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भारतीय रेलवे के इस कदम से आगरा को हो जाएगा बड़ा नुकसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 15 Feb 2018 06:45 PM IST
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गतिमान एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
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भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस के झांसी तक विस्तार होने से आगरा के यात्रियों को नुकसान ज्यादा होगा और फायदे कम। आगरा के पर्यटन को इससे धक्का लगेगा, क्योंकि अब आगरा में इस गाड़ी की सीटें आसानी से नहीं मिल सकेंगी।
विस्तार होने के बाद यहां का कोटा कम हो जाएगा। लोगों का कहना है कि कहीं इसका हश्र भी ताज एक्सप्रेस जैसा नहीं हो जाए। गाड़ी का विस्तार एक अप्रैल से शुरू हो सकता है।
हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से आगरा कैंट तक देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस का संचालन पांच अप्रैल 2016 को शुरू किया गया था। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस दिल्ली से आगरा के बीच की दूरी को महज 100 मिनट में पूरा करती है।
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रेल परामर्शदात्री के सदस्य राजकुमार शर्मा, पर्यटन व्यवसायी राकेश चौहान का कहना है कि ताज एक्सप्रेस का संचालन भी पहले दिल्ली से आगरा के बीच ही शुरू हुआ था। बाद में इसे ग्वालियर और फिर झांसी तक कर दिया गया।
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विस्तार होने के बाद यहां का कोटा कम हो जाएगा। लोगों का कहना है कि कहीं इसका हश्र भी ताज एक्सप्रेस जैसा नहीं हो जाए। गाड़ी का विस्तार एक अप्रैल से शुरू हो सकता है।
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हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से आगरा कैंट तक देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस का संचालन पांच अप्रैल 2016 को शुरू किया गया था। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस दिल्ली से आगरा के बीच की दूरी को महज 100 मिनट में पूरा करती है।
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रेल परामर्शदात्री के सदस्य राजकुमार शर्मा, पर्यटन व्यवसायी राकेश चौहान का कहना है कि ताज एक्सप्रेस का संचालन भी पहले दिल्ली से आगरा के बीच ही शुरू हुआ था। बाद में इसे ग्वालियर और फिर झांसी तक कर दिया गया।
गतिमान एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
शुरुआत में दिल्ली से आने वाले पर्यटक इसी ट्रेन को पसंद करते थे, अब इस गाड़ी की दशा खराब हो चुकी है। हर बुधवार को निरस्त कर दी जाती है। अक्सर घंटों की देरी से चलती है। विस्तार के बाद गतिमान की लेटलतीफी भी बढ़ सकती है।
दूसरा बड़ा नुकसान इस गाड़ी में आसानी से कोटा नहीं मिलने का होगा। ग्वालियर और झांसी के स्टापेज बढ़ने से दोनों स्थानों का कोटा भी लगेगा। ऐसे में आगरा का कोटा कम हो जाएगा।
इससे इस गाड़ी में आगरा से आसानी से सीटें मिलने की सुविधा भी दूर हो जाएगी। ट्रेन में दी जाने वाली सुविधाएं भी कम हो गई हैं। ऐसे में मोटा किराया देकर यात्रा करने वाले यात्रियों का ट्रेन से मोह भंग ही होगा।
दूसरा बड़ा नुकसान इस गाड़ी में आसानी से कोटा नहीं मिलने का होगा। ग्वालियर और झांसी के स्टापेज बढ़ने से दोनों स्थानों का कोटा भी लगेगा। ऐसे में आगरा का कोटा कम हो जाएगा।
इससे इस गाड़ी में आगरा से आसानी से सीटें मिलने की सुविधा भी दूर हो जाएगी। ट्रेन में दी जाने वाली सुविधाएं भी कम हो गई हैं। ऐसे में मोटा किराया देकर यात्रा करने वाले यात्रियों का ट्रेन से मोह भंग ही होगा।
आगरा-झांसी के बीच बाउंड्रीवाल नहीं
आगरा। दिल्ली से आगरा के बीच गतिमान के संचालन के वक्त विशेष सतर्कता बरती जाती है ताकि कैटल रन ओवर नहीं हो सके। इसके बाद भी अक्सर हादसे होते हैं। झांसी तक के रूट की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा है। ऐसे में आगरा से झांसी के बीच गतिमान की रफ्तार आम सुपरफास्ट ट्रेनों की तरह रहेगी।