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शिवपाल के करीबी इंजीनियर के पास अरबों की अकूत संपत्ति, डायरी में बड़े-बड़े नाम
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 11 Nov 2017 08:59 AM IST
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अायकर छापा
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी में सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश्वर सिंह यादव के घर और ससुराल समेत छह ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई में अरबों की अकूत संपत्ति सामने आई है। घर से मिली डायरियों में कई बड़े-बड़े नाम हैं, जिनके सामने आते ही कई का भंडाफोड़ हो सकता है।
सपा नेता शिवपाल सिंह यादव के बेहद करीबी सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने शुक्रवार सुबह सात बजे ही एक साथ कई शहरों में छापा मारा।
इसमें आगरा में 650 गज में निर्मित ओ-6 लॉयर्स कालोनी स्थित कोठी, शिवालिक अपार्टमेंट में उनकी ससुराल, भगवान टाकीज पर आरजीपीजी ग्रुप आफिस, नेहरू नगर स्थित सीए मनीष गोयल, विजय नगर में घनश्याम गुप्ता और चर्च रोड के कॉमर्शियल कांप्लेक्स पर सुबह एक साथ कार्रवाई शुरू की गई।
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आयकर विभाग के 55 अधिकारियों ने दस्तावेज खंगाले। घर से कई बेनामी संपत्तियों के सबूत हाथ लगे हैं। आगरा के साथ मथुरा में तैनाती के दौरान राजेश्वर ने भारी रकम जमीन और फ्लैट में निवेश की थी।
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सपा नेता शिवपाल सिंह यादव के बेहद करीबी सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव पर आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने शुक्रवार सुबह सात बजे ही एक साथ कई शहरों में छापा मारा।
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इसमें आगरा में 650 गज में निर्मित ओ-6 लॉयर्स कालोनी स्थित कोठी, शिवालिक अपार्टमेंट में उनकी ससुराल, भगवान टाकीज पर आरजीपीजी ग्रुप आफिस, नेहरू नगर स्थित सीए मनीष गोयल, विजय नगर में घनश्याम गुप्ता और चर्च रोड के कॉमर्शियल कांप्लेक्स पर सुबह एक साथ कार्रवाई शुरू की गई।
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आयकर विभाग के 55 अधिकारियों ने दस्तावेज खंगाले। घर से कई बेनामी संपत्तियों के सबूत हाथ लगे हैं। आगरा के साथ मथुरा में तैनाती के दौरान राजेश्वर ने भारी रकम जमीन और फ्लैट में निवेश की थी।
अायकर छापा
- फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक मथुरा में भी कई बेनामी संपत्तियों के होने का अनुमान है। कागजातों की जांच के बाद चार-पांच जगह लिंक सर्वे भी हो सकता है।
राजेश्वर ने सबसे पहले एटा में श्रृंगार नगर चौराहे पर पुराने पाठक होटल से सटी इमारत को तोड़कर कॉमर्शियल कांप्लेक्स बनवाया और उसके बाद होटल का निर्माण किया। एटा से निकलकर आगरा में एक्सप्रेस-वे और इनर रिंग रोड के पास खेत खरीदे।
सूत्रों के मुताबिक करीब 80 बीघा खेत उसने आगरा और आसपास बेनामी खरीद रखे हैं। आगरा में विभिन्न बैंकों में मौजूद दर्जनभर लॉकरों को सील कराया गया है।
राजेश्वर ने सबसे पहले एटा में श्रृंगार नगर चौराहे पर पुराने पाठक होटल से सटी इमारत को तोड़कर कॉमर्शियल कांप्लेक्स बनवाया और उसके बाद होटल का निर्माण किया। एटा से निकलकर आगरा में एक्सप्रेस-वे और इनर रिंग रोड के पास खेत खरीदे।
सूत्रों के मुताबिक करीब 80 बीघा खेत उसने आगरा और आसपास बेनामी खरीद रखे हैं। आगरा में विभिन्न बैंकों में मौजूद दर्जनभर लॉकरों को सील कराया गया है।
सिंचाई विभाग में हुआ बंदरबांट
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- फोटो : अमर उजाला
सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव के पास से जो दस्तावेज मिले हैं, उसमें सिंचाई विभाग के आधा दर्जन इंजीनियर भी फंस सकते हैं। राजेश्वर की डायरी में आगरा में तैनात रह चुके कई इंजीनियरों के नाम है, जिनके बीच रिश्वत का भारी बंदरबांट किया गया था।
इनमें से एक इंजीनियर अपने पारिवारिक कारणों से तो दूसरे कैनाल घोटाले में चर्चित रह चुके हैं। राजेश्वर के कार्यकाल में काम कर चुके अभियंताओं में आयकर कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
इनमें से एक इंजीनियर अपने पारिवारिक कारणों से तो दूसरे कैनाल घोटाले में चर्चित रह चुके हैं। राजेश्वर के कार्यकाल में काम कर चुके अभियंताओं में आयकर कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
आगरा में तीन बार रहा है तैनात
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- फोटो : अमर उजाला
अरबों की अकूत संपत्ति अर्जित करने वाले सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव तीन बार आगरा में तैनात रहे हैं। 1978, 1989 और 1998 में वह सिंचाई विभाग के अलग-अलग कार्यालयों में जिम्मेदारी संभालते रहे।
इन दिनों ओखला हेड वर्क्स और सब डिवीजन भी आगरा का ही हिस्सा है। यहां तैनाती के दौरान ही इंजीनियर ने लायर्स कालोनी के ओ-ब्लॉक में 650 वर्ग गज जमीन पर कोठी बनवाई। दो मंजिला भव्य कोठी में हाल में ही बदलाव किया गया है।
इन दिनों ओखला हेड वर्क्स और सब डिवीजन भी आगरा का ही हिस्सा है। यहां तैनाती के दौरान ही इंजीनियर ने लायर्स कालोनी के ओ-ब्लॉक में 650 वर्ग गज जमीन पर कोठी बनवाई। दो मंजिला भव्य कोठी में हाल में ही बदलाव किया गया है।