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जीएसटी विभाग से पता कर रहे रंजन की काली कमाई का चिट्ठा
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आगरा। गढ़ी भदौरिया में सर्जिकल सामान की अवैध फैक्टरी चलाने वाले रंजन अग्रवाल की काली कमाई का चिट्ठा पता करने के लिए जीएसटी विभाग की मदद ली जा रही है। औषधि विभाग ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों से फर्म के नाम और बिल दिखाकर रिपोर्ट मांगी है।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि रंजन अग्रवाल अपने और पत्नी सीमा अग्रवाल के नाम से दो फर्जी फर्म से व्यापार कर रहा था। दोनों फर्म से पांच साल में 27.22 करोड़ रुपये के सर्जिकल सामान की बिक्री की गई। इन दोनों के दो बैंक एकाउंट का भी पता चला है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों से बात कर बिक्री किन फर्म को की है और कहां-कहां की है, इसकी जानकारी मांगी है। दो-तीन दिन में पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
11 दिन में भी पुलिस नहीं पकड़ पाई
30 जून को औषधि विभाग ने गढ़ी भदौरिया के कृष्णापुरी में सर्जिकल सामान की चार मंजिला फैक्टरी पर छापा मारा था। जांच के दौरान फैक्टरी मालिक प्रताप नगर चौराहा निवासी रंजन अग्रवाल बेसमेंट में बनी खिड़की से भाग गया था। 11 दिन हो जाने के बाद भी पुलिस रंजन को पकड़ नहीं पाई है।
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औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि रंजन अग्रवाल अपने और पत्नी सीमा अग्रवाल के नाम से दो फर्जी फर्म से व्यापार कर रहा था। दोनों फर्म से पांच साल में 27.22 करोड़ रुपये के सर्जिकल सामान की बिक्री की गई। इन दोनों के दो बैंक एकाउंट का भी पता चला है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों से बात कर बिक्री किन फर्म को की है और कहां-कहां की है, इसकी जानकारी मांगी है। दो-तीन दिन में पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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11 दिन में भी पुलिस नहीं पकड़ पाई
30 जून को औषधि विभाग ने गढ़ी भदौरिया के कृष्णापुरी में सर्जिकल सामान की चार मंजिला फैक्टरी पर छापा मारा था। जांच के दौरान फैक्टरी मालिक प्रताप नगर चौराहा निवासी रंजन अग्रवाल बेसमेंट में बनी खिड़की से भाग गया था। 11 दिन हो जाने के बाद भी पुलिस रंजन को पकड़ नहीं पाई है।
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