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हेलो... हां भाई आज बाजार खुलेगा क्या ? जनता कर्फ्यू के बाद कुछ इस तरह दिखा सुहाग नगरी का हाल
Mon, 23 Mar 2020 03:46 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 23 Mar 2020 03:46 PM IST
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व्यापारियों ने खोली दुकानें
- फोटो : अमर उजाला
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हेलो... भैय्या मैं राम सिंह बोल रहा हूं... आज तो बाजार खुलेगा न। मैं अपनी दुकान खोलूं या नहीं। सुबह तक जनता कर्फ्यू था। पुलिस रोकेगी तो नहीं...। इस तरह से एक-दूसरे को पूछकर दुकानदारों ने सोमवार को अपनी दुकानों को खोला। एक की दुकान खुली देखकर दूसरे ने बाजार का माहौल समझकर दुकान खोलने पहुंच गया।
कोरोना वायरस को लेकर रविवार को जनता कर्फ्यू जिले में सफल रहा। पुलिस की टीमें चौराहों पर निगरानी करती रहीं। देर रात प्रदेश के कुछ जिलों में 25 मार्च तक लॉक डाउन कर दिया, लेकिन रोडवेज की बसों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया।
इसके कारण सुहागनगरी के दुकानदार भी सुबह तक भ्रम की स्थिति में थे। सुबह दुकान, प्रतिष्ठान खोलने से पूर्व एक-दूसरे को फोन करके स्थिति स्पष्ट अवश्य की। यह बात सुबह चाय, दूध, पान-मसाला, परचून की दुकान को करने वालों की थी। लेकिन समय नौ बजने के साथ बाजारों में चहल कदमी बढ़ी तो फिर बाजार खुलता चला गया। इस तरह से बाजार खुला। बाजार में दुकानें खुलीं तो फिर लोग जरूरत के सामान की खरीदारी करने को निकल पड़े।
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कोरोना वायरस को लेकर रविवार को जनता कर्फ्यू जिले में सफल रहा। पुलिस की टीमें चौराहों पर निगरानी करती रहीं। देर रात प्रदेश के कुछ जिलों में 25 मार्च तक लॉक डाउन कर दिया, लेकिन रोडवेज की बसों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया।
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इसके कारण सुहागनगरी के दुकानदार भी सुबह तक भ्रम की स्थिति में थे। सुबह दुकान, प्रतिष्ठान खोलने से पूर्व एक-दूसरे को फोन करके स्थिति स्पष्ट अवश्य की। यह बात सुबह चाय, दूध, पान-मसाला, परचून की दुकान को करने वालों की थी। लेकिन समय नौ बजने के साथ बाजारों में चहल कदमी बढ़ी तो फिर बाजार खुलता चला गया। इस तरह से बाजार खुला। बाजार में दुकानें खुलीं तो फिर लोग जरूरत के सामान की खरीदारी करने को निकल पड़े।
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दूध की दुकानों पर लगी रही भीड़
रविवार सुबह दूध नहीं मिला, इसलिए सुबह से ही लोग दूध की दुकानों पर पहुंच गए। दुकानदार से पहले ही कह दिया कि दूध दे देना। क्योंकि रविवार को तो विक्रेता दूध लेकर शहर में नहीं आए थे। दुकान से दूध लेने के बाद दूधिया भी आ गया तो लोगों ने राहत महसूस की।
रविवार सुबह दूध नहीं मिला, इसलिए सुबह से ही लोग दूध की दुकानों पर पहुंच गए। दुकानदार से पहले ही कह दिया कि दूध दे देना। क्योंकि रविवार को तो विक्रेता दूध लेकर शहर में नहीं आए थे। दुकान से दूध लेने के बाद दूधिया भी आ गया तो लोगों ने राहत महसूस की।