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ऐसे तो सप्ताह में महज एक ही दिन पढ़ पाएंगे परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी!, जानिए क्या है कारण
Wed, 03 Mar 2021 05:10 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 03 Mar 2021 05:10 PM IST
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प्राथमिक विद्यालय का फाइल फोटो
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परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी चालू सत्र में चार दिन ही पढ़ पाएंगे। इन्हें रोस्टर से बुलाया जा रहा है। एक विद्यार्थी को सप्ताह में एक दिन ही विद्यालय जाना है। अप्रैल में नया सत्र शुरू हो जाएगा। ऐसे में मार्च के चार सप्ताह में विद्यार्थी एक-एक दिन विद्यालय जा पाएंगे जबकि पाठ्यक्रम पूरे साल का पढ़ना है। जिन विद्यार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं है, वे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पाए है।
प्राथमिक विद्यालय बुढ़ान सैयद के प्रधानाध्यापक व यूटा के जिला महामंत्री राजीव वर्मा का कहना है कि सत्र के शुरूआत से ही जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन थे, उनको ऑनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। ये 10 से 15 फीसदी ही हैं। भेजी गई पाठ्य सामग्री को भी कई विद्यार्थियों ने ठीक से पढ़ा नहीं है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम शुरूआत से पढ़ाया जा रहा है, जिससे वह समझ सकें। कक्षा एक से आठ तक जिले में करीब 2.41 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण है।
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कंपोजिट विद्यालय, जगदीशपुरा की प्रधानाध्यापिका कीर्ति दुबे का कहना है कि सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थी को हफ्ते में दो दिन ही बुलाना है, वह भी 50 फीसदी को ही। इस तरह से हफ्ते में एक कक्षा के विद्यार्थी को एक ही दिन स्कूल आना है। विद्यार्थियों के पढ़ाई का स्तर बहुत ही निम्न है। इनको पूरे पाठ्यक्रम को नए सिरे से पढ़ाने की जरूरत है। मार्च में सत्र संपन्न हुआ तो कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी को पूरे माह चार से पांच दिन ही पढ़ने का मौका मिलेगा।
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प्राथमिक विद्यालय बुढ़ान सैयद के प्रधानाध्यापक व यूटा के जिला महामंत्री राजीव वर्मा का कहना है कि सत्र के शुरूआत से ही जिन विद्यार्थियों के पास स्मार्ट फोन थे, उनको ऑनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई गई। ये 10 से 15 फीसदी ही हैं। भेजी गई पाठ्य सामग्री को भी कई विद्यार्थियों ने ठीक से पढ़ा नहीं है। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम शुरूआत से पढ़ाया जा रहा है, जिससे वह समझ सकें। कक्षा एक से आठ तक जिले में करीब 2.41 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण है।
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रोस्टर के आधार पर हो रहा कक्षाओं का संचालन
शासन के आदेशानुसार रोस्टर के आधार पर कक्षाओं का संचालन कराया जा रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कूल न आने से प्रभावित जरूर हुई है। सत्र की अवधि बढ़ाने के संबंध में निर्णय शासन स्तर से ही लिया जाना है। - राजीव कुमार यादव, बीएसए
‘सत्र की अवधि बढ़ाने पर ही विद्यार्थियों का स्तर सुधरेगा’
कंपोजिट विद्यालय नगला रामबल के प्रधानाध्यापक संजीव शर्मा का कहना है कि विद्यालय में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। उनके पास मोबाइल नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पाए हैं। सभी विषयों को पहले अध्याय से पढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थी रोज नहीं आ रहे हैं। सरकार को सत्र की अवधि मार्च से बढ़ाकर जुलाई या अगस्त तक ले जानी चाहिए। जिससे विद्यार्थी पाठ्यक्रम को पढ़ सकें। अभी परीक्षा कराना भी ठीक नहीं है। कंपोजिट विद्यालय, गुड़ की मंडी की सहायक अध्यापिका रश्मि का कहना है कि विद्यार्थियों को भौतिक रूप से संबंधित कक्षाओं में पढ़ने के लिए कुछ और समय दिया जाना चाहिए।
शासन के आदेशानुसार रोस्टर के आधार पर कक्षाओं का संचालन कराया जा रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कूल न आने से प्रभावित जरूर हुई है। सत्र की अवधि बढ़ाने के संबंध में निर्णय शासन स्तर से ही लिया जाना है। - राजीव कुमार यादव, बीएसए
‘सत्र की अवधि बढ़ाने पर ही विद्यार्थियों का स्तर सुधरेगा’
कंपोजिट विद्यालय नगला रामबल के प्रधानाध्यापक संजीव शर्मा का कहना है कि विद्यालय में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। उनके पास मोबाइल नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पाए हैं। सभी विषयों को पहले अध्याय से पढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थी रोज नहीं आ रहे हैं। सरकार को सत्र की अवधि मार्च से बढ़ाकर जुलाई या अगस्त तक ले जानी चाहिए। जिससे विद्यार्थी पाठ्यक्रम को पढ़ सकें। अभी परीक्षा कराना भी ठीक नहीं है। कंपोजिट विद्यालय, गुड़ की मंडी की सहायक अध्यापिका रश्मि का कहना है कि विद्यार्थियों को भौतिक रूप से संबंधित कक्षाओं में पढ़ने के लिए कुछ और समय दिया जाना चाहिए।