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इनकी आंखों में चुभते हैं ताजमहल पर आने वाले VVIP, कारण है ये

Fri, 19 Jan 2018 06:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Fri, 19 Jan 2018 06:49 PM IST
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entry demand from western gate in taj mahal of vip
ताजमहल पश्चिमी गेट - फोटो : अमर उजाला
आगरा में ताजमहल के दीदार के लिए वीआईपी आएंगे, यह सुनते ही ताजगंज के लोगों की घबराहट बढ़ जाती है। घंटों तक घरों में कैद होने और बैरियर पर रोक देने के कारण ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वीआईपी यात्रा के दौरान घर में कोई बीमार न हो। 
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उनकी यह घबराहट और परेशानी 22 साल पहले तक नहीं थी। पूर्वी गेट की जगह तब ताज में वीआईपी पश्चिमी गेट से प्रवेश करते थे। 

पर्यटन उद्योग और क्षेत्र के लोगों का मानना है कि अगर अब फिर से पश्चिमी गेट के पुराने रूट से वीआईपी सैलानी को प्रवेश कराया जाए तो लोगों की मुसीबत खत्म हो जाएगी।
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू हों या तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति या दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, पश्चिमी गेट से ही ताजमहल में अंदर पहुंचे थे। 
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दरअसल, खेरिया एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक और यहां से सीधे पुरानी मंडी चौराहा होते हुए शाहजहां पार्क के रास्ते पश्चिमी गेट तक वीआईपी पहुंचते थे। 

तब वाहनों की पार्किंग आईटीडीसी रेस्टोरेंट में थी और पर्यटकों के वाहन एडीए के मौजूदा बाजार वाली जगह पार्क किए जाते थे। 

1996 में डीजल-पेट्रोल वाहनों पर ताज के 500 मीटर दायरे में प्रतिबंध के बाद पश्चिमी गेट पर पार्किंग अमरूद टीला पहुंची और पूर्वी गेट पर शिल्पग्राम पार्किंग बनी।

बैटरी बस से पश्चिमी गेट पहुंचना आसान

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ताजमहल का पूर्वी गेट - फोटो : अमर उजाला
वीआईपी के कारण साल में 80 दिन मुसीबत झेलने वाले ताजगंज के लोगों की मांग है कि पुरानी मंडी चौराहे के पुराने रास्ते से ही वीआईपी लाए जाएं। 

पुरानी मंडी गेट से बैटरी बस और गोल्फ कार्ट के जरिए पर्यटकों को ताज में लाने से फतेहाबाद रोड, ताजनगरी, पूर्वी गेट और ताजगंज के 5 लाख से ज्यादा लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना होगा। 

इस रास्ते से समय भी कम लगेगा और वीआईपी गेट से सीधे अंदर प्रवेश कर सकेंगे। 1996 में बैटरी बसें न होने के कारण पश्चिमी गेट की जगह पूर्वी गेट का विकल्प चुना गया था, लेकिन अब आईटीडीसी रेस्टोरेंट में फेसिलिटी सेंटर प्रस्तावित है। 

पांच सितारा होटलों के पर्यटकों को राहत

फूल सैयद चौराहे से लेकर ताज पूर्वी गेट तक होटल ही होटल हैं। सभी पंचतारा होटल यहीं हैं, जिनके सैलानियों को वीआईपी 
विजिट के दौरान होटल में ही कैद होकर रहना पड़ता है।  

वहीं यमुना एक्सप्रेस वे, आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे और इनर रिंग रोड के कारण पर्यटकों का दबाव भी पूर्वी गेट पर बढ़ रहा है। 

ऐसे में लाखों लोगों के साथ सितारा होटल में ठहरने वाले विदेशी सैलानियों को भी वीआईपी के कारण मुसीबत से निजात मिल सकेगी।

शिल्पग्राम बनने के बाद पूर्वी गेट का कायाकल्प

ताजमहल के पूर्वी गेट पर शिल्पग्राम बनने के बाद ही इस क्षेत्र का कायाकल्प होना शुरू हो गया। उससे पहले जालमा और कुष्ठ आश्रम ही इस रोड पर थे। 

लेकिन शिल्पग्राम बनने के बाद यहां ताज महोत्सव और फिर 1996 में वाहनों की पार्किंग शुरू हो गई। पूर्वी गेट से ज्यादा दक्षिणी और पश्चिमी गेट से ही सैलानी प्रवेश करते थे। आगरा किला से पर्यटक पश्चिमी गेट के जरिए ही प्रवेश करते थे, जबकि दक्षिणी गेट से स्थानीय और पैदल आने वाले विदेशी पर्यटक। 

ताजगंज निवासी अभिनाव जैन का कहना है कि वीआईपी आगमन में रूट से लेकर व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है। ताज पर हर साल वीआईपी आते हैं, इसलिए ऐसे प्रावधान हों कि लोगों को परेशान न होना पड़े। पश्चिमी गेट से प्रवेश का विकल्प बेहतर है, जिस पर प्रशासन को विचार करना चाहिए। 
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