गोरक्षा की आड़ में फिर गुंडई, हाईवे पर फूंकी गाड़ी, कई पर एफआईआर
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गोरक्षा की आड़ में गुंडागर्दी करने वालों का चेहरा फिर सामने आया है। इस बार घटना मथुरा की है। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम चौमुहां के समीप गोरक्षा के नाम पर गाड़ी फूंक दी। घटना के दो दिन बाद पुलिस हरकत में आई है। इस मामले में नौ नामजदों सहित कई अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए हैं।
चौमुहां आझई रोड पर गो रक्षक दल के सदस्यों ने गोवंश चोरी के शक में शनिवार की रात बिना नंबर की महेंद्रा पिकप को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग भी हुई। खुद को घिरा देख पिकप सवार लोग गाड़ी छोड़ भाग गए। मामले में खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है और शासन को रिपोर्ट भेजी है।
दल के सदस्यों ने गाड़ी को आग के हवाले कर दिया, जबकि वहां से गुजर रहे छाता के गांव लाडपुर निवासी जलसिंह को गो तस्कर बताते हुए लाठी डंडों से प्रहार कर उनके दांत तोड़ दिए, एक सदस्य ने उनके गले पर पैर रख जान से मारने का प्रयास किया। जल सिंह को मरा समझ दल के सदस्य चले गए। जल सिंह द्वारा कोतवाली में अज्ञात गो रक्षकों के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया है।
इन पर एफआईआर
जैंत चौकी प्रभारी राजीव सिंह ने वृंदावन के राधा निवास निवासी नवीन शर्मा, किशोरपुरा निवासी भरत गौतम के साथ कुंजबिहारी, राहुल, विशाल, नवीन कुमार, गोपाल, छोटू बघेल, कमलेश के साथ 10-15 अज्ञात लोगों पर जानलेवा हमले के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग को क्षति पहुंचाकर भय का माहौल कायम करने के अलावा सात क्रिमिनल एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने नवीन शर्मा और भरत गौतम को गिरफ्तार भी कर लिया है। कोतवाली प्रभारी ने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
गुटों में गुटबंदी से हो रही गुंडई
अवैध हथियारों के साथ अराजकता को बढ़ावा देने वाले कथित गोक्षकों में वर्चस्व की जंग भी शनिवार रात को हुई मुठभेड़ का हिस्सा माना जा सकता है। दरअसल, जोशीले युवाओं में गोरक्षा के नाम पर कायम हुए गुट इसकी आड़ में अपनी गुंडई को धार दे रहे हैं।
नवंबर 2017 की रात को गो रक्षकदल के दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे, जबकि 15 दिसंबर 2017 की रात गो रक्षक दल के दो पक्षों में फायरिंग हुई थी। इसमें छह नामजदों सहित दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।