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खतरे के निशान के करीब पहुंचा यमुना का जलस्तर, इन क्षेत्रों में बाढ़ का संकट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:10 PM IST
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उफान पर बह रही यमुना
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में यमुना खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। नदी उछाल मारकर किनारों से बाहर आने लगी है। ताजगंज मोक्षधाम के प्लेटफार्म एक पर पानी भर गया है। दूसरे क्षेत्रों में भी नदी का पानी किनारों को पार करने लगा है।
गोकुल बैराज से आगरा के लिए लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते यमुना खतरे के निशान से सिर्फ 1.1 फुट नीचे रह गई है। आगरा में यमुना नदी का खतरे का निशान 495 फुट पर है।
पिछले कई दिनों से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार को नदी उफान मारने लगी। पानी नदी के किनारों से बाहर निकलकर आने लगा है। ताजगंज मोक्षधाम (शमशान घाट) के प्लेटफार्म एक पर पानी भर गया है।
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गोकुल बैराज से आगरा के लिए लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते यमुना खतरे के निशान से सिर्फ 1.1 फुट नीचे रह गई है। आगरा में यमुना नदी का खतरे का निशान 495 फुट पर है।
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पिछले कई दिनों से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार को नदी उफान मारने लगी। पानी नदी के किनारों से बाहर निकलकर आने लगा है। ताजगंज मोक्षधाम (शमशान घाट) के प्लेटफार्म एक पर पानी भर गया है।
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प्रशासन करा रहा मुनादी
बाढ़ का पानी आ जाने से प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम लगे इस प्लेटफार्म पर अंतिम संस्कार नहीं हो पाए। वहीं, निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग बेचैन हैं। इन क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार मुनादी कराई जा रही है ताकि समय रहते वो सुरक्षित स्थानों पर पहुंच जाएं।
मनोहरपुर, नगला पैमा, नगला तल्फी आदि क्षेत्रों में बाढ़ का संकट बना हुआ है। इधर, प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर पर नजरें रखी हुई हैं। संबंधित क्षेत्रों के लेखपालों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है।
मनोहरपुर, नगला पैमा, नगला तल्फी आदि क्षेत्रों में बाढ़ का संकट बना हुआ है। इधर, प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर पर नजरें रखी हुई हैं। संबंधित क्षेत्रों के लेखपालों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है।