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अधिकारी क्षेत्र में होते तो जरूर खुलतीं दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Sat, 09 Apr 2016 02:36 AM IST
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अधिकारी क्षेत्र में होते तो जरूर खुलतीं दुकानें
- फोटो : अमर उजाला
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी राशन वितरण व्यवस्था नहीं सुधरी। राशन के लिए कार्ड धारकों को कई बार उचित दर की दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निर्धारित तिथि और समय पर दुकानें खुल नहीं रही हैं।
शुक्रवार को माह के दूसरे वितरण दिवस पर अमर उजाला की टीम लोहामंडी, शाहगंज और पंचकुइयां क्षेत्र की कुछ राशन दुकानों का हाल देखने पहुंची। दोपहर 12 से एक बजे के बीच सारी दुकानों पर ताला लटका मिला। वितरण दिवसों पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इनको सुनिश्चित कराना होता है कि दुकानें नियमानुसार खुल रही हैं और सभी कार्ड धारकों को राशन, मिट्टी का तेल, चीनी मिल रही है। पर्यवेक्षक अधिकारी क्षेत्र में होते तो दुकानें जरूर खुलतीं। वितरण दिवस पर दुकानों के खुलने को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूर्ति विभाग के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नहीं निभा रहे हैं।
वितरण दिवस पर उचित दर की दुकानों के बंद होने का मामला गंभीर है। जो दुकानें वितरण दिवस पर बंद रहीं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पर्यवेक्षण अधिकारियों की रिपोर्ट संबंधित विभाग को दी जाएगी।
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- राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
राशन वितरण की ये है व्यवस्था
हर माह में राशन वितरण के लिए 05, 08, 12, 16 और 21 तारीख निर्धारित है। रविवार और अन्य अवकाश का दिन पड़ने पर भी राशन वितरण की तिथि में परिवर्तन की व्यवस्था नहीं है।
इनका तो यही हाल है
कुछ दुकानों के आसपास मौजूद लोगों से पूछा गया तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दुकानदार मनमानी करते हैं। जब मन करता है दुकानें खोलते हैं, लोगों को सूचित भी नहीं करते। जो पहुंच गया, उसे राशन देते हैं। बाकी राशन के लिए परेशान होते हैं।
उचित दर दुकान समय (दोपहर) स्थिति
कन्हैयालाल धाकरे, पंचकुइयां 12:20 बजे बंद मिली
लीलाधर कर्दम, भोगीपुरा 12:30 बजे बंद मिली
जगदीश प्रसाद, राजनगर, लोहामंडी 12:45 बजे बंद मिली
गुलाब चंद्र, नया बांस, लोहामंडी 12:48 बजे बंद मिली
शांति देवी, पुल छिंगा मोदी, लोहामंडी 12:51 बजे बंद मिली
यूनिटें बढ़ीं, आवंटन कम
दुकानदार अधिकारियों को बता रहे समस्या, निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में दिक्कत
आगरा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में पात्र गृहस्थियों के राशन कार्ड और यूनिटों के हिसाब से राशन (गेहूं-चावल) का आवंटन नहीं किया जा रहा है। इससे कार्ड धारकों को उनका पूरा हक नहीं मिल रहा। उचित दर की दुकानों के संचालक भी शिकायत कर रहे हैं कि कम राशन देेने पर कार्डधारक नाराज हो रहे हैं।
अधिनियम एक जनवरी 2016 को लागू हुआ। उस समय कार्ड धारकों की संख्या 5,96,344 थी। अब यह संख्या 6,98,510 हो चुकी है। वहीं यूनिटों की संख्या 31,54,131 है। प्रति यूनिट 3.5 किलोग्राम गेहूं और 1.5 किलोग्राम चावल, कार्ड धारकों को मिलना चाहिए। कार्डों और यूनिटों के अनुसार अप्रैल में गेहूं और चावल का कुल आवंटन 15,770 मीट्रिक टन होना चाहिए, जबकि एलाटमेंट महज 15,281 मीट्रिक टन किया गया। फरवरी से अप्रैल तक जरूरत के अनुसार जिले को राशन नहीं दिया गया है।
एक नजर इन आंकड़ों पर
