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Agra News: किसानों को दी जल संचयन और योजनाओं की जानकारी
Tue, 18 Jul 2023 06:45 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 18 Jul 2023 06:45 PM IST
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किसानों को दी जल संचयन और योजनाओं की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 95 वें स्थापना दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कृषकों एवं महिला कृषकों को विभिन्न योजनाओं एवं विकसित तकनीकों की जानकारी दी गई।
मंगलवार को समापन के दिन आरआर भास्कर नोडल अधिकारी भूगर्भ जल विभाग द्वारा वर्षा जल संचयन, जल की बचत तथा रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अपनाकर भूगर्भ जल के स्तर को ऊपर लाने की जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार द्वारा प्लास्टिक के द्वारा उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण का मानव समाज एवं फसल पर प्रभाव की जानकारी दी।
वैज्ञानिक उद्यान डॉ. विकास रंजन चौधरी ने कृषकों को जल की महत्ता समझाते हुए जल संरक्षण, खेत तालाब योजना, बागवानी एवं सामाजिक वानिकी के पौधों को खाली पड़ी जमीनों पर वृक्षारोपण की जानकारी दी। डॉ. आकांक्षा चौधरी ने ग्रामीण महिलाओं को श्रीअन्न या मोटे अनाज तथा पोषक वाटिका की जानकारी दी।
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नरेंद्र कुमार वर्मा वैज्ञानिक मौसम विज्ञान ने कहा कि यदि वर्षा का चक्र निश्चित नहीं रहेगा तो वर्षा जल का असमान वितरण कृषि के लिए गंभीर संकट बन सकता है। कृषकों को विभिन्न फलदार वृक्षों आंवला, बेल, अमरूद, अनार, नीबू तथा हरा चारा के लिए नेपियर घास के पौधों का वितरण किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 95 वें स्थापना दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कृषकों एवं महिला कृषकों को विभिन्न योजनाओं एवं विकसित तकनीकों की जानकारी दी गई।
मंगलवार को समापन के दिन आरआर भास्कर नोडल अधिकारी भूगर्भ जल विभाग द्वारा वर्षा जल संचयन, जल की बचत तथा रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अपनाकर भूगर्भ जल के स्तर को ऊपर लाने की जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार द्वारा प्लास्टिक के द्वारा उत्पन्न पर्यावरण प्रदूषण का मानव समाज एवं फसल पर प्रभाव की जानकारी दी।
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वैज्ञानिक उद्यान डॉ. विकास रंजन चौधरी ने कृषकों को जल की महत्ता समझाते हुए जल संरक्षण, खेत तालाब योजना, बागवानी एवं सामाजिक वानिकी के पौधों को खाली पड़ी जमीनों पर वृक्षारोपण की जानकारी दी। डॉ. आकांक्षा चौधरी ने ग्रामीण महिलाओं को श्रीअन्न या मोटे अनाज तथा पोषक वाटिका की जानकारी दी।
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नरेंद्र कुमार वर्मा वैज्ञानिक मौसम विज्ञान ने कहा कि यदि वर्षा का चक्र निश्चित नहीं रहेगा तो वर्षा जल का असमान वितरण कृषि के लिए गंभीर संकट बन सकता है। कृषकों को विभिन्न फलदार वृक्षों आंवला, बेल, अमरूद, अनार, नीबू तथा हरा चारा के लिए नेपियर घास के पौधों का वितरण किया गया।