डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: 'डिजीलॉकर' पर अपलोड हुईं 20 लाख डिग्री-अंकतालिकाएं, कॉल सेंटर भी शुरू
सबसे पहले डिजिटलाइजेशन बीएड पाठ्यक्रम से शुरू किया गया है। इससे चार्ट की गोपनीयता बनी रहे। साथ ही 698857 डिग्री और 1185672 अंकतालिकाओं को डिजीलॉकर में अपलोड किया गया है।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में 20 लाख छात्र-छात्राओं की अंकतालिका और डिग्रियों को डिजीलॉकर एप पर अपलोड कर दिया गया है। 2015 से पहले के गोपनीय चार्ट में छेड़छाड़ रोकने के लिए इनका डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने बताया कि फर्जी प्रमाणपत्र, गोपनीय चार्ट में छेड़छाड़ समेत इनको नुकसान पहुंचाने से बचाने के लिए 2015 से पहले के स्नातक, परास्नातक, व्यावसायिक समेत अन्य पाठ्यक्रमों के गोपनीय चार्ट को डिजिटलाइज्ड कर रहे हैं।
बीएड पाठ्यक्रम का सबसे पहले हुआ डिजिटलाइजेशन
सबसे पहले डिजिटलाइजेशन बीएड पाठ्यक्रम से शुरू किया जा रहा है। इससे चार्ट की गोपनीयता बनी रहे। साथ ही 698857 डिग्री और 1185672 अंकतालिकाओं को डिजीलॉकर में अपलोड किया है। इससे छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेंगे।
छात्रों के वर्तमान शैक्षणिक विवरण के लिए वन व्यू सॉफ्टवेयर भी विकसित किया है। विश्वविद्यालय ने 2015 से 2021 तक के परिणाम एनआईसी पर अपलोड कर दिए हैं। मंगलवार को दीक्षांत समारोह में शिवाजी मंडपम, संस्कृति भवन और कॉल सेंटर का उद्घाटन हुआ।
ये शुरू हुईं सुविधाएं
कॉल सेंटर पर छात्र बता सकेंगे समस्या
छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुनने के लिए कॉल सेंटर भी शुरू कर रहे हैं, इसमें टोल फ्री नंबर जारी होगा। इससे छात्र अपनी समस्या दर्ज करा सकेगा। इसकी रोजाना निगरानी की जाएगी। ये 24 घंटे सेवा में रहेगा।
936 कॉलेजों की हुई जियो टैगिंग
विश्वविद्यालय से संबद्ध 936 कॉलेजों की जियो टैगिंग हो गई है। इनके संचालकों को समारोह में जियो टैगिंग नंबर जारी होगा। इससे परीक्षा केंद्र बनाने, सही लोकेशन जानने में सुविधा मिलेगी।
प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग सेल भी बनाया
विश्वविद्यालय ने प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग सेल विकसित की है। इसको वित्त समिति कौर एक्जक्यूटिव समिति की बैठक से स्वीकृत भी कराया है। इस सेल को सॉफ्टवेयर विकसित करेंगे, जिससे विश्वविद्यालय का परीक्षा संबंधी डाटा रहेगा। अभी एजेंसी के पास ही इसका विवरण रहता है।