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कुरबानी के लिए बकरों की खरीदफरोख्त तेज, इस नस्ल की ज्यादा डिमांड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:38 AM IST
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हींग की मंडी में बकरा की खरीददारी करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में ईद-उल-जुहा का चांद दिखते ही कुरबानी के लिए बकरों की खरीदफरोख्त का सिलसिला तेज हो गया है। हींग की मंडी, सदर भट्ठी और नमक की मंडी में बकरों की बिक्री के लिए रात में मंडियां लगाई जा रही हैं।
पशु व्यापारी कई नस्लों के बकरों को लेकर आ रहे हैं। अभी तक बकरों की कीमतें ज्यादा हैं। फिलहाल बकरा की 15 से 80 हजार रुपये तक की कीमतें लगाई जा रही हैं। बरबरा नस्ल के बकरे की खासी डिमांड है।
मंटोला के हींग की मंडी, नमक की मंडी की बकरा मंडी में धौलपुर, भरतपुर, सैंया, एत्मादपुर, इरादतनगर, जगनेर और फिरोजाबाद से व्यापारी आ रहे हैं। मंडी में कुछ लोग अपने बकरे के ऊपर मजहबी बातों का लिखा हुआ बताकर ज्यादा कीमत मांग रहे हैं।
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पशु व्यापारी कई नस्लों के बकरों को लेकर आ रहे हैं। अभी तक बकरों की कीमतें ज्यादा हैं। फिलहाल बकरा की 15 से 80 हजार रुपये तक की कीमतें लगाई जा रही हैं। बरबरा नस्ल के बकरे की खासी डिमांड है।
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मंटोला के हींग की मंडी, नमक की मंडी की बकरा मंडी में धौलपुर, भरतपुर, सैंया, एत्मादपुर, इरादतनगर, जगनेर और फिरोजाबाद से व्यापारी आ रहे हैं। मंडी में कुछ लोग अपने बकरे के ऊपर मजहबी बातों का लिखा हुआ बताकर ज्यादा कीमत मांग रहे हैं।
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इस दफा बकरों की कीमत ज्यादा
हालांकि अब ज्यादातर खरीदार विक्रेता इस तरह की बातों में नहीं फंसते हैं। वो बकरे की नस्ल, उसके वजन और स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहे हैं। बकरों की खरीद शुरू होने के कारण मंटोला स्थित पशु चिकित्सालय में बकरों का चेकअप कराने वालों की तादाद में बढ़ोतरी हुई है।
हिमायुं कुरैशी का कहना है कि इस दफा अभी तक बकरों की कीमतें काफी ज्यादा हैं। त्योहार के नजदीक आने पर वैराइटी ज्यादा मिलेगी। कुरबानी देने के लिए लोग बकरों को ईद से कम से कम दो सप्ताह पहले खरीदना पसंद करते हैं ताकि उनकी खिलाई पिलाई कराई जा सके।
मंडी में अभी तक बरबरा और जमुनापरी बकरें आ रहे हैं। कीमतें 15 से लेकर 30 और 50 हजार तक की हैं। वहीं रहमान अख्तर का कहना है कि अभी मंडी में बकरों की अच्छी किस्में नहीं आई हैं। वो दिल्ली से बकरा लेकर आए हैं।
इन नस्लों की बिक्री
बकरे भी एक से बढ़कर एक नस्ल के हैं, इनमें तोतापरी, जमनापरी, बरबरा और अलबेरी को उम्दा नस्ल माना जाता है। फिलहाल बरबरा नस्ल के बकरे की कीमतें सबसे ज्यादा हैं। राजस्थान के व्यापारी मोहम्मद नासिर ने बताया कि कई नस्ल के बकरे हैं, लेकिन कुरबानी के लिहाज से दो दांत और चार दांत वाले बकरों की खरीद होती है।
हिमायुं कुरैशी का कहना है कि इस दफा अभी तक बकरों की कीमतें काफी ज्यादा हैं। त्योहार के नजदीक आने पर वैराइटी ज्यादा मिलेगी। कुरबानी देने के लिए लोग बकरों को ईद से कम से कम दो सप्ताह पहले खरीदना पसंद करते हैं ताकि उनकी खिलाई पिलाई कराई जा सके।
मंडी में अभी तक बरबरा और जमुनापरी बकरें आ रहे हैं। कीमतें 15 से लेकर 30 और 50 हजार तक की हैं। वहीं रहमान अख्तर का कहना है कि अभी मंडी में बकरों की अच्छी किस्में नहीं आई हैं। वो दिल्ली से बकरा लेकर आए हैं।
इन नस्लों की बिक्री
बकरे भी एक से बढ़कर एक नस्ल के हैं, इनमें तोतापरी, जमनापरी, बरबरा और अलबेरी को उम्दा नस्ल माना जाता है। फिलहाल बरबरा नस्ल के बकरे की कीमतें सबसे ज्यादा हैं। राजस्थान के व्यापारी मोहम्मद नासिर ने बताया कि कई नस्ल के बकरे हैं, लेकिन कुरबानी के लिहाज से दो दांत और चार दांत वाले बकरों की खरीद होती है।
ईद की नमाज का वक्त मुकर्रर
- ईदगाह मस्जिद - 7.00 बजे
- जामा मस्जिद - 7.30 बजे
- अकबरी मस्जिद - 8.00 बजे
- मस्जिद मौतवद खां - 8.30 बजे
- ताजमहल मस्जिद - 9.00 बजे
- मस्जिद जाल - 9.00 बजे
- शाही मस्जिद लोहामंडी - 9.30 बजे
- शाही मस्जिद कलां - 9.00 बजे
- ऊंची मस्जिद - 9.30 बजे
- सुल्तान परवेज - 9.30 बजे
- पीर जालानी - 9.00 बजे
- जमुनापार मस्जिद - 9.45 बजे
- नूरी मस्जिद - 10.00 बजे
- मस्जिद घटिया आजम - 9.00 बजे
- राजा मंडी मस्जिद - 7.30 बजे