{"_id":"5fe0dd0d8ebc3e3fb15dac29","slug":"froad-document-mainpuri-news-agr4730124106","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल बाद प्रधानाध्यापक का अंकपत्र निकला फर्जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन साल बाद प्रधानाध्यापक का अंकपत्र निकला फर्जी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। विकास खंड करहल क्षेत्र के गांव तरौलिया निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक की सेवानिवृत्ति के साढ़े तीन साल बाद फर्जी अंकपत्र का खुलासा हुआ है। यह प्रधानाध्यापक जनपद इटावा के विकास खंड सैफई के प्राथमिक विद्यालय नगरिया से सेवानिवृत्त हुए हैं। बीएसए इटावा ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जिले के थाना करहल क्षेत्र के गांव तरौलिया निवासी रामदुलारे 31 मार्च 2017 को इटावा जनपद के विकास खंड सैफई क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नगरिया से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्ति के साढ़े तीन साल बाद गांव तरौलिया निवासी साधना यादव ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की कि रामदुलारे के अभिलेख फर्जी हैं। शिकायत पर बीएसए इटावा ने उनके अभिलेखों की जांच कराई।
हाईस्कूल के अभिलेखों की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक मैनपुरी और इंटरमीडिएट के अभिलेखों की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक एटा को बीएसए इटावा ने 31 अगस्त 2020 को पत्र भेजा। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक एटा ने अपनी रिपोर्ट भेजकर रामदुलारे का इंटरमीडिएट वर्ष 1973 का इंटरमीडिएट का अंकपत्र फर्जी बताया है। जिला विद्यालय निरीक्षक एटा की रिपोर्ट के बाद बीएसए इटावा कल्पना सिंह ने रामदुलारे को 18 दिसंबर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के थाना करहल क्षेत्र के गांव तरौलिया निवासी रामदुलारे 31 मार्च 2017 को इटावा जनपद के विकास खंड सैफई क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नगरिया से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्ति के साढ़े तीन साल बाद गांव तरौलिया निवासी साधना यादव ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की कि रामदुलारे के अभिलेख फर्जी हैं। शिकायत पर बीएसए इटावा ने उनके अभिलेखों की जांच कराई।
विज्ञापन
हाईस्कूल के अभिलेखों की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक मैनपुरी और इंटरमीडिएट के अभिलेखों की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक एटा को बीएसए इटावा ने 31 अगस्त 2020 को पत्र भेजा। इसमें जिला विद्यालय निरीक्षक एटा ने अपनी रिपोर्ट भेजकर रामदुलारे का इंटरमीडिएट वर्ष 1973 का इंटरमीडिएट का अंकपत्र फर्जी बताया है। जिला विद्यालय निरीक्षक एटा की रिपोर्ट के बाद बीएसए इटावा कल्पना सिंह ने रामदुलारे को 18 दिसंबर को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
विज्ञापन