{"_id":"5dd4d30c8ebc3e54f31457af","slug":"drone-flown-over-taj-mahal-in-agra-five-russian-tourists-detained","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ताजमहल की सुरक्षा में फिर लगी सेंध, हिरासत में ड्रोन उड़ाने वाले पांच रूसी पर्यटक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ताजमहल की सुरक्षा में फिर लगी सेंध, हिरासत में ड्रोन उड़ाने वाले पांच रूसी पर्यटक
Thu, 21 Nov 2019 09:49 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 21 Nov 2019 09:49 AM IST
विज्ञापन
ताजमहल के ऊपर उड़ता ड्रोन का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताज के प्रतिबंधित क्षेत्र में ताज सुरक्षा पुलिस के कैंप के पास बुधवार सुबह रूस से आए पांच सैलानियों के दल ने ड्रोन कैमरा उड़ाया। पुलिस ने कैमरा कब्जे में ले लिया, पांचों को पर्यटन थाने ले जाया गया। वहां उन्हें दो घंटे बिठाए रखने के बाद माफीनामा लिखवाकर छोड़ दिया गया।
पुलिस ने इनसे पूछताछ के हवाले से बताया कि रूस में सेंट पीटसबर्ग के रहने वाले ये लोग ऊपर से ताज का फोटो लेना चाहते थे। इनका कहना था कि इससे पहले कई स्मारकों पर गए हैं, वहां ड्रोन कैमरे से फोटो लिए थे।
इन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि ताज पर ड्रोन कैमरे से फोटो लेने पर पाबंदी है। एसओ पर्यटन थाना ने बताया कि सैलानियों की कोई गलती नहीं मिली। इस कारण उन्हें छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने इनसे पूछताछ के हवाले से बताया कि रूस में सेंट पीटसबर्ग के रहने वाले ये लोग ऊपर से ताज का फोटो लेना चाहते थे। इनका कहना था कि इससे पहले कई स्मारकों पर गए हैं, वहां ड्रोन कैमरे से फोटो लिए थे।
विज्ञापन
इन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि ताज पर ड्रोन कैमरे से फोटो लेने पर पाबंदी है। एसओ पर्यटन थाना ने बताया कि सैलानियों की कोई गलती नहीं मिली। इस कारण उन्हें छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
ताजमहल पर उड़ाया ड्रोन
- फोटो : अमर उजाला
पांच दिन पहले ड्रोन उड़ाने के मामले में स्मारक को क्षति की आशंका का मुकदमा
पांच दिन पहले भी ताज पर ड्रोन उड़ा था। तब पुलिस यह मालूम नहीं कर पाई थी कि इसे किसने उड़ाया। इसमें केस दर्ज किया गया। यह केस सुरक्षा पर खतरे का नहीं बल्कि स्मारक को नुकसान पहुंचने की आशंका की धारा में दर्ज किया गया है।
एसओ पर्यटन थाना ने बताया कि इसमें आईपीसी की धारा 287 और 336 लगाई गई हैं। ये उस केस में लगाई जाती हैं जिसमें किसी व्यक्ति से मशीन से किसी स्मारक की इमारत को नुकसान पहुंचने की आशंका हो। अब तक यह मालूम नहीं चल सका है कि ड्रोन किसने उड़ाया? यह मेहताब बाग से उड़ाया गया था जो ताज तक पहुंच गया था।
पांच दिन पहले भी ताज पर ड्रोन उड़ा था। तब पुलिस यह मालूम नहीं कर पाई थी कि इसे किसने उड़ाया। इसमें केस दर्ज किया गया। यह केस सुरक्षा पर खतरे का नहीं बल्कि स्मारक को नुकसान पहुंचने की आशंका की धारा में दर्ज किया गया है।
एसओ पर्यटन थाना ने बताया कि इसमें आईपीसी की धारा 287 और 336 लगाई गई हैं। ये उस केस में लगाई जाती हैं जिसमें किसी व्यक्ति से मशीन से किसी स्मारक की इमारत को नुकसान पहुंचने की आशंका हो। अब तक यह मालूम नहीं चल सका है कि ड्रोन किसने उड़ाया? यह मेहताब बाग से उड़ाया गया था जो ताज तक पहुंच गया था।
ताज पर महीने में दो बार उड़ाया जा रहा ड्रोन
ताज पर ड्रोन उड़ाने के मामले हर महीने कम से कम दो आ रहे हैं। हर बार विदेशी सैलानी ड्रोन उड़ा रहे हैं।
16 नवंबर : मेहताब बाग से ड्रोन उड़ाया गया। पता किया जा रहा है कि यह किसने उड़ाया।
11 अक्तूबर : चीन के पर्यटक ने ताज केपास ड्रोन उड़ाया। उससे माफीनामा लिखवाकर छोड़ दिया गया।
23 सितंबर : फ्रांस के पर्यटक ने होटल से ड्रोन उड़ाया। उसे भी माफी देकर छोड़ दिया गया।
11 अगस्त : चीन के बीजिंग से आई जुआन जिआंग ने पश्चिम गेट से ड्रोन उड़ाया। पूछताछ केबाद उसे छोड़ दिया गया।
एक अगस्त : फांस के पर्यटक थॉमस डंगराल ने नजीर की मजार के पास से ड्रोन उडा़या।
सैलानियों को पता ही नहीं, ड्रोन उड़ाना मना है
हर बार यही हुआ है। पुलिस ने सैलानी को ड्रोन उड़ाने पर पकड़ा। बाद में यह कहकर छोड़ दिया कि उसे जानकारी नहीं थी कि यहां ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है। दरअसल, प्रशासन ने ड्रोन पर प्रतिबंध के साथ तय किया था कि पार्किंग, पर्यटन की वेबसाइट, होटल, चौराहों पर लगे बोर्ड पर यह लिखा जाएगा कि ताज पर ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल प्रतिबंधित है लेकिन तीन साल में ऐसा किया नहीं जा सका है।
ताज पर ड्रोन उड़ाने के मामले हर महीने कम से कम दो आ रहे हैं। हर बार विदेशी सैलानी ड्रोन उड़ा रहे हैं।
16 नवंबर : मेहताब बाग से ड्रोन उड़ाया गया। पता किया जा रहा है कि यह किसने उड़ाया।
11 अक्तूबर : चीन के पर्यटक ने ताज केपास ड्रोन उड़ाया। उससे माफीनामा लिखवाकर छोड़ दिया गया।
23 सितंबर : फ्रांस के पर्यटक ने होटल से ड्रोन उड़ाया। उसे भी माफी देकर छोड़ दिया गया।
11 अगस्त : चीन के बीजिंग से आई जुआन जिआंग ने पश्चिम गेट से ड्रोन उड़ाया। पूछताछ केबाद उसे छोड़ दिया गया।
एक अगस्त : फांस के पर्यटक थॉमस डंगराल ने नजीर की मजार के पास से ड्रोन उडा़या।
सैलानियों को पता ही नहीं, ड्रोन उड़ाना मना है
हर बार यही हुआ है। पुलिस ने सैलानी को ड्रोन उड़ाने पर पकड़ा। बाद में यह कहकर छोड़ दिया कि उसे जानकारी नहीं थी कि यहां ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है। दरअसल, प्रशासन ने ड्रोन पर प्रतिबंध के साथ तय किया था कि पार्किंग, पर्यटन की वेबसाइट, होटल, चौराहों पर लगे बोर्ड पर यह लिखा जाएगा कि ताज पर ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल प्रतिबंधित है लेकिन तीन साल में ऐसा किया नहीं जा सका है।