{"_id":"6169e3706c13002ebe05a32d","slug":"electricity-misuse-agra-news-agr511576388","type":"story","status":"publish","title_hn":"खरीद रहे महंगी बिजली, नहीं रुकी फिजूलखर्ची...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खरीद रहे महंगी बिजली, नहीं रुकी फिजूलखर्ची...
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। कोयले की कमी से विद्युत उत्पादन प्रभावित है। बृहस्पतिवार को पावर एक्सचेंज से 20 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीदी गई। बीते 24 घंटे में पांच रुपये यूनिट रेट बढ़ गई। परंतु फिजूलखर्ची नहीं रुक रही। सिकंदरा से आईएसबीटी तक सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक स्ट्रीट लाइटें जलती रहीं। टेस्टिंग के नाम पर लाइटों को जलता छोड़ दिया गया।
एक तरफ दिन में हाईवे पर लाइट जलने से फिजूलखर्ची हो रही थी। दूसरी तरफ रात आठ बजे तक हाईवे पर लाइट नहीं जलीं। अंधेरा पसरा रहा। रुनकता, सिकंदरा, खंदारी, भगवान टॉकीज से लेकर वाटरवर्क्स तक हाईवे पर रात आठ बजे तक प्रकाश व्यवस्था नहीं थी। इनके अलावा सरकारी दफ्तरों में भी बिजली की बर्बादी का सिलसिला जारी है। ये हालात तब हैं जब बुधवार को कोयले की कमी से प्रदेश में 30 करोड़ यूनिट का विद्युत उत्पादन प्रभावित है। बाजारों, घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी दोपहर में बल्ब व झूमर जल रहे हैं।
नई लाइट का किया है ट्रायल
नई लाइट लगाई जा रही हैं। उनका ट्रायल किया था। इसलिए कुछ देर को लाइट जलती रहीं होगी। बिजली की फिजूलखर्ची नहीं होगी। मैं स्वयं इसकी निगरानी करूंगा। - बीके जोशी, परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
विज्ञापन
बचा सकते हैं 1200 यूनिट बिजली
घर, बाजार व दफ्तरों में अगर बिजली का सदुपयोग किया जाए तो हर दिन 1000 से 1200 यूनिट तक बिजली बचाई जा सकती है। इतनी बिजली बचने से एक हद तक कटौती खत्म हो जाएगी। यह कुल खपत का 25 फीसदी है। घर या दफ्तर से बाहर जाते समय उपकरण बंद कर, फिजूलखर्ची रोकी जा सकती है।- बीएम शर्मा, निदेशक (तकनीकी) दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
5200 मेगावाट की डिमांड
बिजली की आपूर्ति में कमी नहीं आई है। यूपीपीसीएल से पूरी बिजली मिल रही है। करीब 5200 मेगावाट की डिमांड है। डिमांड के मुताबिक बिजली मिल रही है। बृहस्पतिवार को पावर एक्सचेंज से 20 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिली। - एसके गुप्ता, निदेशक वाणिज्य, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
विज्ञापन
एक तरफ दिन में हाईवे पर लाइट जलने से फिजूलखर्ची हो रही थी। दूसरी तरफ रात आठ बजे तक हाईवे पर लाइट नहीं जलीं। अंधेरा पसरा रहा। रुनकता, सिकंदरा, खंदारी, भगवान टॉकीज से लेकर वाटरवर्क्स तक हाईवे पर रात आठ बजे तक प्रकाश व्यवस्था नहीं थी। इनके अलावा सरकारी दफ्तरों में भी बिजली की बर्बादी का सिलसिला जारी है। ये हालात तब हैं जब बुधवार को कोयले की कमी से प्रदेश में 30 करोड़ यूनिट का विद्युत उत्पादन प्रभावित है। बाजारों, घरों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी दोपहर में बल्ब व झूमर जल रहे हैं।
विज्ञापन
नई लाइट का किया है ट्रायल
नई लाइट लगाई जा रही हैं। उनका ट्रायल किया था। इसलिए कुछ देर को लाइट जलती रहीं होगी। बिजली की फिजूलखर्ची नहीं होगी। मैं स्वयं इसकी निगरानी करूंगा। - बीके जोशी, परियोजना निदेशक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
विज्ञापन
बचा सकते हैं 1200 यूनिट बिजली
घर, बाजार व दफ्तरों में अगर बिजली का सदुपयोग किया जाए तो हर दिन 1000 से 1200 यूनिट तक बिजली बचाई जा सकती है। इतनी बिजली बचने से एक हद तक कटौती खत्म हो जाएगी। यह कुल खपत का 25 फीसदी है। घर या दफ्तर से बाहर जाते समय उपकरण बंद कर, फिजूलखर्ची रोकी जा सकती है।- बीएम शर्मा, निदेशक (तकनीकी) दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
5200 मेगावाट की डिमांड
बिजली की आपूर्ति में कमी नहीं आई है। यूपीपीसीएल से पूरी बिजली मिल रही है। करीब 5200 मेगावाट की डिमांड है। डिमांड के मुताबिक बिजली मिल रही है। बृहस्पतिवार को पावर एक्सचेंज से 20 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिली। - एसके गुप्ता, निदेशक वाणिज्य, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड