{"_id":"6ae3b1abf47eb63cf802b3b2","slug":"educated-voters-failed-to-write-down-the-count-correctly-agra-news-c-25-agr1034-1199735-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: पढ़े-लिखे मतदाता... ठीक से गिनती लिखने में चूके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: पढ़े-लिखे मतदाता... ठीक से गिनती लिखने में चूके
विज्ञापन
आगरा। शिक्षा का पाठ पढ़ाने वाले डिग्रीधारक मतदाता अपने नेता को चुनने में चूक कर गए। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कुल पड़े 29,865 मतों में से वैध मत 27,737 ही निकले जबकि 2128 मत निरस्त हो गए। यानी करीब 8 फीसदी मत परिणाम में शामिल नहीं हो सके। इसी तरह खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतों की संख्या 94,842 रही। इनमें से 88,988 वैध रहे तो 5,852 निरस्त हो गए। करीब 6 फीसदी निरस्त हो गए। इनमें कई ने वरीयता के हिसाब से गिनती लिखने में ध्यान नहीं दिया तो किसी ने क्रॉस व सही का चिह्न लगाकर मतपत्र गड़बड़ कर दिया।
एमएलसी शिक्षक में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी को हार का सामना करना पड़ा। मतदान में 8 फीसदी मत निरस्त होने से प्रत्याशियों को लाभ नहीं मिल सका। एमएलसी शिक्षक और स्नातक चुनाव में मतपत्र में अपनी पसंद के प्रत्याशी को वरीयता के आधार पर 1, 2, 3 क्रमवार लिखना था मगर पढ़े-लिखे मतदाताओं ने ध्यान नहीं दिया। मतपत्र में गलती कर बैठे। इनमें जो कमियां थीं, वो मामूली थीं। किसी ने 1, 2, 3 की गिनती नहीं लिखी। कहीं क्रॉस लगा दिया। किसी ने सही का निशान तो किसी ने शब्दों में अंक लिखा। एक ही मत्रपत्र पर दो बार सही का निशान लगाया गया। इन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से इतने मत निरस्त हो गए।
इसी तरह स्नातक निर्वाचन में भाजपा के डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी ने जीत दर्ज की जबकि सपा के शशांक यादव को हार का सामना करना पड़ा। इस मतदान में 94,842 मत पड़े। इनमें वैध मत 88,988 निकले। 5,852 मत निरस्त हो गए। इस तरह से 6.1 फीसदी मत निरस्त हुए। यह मत अगर प्रत्याशियों को मिलते तो जीत का अंतर बढ़ सकता था तो दूसरे प्रत्याशियों का भी मत प्रतिशत बढ़ता।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमएलसी शिक्षक में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी को हार का सामना करना पड़ा। मतदान में 8 फीसदी मत निरस्त होने से प्रत्याशियों को लाभ नहीं मिल सका। एमएलसी शिक्षक और स्नातक चुनाव में मतपत्र में अपनी पसंद के प्रत्याशी को वरीयता के आधार पर 1, 2, 3 क्रमवार लिखना था मगर पढ़े-लिखे मतदाताओं ने ध्यान नहीं दिया। मतपत्र में गलती कर बैठे। इनमें जो कमियां थीं, वो मामूली थीं। किसी ने 1, 2, 3 की गिनती नहीं लिखी। कहीं क्रॉस लगा दिया। किसी ने सही का निशान तो किसी ने शब्दों में अंक लिखा। एक ही मत्रपत्र पर दो बार सही का निशान लगाया गया। इन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से इतने मत निरस्त हो गए।
विज्ञापन
इसी तरह स्नातक निर्वाचन में भाजपा के डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरुजी ने जीत दर्ज की जबकि सपा के शशांक यादव को हार का सामना करना पड़ा। इस मतदान में 94,842 मत पड़े। इनमें वैध मत 88,988 निकले। 5,852 मत निरस्त हो गए। इस तरह से 6.1 फीसदी मत निरस्त हुए। यह मत अगर प्रत्याशियों को मिलते तो जीत का अंतर बढ़ सकता था तो दूसरे प्रत्याशियों का भी मत प्रतिशत बढ़ता।
विज्ञापन