{"_id":"584465334f1c1bda63a864c1","slug":"jammer-engaged-in-central-jail-will-not-now-mobile","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेंट्रल जेल में लगे जैमर, अब नहीं चलेगा मोबाइल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेंट्रल जेल में लगे जैमर, अब नहीं चलेगा मोबाइल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
मोबाइल जैम करने के लिए जेल में लगाए गए हैं 11 टॉवर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेंट्रल जेल में जैमर लगाने का काम पूरा हो गया है। इसके लिए 11 मोबाइल टॉवर लगाए गए हैं। जैमर की जद में जेल का पूरा परिसर रखा गया है। अब कहीं भी मोबाइल फोन काम नहीं करेगा। साथ ही सुरक्षा के लिए कुछ और कदम उठाए गए हैं। मेटल डिटेक्टर मशीन बढ़ा दी गई है। अधिकारी रात में गश्त भी कर रहे हैं। यह सारी कवायद भोपाल और पंजाब की जेल ब्रेक की घटना के बाद की गई है।
इनमें सिर्फ जैमर लगाने का काम पहले से चल रहा था। यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड को इसका ठेका दिया गया था। हालांकि कुछ समय से जेल में मोबाइल के इस्तेमाल की शिकायतें नहीं आई। इससे पहले ऐसे मामले आते रहते थे। एक बार तो मोबाइल को लेकर हंगामा भी हुआ था।
वैसे कारागार विभाग ने सभी जेलों में मोबाइल जैमर लगाने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में कुछ जेलों को लिया गया है। इनमें आगरा सेंट्रल जेल भी शामिल है। इसके अतिरिक्त ही गेट पर मोबाइल डिटेक्टर मशीन लगाई गई है। गेट के अंदर जाने पर एक और मशीन से होकर गुजरना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पंजाब और मध्य प्रदेश में जेल ब्रेक की घटना केबाद डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ और जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। वाच टावर पर तैनात कर्मियों को अलर्ट किया गया। रात में अधिकारी भी गश्त कर रहे हैं। इस जेल में दो हजार कैदी हैं।
जिला जेल में शुरू नहीं हुआ काम
सेंट्रल जेल में जैमर लगाने का काम पूरा हो गया। जबकि जिला जेल में काम शुरू भी नहीं हो पाया है। यहां मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की शिकायतें कई बार आ चुकी हैं। इसी जेल के दो कैदी पेशी के दौरान कचहरी से भाग चुके हैं। इसकेबावजूद यहां जैमर लगाने पर शासन देरी कर रहा है।
विज्ञापन
इनमें सिर्फ जैमर लगाने का काम पहले से चल रहा था। यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड को इसका ठेका दिया गया था। हालांकि कुछ समय से जेल में मोबाइल के इस्तेमाल की शिकायतें नहीं आई। इससे पहले ऐसे मामले आते रहते थे। एक बार तो मोबाइल को लेकर हंगामा भी हुआ था।
विज्ञापन
वैसे कारागार विभाग ने सभी जेलों में मोबाइल जैमर लगाने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में कुछ जेलों को लिया गया है। इनमें आगरा सेंट्रल जेल भी शामिल है। इसके अतिरिक्त ही गेट पर मोबाइल डिटेक्टर मशीन लगाई गई है। गेट के अंदर जाने पर एक और मशीन से होकर गुजरना पड़ रहा है।
विज्ञापन
पंजाब और मध्य प्रदेश में जेल ब्रेक की घटना केबाद डीआईजी जेल शरद कुलश्रेष्ठ और जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। वाच टावर पर तैनात कर्मियों को अलर्ट किया गया। रात में अधिकारी भी गश्त कर रहे हैं। इस जेल में दो हजार कैदी हैं।
जिला जेल में शुरू नहीं हुआ काम
सेंट्रल जेल में जैमर लगाने का काम पूरा हो गया। जबकि जिला जेल में काम शुरू भी नहीं हो पाया है। यहां मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की शिकायतें कई बार आ चुकी हैं। इसी जेल के दो कैदी पेशी के दौरान कचहरी से भाग चुके हैं। इसकेबावजूद यहां जैमर लगाने पर शासन देरी कर रहा है।