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अभाव में खिला 'नीरज' पूरे देश में महका, किसान के बेटे ने आईईएस में पाई 27वीं रैंक
Sun, 27 Oct 2019 11:29 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 27 Oct 2019 11:29 AM IST
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पिता के साथ नीरज कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के शमसाबाद के गांव श्यामो के पास स्थित छोटे से गांव ब्रह्म नगर निवासी नीरज कुमार ने माता-पिता और जिले का नाम रोशन किया है। विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी और खुद को साबित किया। इन्होंने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज (आईईएस) की परीक्षा में ऑल इंडिया 27वीं रैंक प्राप्त की है।
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) ने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज (आईईएस) मेंस परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। परिणाम देखने के बाद नीरज की खुशी का ठिकाना नहीं है। हो भी क्यों न, इन्होंने बड़े जतन से सफलता पाई है।
पिता केदारनाथ अरेला किसान हैं। मां श्रीमती देवी गृहणी हैं। बड़ा भाई टेंट लगाने का काम करता है। चार बहनें हैं, सभी का शादी हो चुकी है। पिता और भाई ने जैसे-तैसे करके नीरज का हॉस्टल का खर्च उठाया। बीटेक की पढ़ाई के दौरान साथियों ने आर्थिक रूप से बड़ी मदद की।
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यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) ने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज (आईईएस) मेंस परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। परिणाम देखने के बाद नीरज की खुशी का ठिकाना नहीं है। हो भी क्यों न, इन्होंने बड़े जतन से सफलता पाई है।
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पिता केदारनाथ अरेला किसान हैं। मां श्रीमती देवी गृहणी हैं। बड़ा भाई टेंट लगाने का काम करता है। चार बहनें हैं, सभी का शादी हो चुकी है। पिता और भाई ने जैसे-तैसे करके नीरज का हॉस्टल का खर्च उठाया। बीटेक की पढ़ाई के दौरान साथियों ने आर्थिक रूप से बड़ी मदद की।
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हाईस्कूल में 50 फीसदी अंक मिले थे, इंटर में ग्रेस
नीरज कुमार ने यूपी बोर्ड के विद्यालय महारानी अवंतीबाई इंटर कॉलेज, श्यामो से हाईस्कूल की परीक्षा महज 50 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। इंटरमीडिएट में फिजिक्स में ग्रेस मार्क मिला। बैकपेपर देकर परीक्षा में सफल हुए। कड़ी मेहनत के बदौलत केएनआईटी, सुल्तानपुर (राजकीय इंजीनियरिंग संस्थान) में प्रवेश पाया।
नीरज ने वर्ष 2017 में बीटेक में टॉप किया। दो वर्ष की तैयारी के बाद इंजीनियरिंग सर्विसेज में सफलता अर्जित कर ली है। नीरज कुमार का छात्र-छात्राओं के लिए संदेश है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्राप्तांक से ही कॅरिअर का निर्धारण नहीं होता। कड़ी मेहनत के बदौलत सफलता अपनी झोली में डाली जा सकती है।
नीरज ने वर्ष 2017 में बीटेक में टॉप किया। दो वर्ष की तैयारी के बाद इंजीनियरिंग सर्विसेज में सफलता अर्जित कर ली है। नीरज कुमार का छात्र-छात्राओं के लिए संदेश है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्राप्तांक से ही कॅरिअर का निर्धारण नहीं होता। कड़ी मेहनत के बदौलत सफलता अपनी झोली में डाली जा सकती है।