आगरा में गर्मी के साथ बढ़ी बिजली की खपत: अप्रैल-मई में 400 मेगावॉट तक पहुंच सकती है बिजली आपूर्ति की मांग
दिन के साथ रात का तापमान बढ़ने से एसी-कूलर शुरू हो गए हैं। जिससे बिजली की खपत बढ़ गई है।
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आगरा में गर्मी बढ़ते ही पिछले 15 दिनों में बिजली की खपत 50 मेगावाट बढ़ गई है। 10 मार्च से पहले शहर में 210 मेगावॉट की आपूर्ति हो रही थी जो अब 260 तक पहुंच गई है। अप्रैल और मई में विद्युत की मांग इस बार 400 मेगावाट से अधिक हो सकती है।
सूरज के तेवर सख्त हैं। मार्च में ही लू के थपेड़े लग रहे हैं। दिन के साथ रात का तापमान बढ़ने से एसी-कूलर शुरू हो गए हैं। टोरंट पॉवर के उपाध्यक्ष शैलेश देसाई ने बताया कि बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए हम पूरी तरह तैयार हैं। दो सप्ताह में करीब 50 मेगावाट खपत बढ़ी है।
आने वाले समय में बढ़ेगी मांग
आने वाले समय में डिमांड बढ़ने पर उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी। पिछले साल मार्च में दौ सौ मेगावाट से कम बिजली की डिमांड रही थी। जो इस बार पिछले बार की तुलना में अधिक हो गई है।
शहर में पांच लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता हैं। इनके अलावा औद्योगिक इकाइयों में भी बिजली की मांग बढ़ रही है। करीब 50 मेगावॉट बिजली औद्योगिक इकाइयों के लिए चाहिए।
इधर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिससे आगामी दिनों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि डीवीएनएल के निदेशक एसके गुप्ता ने दावा किया कि विद्युत आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
मुख्यालय का गेट बंद करने पर हंगामा
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन हुआ। सुबह कर्मचारी पहुंचे तो उन्हें मुख्यालय का गेट बंद मिला। जिसके विरोध में उन्होंने नारेबाजी की। दोपहर बाद तीन बजे सभी कर्मचारी इकठ्ठा हो गए। शाम पांच बजे तक हंगामा चलता रहा।