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बीमार कर देगा ये खाना
अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 06 May 2016 02:08 AM IST
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खाना
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अगर आप रेलवे स्टेशन पर पेटीज, बर्गर या पूड़ी खरीदने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइये। पहले अच्छी तरह देख लीजिए कि यह बासी तो नहीं है। कई वेंडर 10 घंटे पहले पकाया गया भोजन भी यात्रियों को परोस रहे हैं। आलू की सब्जी सड़ जाने के बाद भी बेची जा रही है। घटिया सॉस लोग अनजाने में खा रहे हैं। यात्रियों के इस भोजन की क्वालिटी चेक करने की जिम्मेदारी रेलवे के फूड इंस्पेक्टरों की है। मगर गर्मी के इस सीजन में खाने के सैंपल नहीं लिए गए हैं।
सीन - 1
स्थान: आगरा फोर्ट, प्लेटफार्म नंबर दो
समय दोपहर 1.10 बजे,
तूफान आद्या एक्सप्रेस के प्लेटफार्म पर रुकते ही वेंडर ट्रालियां और ट्रे में खाना, पेटीज, बर्गर और पानी की बोतलें लेकर आते हैं। यात्री जल्दी में हैं। कई वेंडर ट्रेन के अंदर भी चले जाते हैं। दो वेंडरों पर खुली पेटीज हैं तो एक वेंडर के पास बिना पैक की पूड़ी और आलू की सब्जी है, वह प्लेटफार्म पर ही यात्रियों को पूड़ी-सब्जी बेच रहा है। पांच मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन चल पड़ती है।
सीन - 2
स्थान : आगरा फोर्ट, प्लेटफार्म नंबर एक
समय : दोपहर 1.40 बजे
चेन्नई एक्सप्रेस के रुकने पर एक वेंडर पार्सल के पैकेट पर एक घंटे से धूप में रखी पेटीज लेकर आता है। यात्री उससे पेटीज खरीदने लगते हैं। इसी बीच एक वेंडर वेज बिरयानी लेकर आता है, एक यात्री उसे सूंघता है और बिना लिए लौट जाता है। इसी बीच एक अन्य वेंडर प्लेटफार्म पर पूड़ी और सब्जी बेच रहा है। उससे पूछा जाता है कि डिब्बे में क्यों नहीं बेच रहे हो तो वह तेज कदमों से आगे बढ़ जाता है।
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सीन-3
स्थान : आगरा कैंट,
समय : दोपहर 2.05 बजे
केरल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकती है। तभी वेंडरों का दल खाना और पानी लेकर दौड़ पड़ता है। एक वेंडर के पास खीरे की डलिया है। वह ट्रेन में चढ़ जाता है। इसी बीच जनता खाने के स्थान पर खुली पूड़ी-सब्जी बेचने वाला वेंडर आता है। पेटीज 15 रुपये की बेची जा रही है, जिसका रेट 10 रुपये हैै।
चार घंटे में सड़ जाती है सब्जी
एफडीए के अभिहीत अधिकारी रामनरेश यादव कहते हैं कि आलू से बने समोसे, टिक्की, सब्जी आदि 40 से अधिक तापमान में चार घंटे में खाने लायक नहीं रहते हैं।
फूड प्वाइजनिंग का खतरा
डाइटीशियन रेनुका डंग कहती हैं कि इतनी गर्मी में आलू (शर्करा होने के कारण) जल्दी सड़ने लगता है। पॉलीथिन में पैक करने के बाद तो और जल्दी। ऐसी सब्जी खाने से फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है।
ये फर्म परोस रहीं भोजन
- आईआरसीटीसी की ओर से संचालित कमसम
- मैसर्स आरके एसोसिएट्स
- सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड
- बालन नेचुरल फूड लिमिटेड
- अमर फूड प्रोडक्ट्स
- चौैहान कैटर्स
- एचडी एंड संस
- त्रिपाठी एसोसिएट्स
इसके अलावा स्टाल्स पर भी खानपान का सामान बेचा जाता है।
गायब है ‘जनता खाना’
स्टेशनों पर जनता खाना का डिब्बा 20 रुपये का मिलता है। इसके स्थान पर वेंडर पूड़ी और आलू की सब्जी यात्रियों को बेच रहे हैं।
अवैध वेंडर भी कम नहीं
