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एक साल बाद भी हरिपदी के घाट को नहीं मिल पाई खूबसूरती
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कासगंज के सोरों में अधूरा पड़ा हरिपदी गंगा का नागालैंड घाट
- फोटो : KASGANJ
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सोरों(कासगंज)। उत्तर भारत की प्रसिद्ध तीर्थनगरी सोरों के हरिपदी के नागालैंड घाट को खूबसूरती नहीं मिल पा रही है। स्वीकृत बजट और पर्याप्त धनराशि होने के बाबजूद भी अधूरे पड़े घाट का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। एक साल पहले दिसंबर माह में शुरू हुआ काम अधर में लटका है। इस माह कई महत्वपूर्ण स्नान पर्व हैं। पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अपूर्ण पड़े घाटों पर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
वर्ष 2019 के दिसंबर माह में हरिपदी गंगा के नागालैंड घाट पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। घाट पर निर्माण के काम की स्वीकृति 20 लाख रुपये से मिली थी। नगरपालिका ने कार्यदायी संस्था को निर्माण का जिम्मा सौंपा। धनराशि भी दे दी, लेकिन कार्यदायी संस्था ने काम में रुचि नहीं दिखाई और यह काम निर्माण के साथ ही आधा अधूरा छोड़ दिया गया। इससे श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। श्रद्धालुओं को स्नान करने में असुविधा होती है। अब मार्गशीर्ष माह शुरू हो गया है। इस माह में कई महत्वपूर्ण गंगास्नान होते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं, लेकिन अपूर्ण पड़ा निर्माण कार्य श्रद्धालुओं को असुविधा देगा।
नागासाधू करते हैं घाट पर शाही स्नान
इस घाट का मार्गशीर्ष माह में विशेष महत्व है। नागासाधू मार्गशीर्ष मास में इस घाट पर शाही स्नान करते हैं। 27 दिसंबर को मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी है। इस दिन नागालैंड घाट पर स्नान के लिए नागासाधू पहुंचेंगे तो निश्चित ही उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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- भारतवर्ष के नागासाधू एवं संत मार्गशीर्ष माह के पर्वों पर स्नान के लिए सोरों में आते हैं और नागालैंड घाट पर स्नान करते हैं। घाट का निर्माण जल्द पूरा किया जाना चाहिए। - सीताराम दुबे, व्यवस्थापक, नागालैंड घाट।
- एक साल पहले पालिकाबोर्ड की बैठक में नागालैंड घाट के निर्माण की स्वीकृति के बाद धन दिया जा चुका है। निर्माण में कुछ विलंब हुआ है। कार्यदायी संस्था को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। - मुन्नी देवी, पालिकाध्यक्ष।
- हरिपदी गंगा में अत्यधिक जल होने के कारण निर्माण संभव नहीं हो पाया था। अब जल कुछ कम हुआ है। जल्द ही निर्माणकार्य शुरू करा दिया जाएगा। - सत्येंद्र सिंह, अवर अभियंता, नगरपालिका।
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वर्ष 2019 के दिसंबर माह में हरिपदी गंगा के नागालैंड घाट पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। घाट पर निर्माण के काम की स्वीकृति 20 लाख रुपये से मिली थी। नगरपालिका ने कार्यदायी संस्था को निर्माण का जिम्मा सौंपा। धनराशि भी दे दी, लेकिन कार्यदायी संस्था ने काम में रुचि नहीं दिखाई और यह काम निर्माण के साथ ही आधा अधूरा छोड़ दिया गया। इससे श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। श्रद्धालुओं को स्नान करने में असुविधा होती है। अब मार्गशीर्ष माह शुरू हो गया है। इस माह में कई महत्वपूर्ण गंगास्नान होते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं, लेकिन अपूर्ण पड़ा निर्माण कार्य श्रद्धालुओं को असुविधा देगा।
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नागासाधू करते हैं घाट पर शाही स्नान
इस घाट का मार्गशीर्ष माह में विशेष महत्व है। नागासाधू मार्गशीर्ष मास में इस घाट पर शाही स्नान करते हैं। 27 दिसंबर को मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की त्रियोदशी है। इस दिन नागालैंड घाट पर स्नान के लिए नागासाधू पहुंचेंगे तो निश्चित ही उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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- भारतवर्ष के नागासाधू एवं संत मार्गशीर्ष माह के पर्वों पर स्नान के लिए सोरों में आते हैं और नागालैंड घाट पर स्नान करते हैं। घाट का निर्माण जल्द पूरा किया जाना चाहिए। - सीताराम दुबे, व्यवस्थापक, नागालैंड घाट।
- एक साल पहले पालिकाबोर्ड की बैठक में नागालैंड घाट के निर्माण की स्वीकृति के बाद धन दिया जा चुका है। निर्माण में कुछ विलंब हुआ है। कार्यदायी संस्था को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। - मुन्नी देवी, पालिकाध्यक्ष।
- हरिपदी गंगा में अत्यधिक जल होने के कारण निर्माण संभव नहीं हो पाया था। अब जल कुछ कम हुआ है। जल्द ही निर्माणकार्य शुरू करा दिया जाएगा। - सत्येंद्र सिंह, अवर अभियंता, नगरपालिका।