्ष की बच्ची का पिता अपनी पुत्री के साथ अश्लील हरकत करेगा और अंतत: उसका दुष्कर्म कर निर्ममता से उसकी हत्या कर देगा।
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इस बात की केवल कल्पना ही की जा सकती है कि दुष्कर्म का शिकार होकर बच्ची के मन व मष्तिष्क पर क्या गुजरता होगा? एक पिता अपने बच्चों का संरक्षक व रक्षक होता है।
उसने बेटी से दुष्कर्म और उसकी हत्या कर पूरी मानवता को शर्मसार किया है। कोई राक्षस प्रवृति का व्यक्ति ही ऐसा कर सकता है। वर्तमान समय में समाज किसी भी दशा में ऐसे राक्षसी प्रवृति के व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेगा।
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ये भी पढ़ें: आगराः दुष्कर्मी हत्यारे पिता को सजा ए मौत, जज ने कहा विरलतम श्रेणी का अपराध
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इस बात की केवल कल्पना ही की जा सकती है कि दुष्कर्म का शिकार होकर बच्ची के मन व मष्तिष्क पर क्या गुजरता होगा? एक पिता अपने बच्चों का संरक्षक व रक्षक होता है।
उसने बेटी से दुष्कर्म और उसकी हत्या कर पूरी मानवता को शर्मसार किया है। कोई राक्षस प्रवृति का व्यक्ति ही ऐसा कर सकता है। वर्तमान समय में समाज किसी भी दशा में ऐसे राक्षसी प्रवृति के व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेगा।
अभियोजन टीम को सम्मानित करेंगे आईजी
आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने बताया कि रेंज में पोक्सो एक्ट के 10 मामले जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए चिह्नित किए गए थे। एत्मादपुर का यह मामला भी उनमें शामिल है। इसमें सभी गवाहों की गवाही कराई गई। कोर्ट के सामने साक्ष्य रखे गए। पूरी अभियोजन टीम को सम्मानित किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: दुष्कर्मी पिताः सांप भूनकर खाता था हत्यारा, नशे का है आदी
इससे पहले फिरोजाबाद में जसराना की 14 वर्ष की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। यह घटना पांच सितंबर 2017 को हुई थी। सजा सात सितंबर 2019 को सुनाई गई।
जुर्म और सजा
हत्या (धारा 302) : मृत्युदंड और एक लाख रुपये का अर्थदंड
दुष्कर्म (धारा 376) : आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड।
अपहरण (धारा 363) : सात साल कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड।
शव छिपाना : (धारा 201) : तीन वर्ष कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड।
नाबालिग से अपराध (पोक्सो एक्ट) : 14 साल का कठोर कारावास, 50 हजार रुपये अर्थदंड।
आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने बताया कि रेंज में पोक्सो एक्ट के 10 मामले जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए चिह्नित किए गए थे। एत्मादपुर का यह मामला भी उनमें शामिल है। इसमें सभी गवाहों की गवाही कराई गई। कोर्ट के सामने साक्ष्य रखे गए। पूरी अभियोजन टीम को सम्मानित किया जाएगा।
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इससे पहले फिरोजाबाद में जसराना की 14 वर्ष की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। यह घटना पांच सितंबर 2017 को हुई थी। सजा सात सितंबर 2019 को सुनाई गई।
जुर्म और सजा
हत्या (धारा 302) : मृत्युदंड और एक लाख रुपये का अर्थदंड
दुष्कर्म (धारा 376) : आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड।
अपहरण (धारा 363) : सात साल कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड।
शव छिपाना : (धारा 201) : तीन वर्ष कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड।
नाबालिग से अपराध (पोक्सो एक्ट) : 14 साल का कठोर कारावास, 50 हजार रुपये अर्थदंड।
यह निर्णय समाज को नई दिशा देने का काम करेगा। आजकल समाज में जो धारणा बनी हुई है कि कोई भी अपराध कर लो, कुछ नहीं होता, ये समाप्त होगी और समाज में जागरुकता पैदा होगी। -बसंत गुप्ता, जिला शासकीय अधिवक्ता, फौजदारी।