5,96,344 पात्र, अधिनियम की पहली सूची में थे
57,948 अपात्रों के कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं
1,42,542 नए कार्ड जनवरी से अब तक जारी हुए
6,98,510 राशन कार्ड धारक वर्तमान में हैं जिले में
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शुक्रवार को माह के दूसरे वितरण दिवस पर अमर उजाला की टीम लोहामंडी, शाहगंज और पंचकुइयां क्षेत्र की कुछ राशन दुकानों का हाल देखने पहुंची। दोपहर 12 से एक बजे के बीच सारी दुकानों पर ताला लटका मिला। वितरण दिवसों पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। इनको सुनिश्चित कराना होता है कि दुकानें नियमानुसार खुल रही हैं और सभी कार्ड धारकों को राशन, मिट्टी का तेल, चीनी मिल रही है। पर्यवेक्षक अधिकारी क्षेत्र में होते तो दुकानें जरूर खुलतीं। वितरण दिवस पर दुकानों के खुलने को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूर्ति विभाग के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नहीं निभा रहे हैं।
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वितरण दिवस पर उचित दर की दुकानों के बंद होने का मामला गंभीर है। जो दुकानें वितरण दिवस पर बंद रहीं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पर्यवेक्षण अधिकारियों की रिपोर्ट संबंधित विभाग को दी जाएगी।
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- राकेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
राशन वितरण की ये है व्यवस्था
हर माह में राशन वितरण के लिए 05, 08, 12, 16 और 21 तारीख निर्धारित है। रविवार और अन्य अवकाश का दिन पड़ने पर भी राशन वितरण की तिथि में परिवर्तन की व्यवस्था नहीं है।
इनका तो यही हाल है
कुछ दुकानों के आसपास मौजूद लोगों से पूछा गया तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दुकानदार मनमानी करते हैं। जब मन करता है दुकानें खोलते हैं, लोगों को सूचित भी नहीं करते। जो पहुंच गया, उसे राशन देते हैं। बाकी राशन के लिए परेशान होते हैं।
उचित दर दुकान समय (दोपहर) स्थिति
कन्हैयालाल धाकरे, पंचकुइयां 12:20 बजे बंद मिली
लीलाधर कर्दम, भोगीपुरा 12:30 बजे बंद मिली
जगदीश प्रसाद, राजनगर, लोहामंडी 12:45 बजे बंद मिली
गुलाब चंद्र, नया बांस, लोहामंडी 12:48 बजे बंद मिली
शांति देवी, पुल छिंगा मोदी, लोहामंडी 12:51 बजे बंद मिली
यूनिटें बढ़ीं, आवंटन कम
दुकानदार अधिकारियों को बता रहे समस्या, निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में दिक्कत
आगरा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में पात्र गृहस्थियों के राशन कार्ड और यूनिटों के हिसाब से राशन (गेहूं-चावल) का आवंटन नहीं किया जा रहा है। इससे कार्ड धारकों को उनका पूरा हक नहीं मिल रहा। उचित दर की दुकानों के संचालक भी शिकायत कर रहे हैं कि कम राशन देेने पर कार्डधारक नाराज हो रहे हैं।
अधिनियम एक जनवरी 2016 को लागू हुआ। उस समय कार्ड धारकों की संख्या 5,96,344 थी। अब यह संख्या 6,98,510 हो चुकी है। वहीं यूनिटों की संख्या 31,54,131 है। प्रति यूनिट 3.5 किलोग्राम गेहूं और 1.5 किलोग्राम चावल, कार्ड धारकों को मिलना चाहिए। कार्डों और यूनिटों के अनुसार अप्रैल में गेहूं और चावल का कुल आवंटन 15,770 मीट्रिक टन होना चाहिए, जबकि एलाटमेंट महज 15,281 मीट्रिक टन किया गया। फरवरी से अप्रैल तक जरूरत के अनुसार जिले को राशन नहीं दिया गया है।
एक नजर इन आंकड़ों पर
5,96,344 पात्र, अधिनियम की पहली सूची में थे
57,948 अपात्रों के कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं
1,42,542 नए कार्ड जनवरी से अब तक जारी हुए
6,98,510 राशन कार्ड धारक वर्तमान में हैं जिले में