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आगरा के कीठम लाए गए स्लॉथ प्रजाति के पांच भालू, भारत-नेपाल सीमा पर तस्करों से कराया था मुक्त
Wed, 27 Nov 2019 12:48 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 27 Nov 2019 12:48 AM IST
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कीठम लाए गए पांच भालू
- फोटो : अमर उजाला
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तस्करों से छुड़ाए गए पांच भालुओं को लाकर आगरा के कीठम स्थित भालू संरक्षण केंद्र में रखा गया है। इन्हें भारत-नेपाल सीमा से छुड़ाया गया था। पहले उपचार के लिए रांची के भगवान बिरसा जूलॉजिकल पार्क में अस्थायी रुप से रखा गया। अब यहां भेजा गया है।
वन विभाग और पुलिस ने संस्था वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा उपलब्ध कराई गई खुफिया जानकारी के आधार पर एंटी-पोचिंग अभियान चलाया। वन्य जीव तस्करों द्वारा भालुओं को अन्य बिचौलियों को बेचने के इरादे से ले जाया जा रहा था।
भालू के पित्ताशय और शरीर के अन्य अंगों का उपयोग चीन में दवा में किया जाता है और इसी कारण से यह तस्कर भालू को निशाना बनाते हैं। अपराधियों ने लोहे की रॉड से इन भालुओं के दांतों को भी तोड़ दिया था।
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वन विभाग और पुलिस ने संस्था वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा उपलब्ध कराई गई खुफिया जानकारी के आधार पर एंटी-पोचिंग अभियान चलाया। वन्य जीव तस्करों द्वारा भालुओं को अन्य बिचौलियों को बेचने के इरादे से ले जाया जा रहा था।
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भालू के पित्ताशय और शरीर के अन्य अंगों का उपयोग चीन में दवा में किया जाता है और इसी कारण से यह तस्कर भालू को निशाना बनाते हैं। अपराधियों ने लोहे की रॉड से इन भालुओं के दांतों को भी तोड़ दिया था।
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तमाशा दिखवाने के लिए रस्सी से इनके मुह भी बांध दिए थे। कीम स्थित भालू संरक्षण केंद्र पहले से ही लगभग 200 बचाए गए भालू है। दो दिन और करीब एक हजार किलोमीटर के सफ़र के बाद, पाचों भालू यहां लाये गए हैं।
वाइल्डलाइफ एसओएस में पशु चिकित्सा सेवा के उप निदेशक डॉ एस. इलियाराजा ने कहा हमारी पहली प्राथमिकता भालुओं के स्वास्थ्य और उन्हें गहन पशु चिकित्सा देखभाल प्रदान करना है। हर भालू का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
वाइल्डलाइफ एसओएस में पशु चिकित्सा सेवा के उप निदेशक डॉ एस. इलियाराजा ने कहा हमारी पहली प्राथमिकता भालुओं के स्वास्थ्य और उन्हें गहन पशु चिकित्सा देखभाल प्रदान करना है। हर भालू का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।