आगरा: हाथरस की गोशाला में दान देने के नाम पर 1.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
शातिरों ने पांच करोड़ रुपये एनजीओ के खाते में भेजने का झांसा दिया था। इसके बाद तकनीकी कमी बताते हुए गोशाला संचालक से ही अपने खाते में रकम जमा करा ली।
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हाथरस की एक गोशाला में दान देने का झांसा देकर 1.20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। पीड़ित गोशाला संचालक ने आगरा के रेंज साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। समय पर सूचना मिलने पर पुलिस ने एक करोड़ से अधिक की रकम खाते में होल्ड करा दी है। आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगी है।
हाथरस में एक एनजीओ गोशाला का संचालन करती है। इसके संचालक से 15 दिन पहले एक व्यक्ति ने मुलाकात की थी। गोशाला संचालक ने पुलिस को बताया कि उक्त व्यक्ति ने कहा कि वह एनजीओ को विभिन्न संस्थान की ओर से दान के रूप में धनराशि दिलाने का काम करता है। उनकी एनजीओ को पांच करोड़ रुपये गोशाला के संचालन के लिए दिला दिए जाएंगे। इस पर संचालक तैयार हो गए।
कंपनी को बताया भारत सरकार का उपक्रम
वह एक सप्ताह पहले संचालक को नोएडा लेकर गया। यहां पर तीन लोगों से मुलाकात कराई। उन्होंने खुद को एक कंपनी में कार्यरत बताया। कहा कि यह कंपनी भारत सरकार का उपक्रम है। हर साल कंपनी की ओर से रकम विभिन्न एनजीओ को दी जाती है। अगर, उन्हें भी रकम चाहिए तो कुछ कागजी कार्रवाई पूरी करनी होगी। संचालक तैयार हो गए। कुछ दिन पहले उन्हें चारों ने एक चेक और ड्राफ्ट दिया। यह 1.20 करोड़ रुपये के थे।
उनसे कहा कि यह चेक और डीडी अपने खाते में लगा दें। इसके बाद उनकी कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दें। इससे खाता अपडेट हो जाएगा। अगले ही दिन चेक और डीडी वापस मांग लिए। उक्त लोगों ने कहा कि एनजीओ के खाते की केवाईसी नहीं हुई है। इसलिए यह पास नहीं होंगे। इसके बाद पांच करोड़ रुपये के लिए संचालक से ही 1.20 करोड़ उनके खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा।
गोशाला संचालक को बताया गया कि कंपनी की ओर से इस रकम के साथ ही दान के पांच करोड़ रुपये भी दे दिए जाएंगे। संचालक ने खंदौली क्षेत्र के एक शीतगृह स्वामी के खाते से रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद से ही उक्त लोगों ने संपर्क करना बंद कर दिया। पीड़ित ने रेंज साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
फर्जी आईडी से लिए थे नंबर
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि उक्त लोगों ने जिन मोबाइल नंबर से बात की थी, वह दिल्ली के पते की आईडी पर लिए गए थे। मगर, यह आईडी फर्जी निकली। आरोपियों की लोकेशन यूपी के जिलों की आ रही है। जिस बैंक के खाते में रकम गई थी, पुलिस ने उस बैंक के मैनेजर से संपर्क किया।
इसके बाद खाते को होल्ड करा दिया। हालांकि इससे पहले ही आरोपी 12 लाख रुपये खाते से निकाल चुके हैं। एक करोड़ से अधिक रकम पीड़ितों को वापस मिलने की उम्मीद है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।