लाइसेंसी वेंडर ही नहीं अवैध वेंडर भी ट्रेनों में पूड़ी-सब्जी, वेज बिरयानी, गंदे पानी में भीगे खीरे बेच रहे हैं।
गर्मी में चार घंटे पहले बना खाना परोसा जाना चाहिए। पैकेट पर तारीख, समय और रेट लिखा होना चाहिए। इसे चेक करने के लिए फूड इंस्पेक्टर लगे हुए हैं। सैंपल भी भरे जाते हैं। - डा. जेपी उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेलवे अस्पताल, आगरा
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सीन - 1
स्थान: आगरा फोर्ट, प्लेटफार्म नंबर दो
समय दोपहर 1.10 बजे,
तूफान आद्या एक्सप्रेस के प्लेटफार्म पर रुकते ही वेंडर ट्रालियां और ट्रे में खाना, पेटीज, बर्गर और पानी की बोतलें लेकर आते हैं। यात्री जल्दी में हैं। कई वेंडर ट्रेन के अंदर भी चले जाते हैं। दो वेंडरों पर खुली पेटीज हैं तो एक वेंडर के पास बिना पैक की पूड़ी और आलू की सब्जी है, वह प्लेटफार्म पर ही यात्रियों को पूड़ी-सब्जी बेच रहा है। पांच मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन चल पड़ती है।
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सीन - 2
स्थान : आगरा फोर्ट, प्लेटफार्म नंबर एक
समय : दोपहर 1.40 बजे
चेन्नई एक्सप्रेस के रुकने पर एक वेंडर पार्सल के पैकेट पर एक घंटे से धूप में रखी पेटीज लेकर आता है। यात्री उससे पेटीज खरीदने लगते हैं। इसी बीच एक वेंडर वेज बिरयानी लेकर आता है, एक यात्री उसे सूंघता है और बिना लिए लौट जाता है। इसी बीच एक अन्य वेंडर प्लेटफार्म पर पूड़ी और सब्जी बेच रहा है। उससे पूछा जाता है कि डिब्बे में क्यों नहीं बेच रहे हो तो वह तेज कदमों से आगे बढ़ जाता है।
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सीन-3
स्थान : आगरा कैंट,
समय : दोपहर 2.05 बजे
केरल एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकती है। तभी वेंडरों का दल खाना और पानी लेकर दौड़ पड़ता है। एक वेंडर के पास खीरे की डलिया है। वह ट्रेन में चढ़ जाता है। इसी बीच जनता खाने के स्थान पर खुली पूड़ी-सब्जी बेचने वाला वेंडर आता है। पेटीज 15 रुपये की बेची जा रही है, जिसका रेट 10 रुपये हैै।
चार घंटे में सड़ जाती है सब्जी
एफडीए के अभिहीत अधिकारी रामनरेश यादव कहते हैं कि आलू से बने समोसे, टिक्की, सब्जी आदि 40 से अधिक तापमान में चार घंटे में खाने लायक नहीं रहते हैं।
फूड प्वाइजनिंग का खतरा
डाइटीशियन रेनुका डंग कहती हैं कि इतनी गर्मी में आलू (शर्करा होने के कारण) जल्दी सड़ने लगता है। पॉलीथिन में पैक करने के बाद तो और जल्दी। ऐसी सब्जी खाने से फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है।
ये फर्म परोस रहीं भोजन
- आईआरसीटीसी की ओर से संचालित कमसम
- मैसर्स आरके एसोसिएट्स
- सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड
- बालन नेचुरल फूड लिमिटेड
- अमर फूड प्रोडक्ट्स
- चौैहान कैटर्स
- एचडी एंड संस
- त्रिपाठी एसोसिएट्स
इसके अलावा स्टाल्स पर भी खानपान का सामान बेचा जाता है।
गायब है ‘जनता खाना’
स्टेशनों पर जनता खाना का डिब्बा 20 रुपये का मिलता है। इसके स्थान पर वेंडर पूड़ी और आलू की सब्जी यात्रियों को बेच रहे हैं।
अवैध वेंडर भी कम नहीं
लाइसेंसी वेंडर ही नहीं अवैध वेंडर भी ट्रेनों में पूड़ी-सब्जी, वेज बिरयानी, गंदे पानी में भीगे खीरे बेच रहे हैं।
गर्मी में चार घंटे पहले बना खाना परोसा जाना चाहिए। पैकेट पर तारीख, समय और रेट लिखा होना चाहिए। इसे चेक करने के लिए फूड इंस्पेक्टर लगे हुए हैं। सैंपल भी भरे जाते हैं। - डा. जेपी उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेलवे अस्पताल, आगरा