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घर जाने की जल्दी में महिला सिपाहियों ने 10 मिनट पहले बंद किए जन्मस्थान के द्वार
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 25 Aug 2017 10:01 PM IST
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान
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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान का मुख्य द्वार गुरुवार की रात को दस मिनट पहले ही बंद कर दिया गया था। यह वह द्वार था जहां से महिला श्रद्धालु मंदिर में जाने को प्रवेश करती हैं। रात साढ़े नौ बजे तक गर्भग्रह, भागवत भवन, केशवदेव के दर्शन खुलते हैं।
दो महिला आरक्षी मुख्य द्वार का एक गेट 9:20 बजे बंद करके घरों को चली गईं। हालांकि इन दोनों के बारे में कंट्रोल से पूछा जाता रहा मगर कोई लोकेशन नहीं मिली। दोनों के खिलाफ जीडी में तस्करा डलवा दिया गया है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान के दर्शन के लिए हर रोज लाखों भक्त आते हैं। महिला श्रद्धालुओं की संख्या कहीं ज्यादा होती है। जन्मस्थान पर प्रवेश के दो अलग-अलग गेट हैं। पुरुषों के प्रवेश के लिए अलग द्वार है जबकि महिलाओं के लिए अलग। हर द्वार से भक्तों को चेकिंग करने के बाद ही गुजारा जाता है।
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गुरुवार की रात को भी जन्मभूमि के दर्शन को भक्तों की भारी भीड़ थी। रात को 9:20 बजे पर उस वक्त हल्ला मचा जब महिलाओं का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया। कुछ महिलाओं ने इसकी शिकायत यहां मौजूद पुलिस अधिकारियों से कर दी।
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दो महिला आरक्षी मुख्य द्वार का एक गेट 9:20 बजे बंद करके घरों को चली गईं। हालांकि इन दोनों के बारे में कंट्रोल से पूछा जाता रहा मगर कोई लोकेशन नहीं मिली। दोनों के खिलाफ जीडी में तस्करा डलवा दिया गया है।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान के दर्शन के लिए हर रोज लाखों भक्त आते हैं। महिला श्रद्धालुओं की संख्या कहीं ज्यादा होती है। जन्मस्थान पर प्रवेश के दो अलग-अलग गेट हैं। पुरुषों के प्रवेश के लिए अलग द्वार है जबकि महिलाओं के लिए अलग। हर द्वार से भक्तों को चेकिंग करने के बाद ही गुजारा जाता है।
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गुरुवार की रात को भी जन्मभूमि के दर्शन को भक्तों की भारी भीड़ थी। रात को 9:20 बजे पर उस वक्त हल्ला मचा जब महिलाओं का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया। कुछ महिलाओं ने इसकी शिकायत यहां मौजूद पुलिस अधिकारियों से कर दी।
जीडी में डाला तस्करा
तत्काल महिला प्रवेश गेट पर मौजूद महिला आरक्षियों के बारे में जानकारी की गई तो पता चला कि वह तो घर के लिए जा चुकी हैं। यहां तैनात अनुराग दीक्षित ने बताया कि दोनों महिला कांस्टेबिलों की लापरवाही मानते हुए उनके खिलाफ जीडी में तस्करा डलवा दिया गया है। बताया जाता है कि गुरुवार की रात को सैकड़ों महिलाएं बगैर भगवान के दर्शन के ही लौट गई थीं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि रात को साढ़े नौ बजे तक भगवान के दर्शन खुलते हैं।