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काम की खबर: खेतों में सोलर प्लांट लगाकर किसान बेच सकेंगे बिजली, कुसुम योजना में प्रति यूनिट की दर निर्धारित
Wed, 02 Jun 2021 11:37 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 02 Jun 2021 11:37 AM IST
सार
नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) ने इच्छुक काश्तकार, कृषक समूह व कृषक समितियों से निविदाएं आमंत्रित की हैं। इस योजना को प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम) नाम दिया है।
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सोलर प्लांट
- फोटो : pixabay
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विस्तार
बंजर खेतों में सोलर प्लांट लगाकर किसान बिजली बेच सकेंगे। 25 साल के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) बिजली खरीद का करार करेगा। 3.10 रुपये प्रति यूनिट बिजली की कीमत होगी। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) ने इच्छुक काश्तकार, कृषक समूह व कृषक समितियों से निविदाएं आमंत्रित की हैं। इस योजना को प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम) नाम दिया है।
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आगरा में फिलहाल 33/11 केवी क्षमता के दो विद्युत उपकेंद्र कागारौल और फतेहाबाद चिह्नित हुए हैं। दोनों उपकेंद्रों की पांच किमी परिधि में 0.5 मेगावाट से लेकर 2 मेगावॉट क्षमता के प्लांट लगाए जाएंगे। कागारौल में अधिकतम 6 मेगावॉट व फतेहाबाद में 4.50 मेगावॉट बिजली सोलर प्लांट से बनाई जाएगी। सोलर प्लांट को विद्युत उपकेंद्रों की ग्रिड से जोड़ा जाएगा। इसके लिए काश्तकार व किसान समूहों को कुल लागत का 70 फीसदी ऋण उपलब्ध होगा। 30 फीसदी लागत काश्तकार या समूह को देनी पड़ेगी। प्लांट स्थापित करने के लिए पूर्ण व्यय काश्तकार को करना है।
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निवेशक से करार कर सकेंगे किसान
जिन किसानों के पास प्लांट लगाने के लिए धन नहीं है उनके लिए निवेशक या विकासकर्ता जुटाने का विकल्प है। बदले में प्रति यूनिट बिजली में निवेशक का हिस्सा होगा। उत्पादन, जमीन की कीमतों के आधार पर निवेशक से करार होगा। सिर्फ जमीन उपलब्ध कराने पर किसान से लीज एग्रीमेंट कर सकेंगे। इससे उन्हें जमीन के बदले एक मुश्त रकम मिल सकेगी।
एक मेगावॉट प्लांट में 2.50 करोड़ रुपये की लागत
यूपी नेडा के जिला परियोजना अधिकारी पीएन पांडेय ने बताया कि एक मेगावॉट प्लांट के लिए तीन एकड़ भूमि चाहिए। करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। 3.10 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली बेची जाएगी।
डीवीवीएनएल को 41 मेगावॉट का लक्ष्य
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) ग्रिड आधारित 106 मेगावॉट सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य मिला है। जिसमें आगरा में 10.5 मेगावॉट, झांसी में 10.50, उरई में 7.50, बांदा में 6.50 और हमीरपुर व महोबा में तीन-तीन मेगावॉट के सोलर प्लांट स्थापित करने हैं।
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जिन किसानों के पास प्लांट लगाने के लिए धन नहीं है उनके लिए निवेशक या विकासकर्ता जुटाने का विकल्प है। बदले में प्रति यूनिट बिजली में निवेशक का हिस्सा होगा। उत्पादन, जमीन की कीमतों के आधार पर निवेशक से करार होगा। सिर्फ जमीन उपलब्ध कराने पर किसान से लीज एग्रीमेंट कर सकेंगे। इससे उन्हें जमीन के बदले एक मुश्त रकम मिल सकेगी।
एक मेगावॉट प्लांट में 2.50 करोड़ रुपये की लागत
यूपी नेडा के जिला परियोजना अधिकारी पीएन पांडेय ने बताया कि एक मेगावॉट प्लांट के लिए तीन एकड़ भूमि चाहिए। करीब 2.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। 3.10 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली बेची जाएगी।
डीवीवीएनएल को 41 मेगावॉट का लक्ष्य
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) ग्रिड आधारित 106 मेगावॉट सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य मिला है। जिसमें आगरा में 10.5 मेगावॉट, झांसी में 10.50, उरई में 7.50, बांदा में 6.50 और हमीरपुर व महोबा में तीन-तीन मेगावॉट के सोलर प्लांट स्थापित करने हैं।
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