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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: 995 संबद्ध कॉलेजों में से 20 के पास नैक की ग्रेडिंग
Thu, 14 Jan 2021 11:57 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 14 Jan 2021 11:57 AM IST
सार
- 995 संबद्ध कॉलेज
- 20 के पास नैक की ग्रेडिंग
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध 995 राजकीय, एडेड और स्ववित्तपोषित कॉलेजों में से महज 20 के पास मौजूदा समय में नेशनल असेसमेंट एंड अक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) की ग्रेडिंग है। जबकि सभी कॉलेजों के लिए नैक टीम का निरीक्षण कराना और ग्रेडिंग प्राप्त करना अनिवार्य है। चालू वित्तीय वर्ष में कॉलेजों को प्रेरित करने व प्रशिक्षण के लिए बजट भी नहीं आया है।
विश्वविद्यालय को प्रति वर्ष दो लाख रुपये कार्यशाला आयोजन के लिए मिलता था। इससे प्रत्येक चार माह में कार्यशाला का आयोजन कर नैक टीम का निरीक्षण कराने के लिए संबद्ध कॉलेजों को प्रेरित और प्रशिक्षित करना होता था। विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी के सचिव प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार की ओर से बजट नहीं दिया गया है। कारण, कोरोना संक्रमण को बताया जा रहा है। अंतिम कार्यशाला दिसंबर 2019 में आयोजित की गई थी। इसमें करीब 150 स्ववित्तपोषित कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
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एक भी राजकीय कॉलेज के पास नैक की ग्रेडिंग नहीं
विश्वविद्यालय के आंकड़े के मुताबिक 16 में से एक भी राजकीय कॉलेज के पास नैक की ग्रेडिंग नहीं है। अभी तक महज एक कॉलेज ने नैक टीम का निरीक्षण अपने यहां कराया है। वहीं, संबद्ध 39 एडेड कॉलेजों में से 15 ने एक बार नैक टीम का निरीक्षण कराया। इस समय महज 10 कॉलेजों के पास नैक की ग्रेडिंग है। स्ववित्तपोषित कॉलेजों की संख्या 940 है, इसमें से 35 ने एक बार नैक टीम का निरीक्षण अपने यहां कराया। वर्तमान में 10 कॉलेजों के पास ग्रेडिंग है। नैक की ग्रेडिंग वैधता पांच वर्ष की होती है। इसके समाप्त होने के बाद फिर से नैक टीम का निरीक्षण कराना होता है।
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विश्वविद्यालय को प्रति वर्ष दो लाख रुपये कार्यशाला आयोजन के लिए मिलता था। इससे प्रत्येक चार माह में कार्यशाला का आयोजन कर नैक टीम का निरीक्षण कराने के लिए संबद्ध कॉलेजों को प्रेरित और प्रशिक्षित करना होता था। विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी के सचिव प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार की ओर से बजट नहीं दिया गया है। कारण, कोरोना संक्रमण को बताया जा रहा है। अंतिम कार्यशाला दिसंबर 2019 में आयोजित की गई थी। इसमें करीब 150 स्ववित्तपोषित कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
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एक भी राजकीय कॉलेज के पास नैक की ग्रेडिंग नहीं
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छात्रों को विवि के काउंटर पर ही मिलेगी ऑनलाइन फार्म भरने की सुविधा
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के काउंटर से ही छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को ऑनलाइन फार्म भरने और प्रमाणपत्रों की फोटोस्टेट कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन अधिकृत वेंडर रखेगा।
अभी विभिन्न कार्यों से आने वाले छात्र-छात्राएं व अभिभावक विश्वविद्यालय के चहारदीवारी के सहारे कैनोपी लगाकर बैठे लोगों से फोटोस्टेट व फार्म भरवाने का काम कराते थे। मंगलवार को विवि के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से परिसर के बाहर भी निरीक्षण किया गया था। तीन कैनोपी लगी मिली थी, उन्हें हटाने के लिए कहा था। बुधवार को किसी ने भी कैनोपी नहीं लगाई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि कुलपति के साथ बात हुई है, एक हफ्ते के अंदर अधिकृत वेंडर को रखे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद विश्वविद्यालय के काउंटर से ही सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के काउंटर से ही छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को ऑनलाइन फार्म भरने और प्रमाणपत्रों की फोटोस्टेट कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन अधिकृत वेंडर रखेगा।
अभी विभिन्न कार्यों से आने वाले छात्र-छात्राएं व अभिभावक विश्वविद्यालय के चहारदीवारी के सहारे कैनोपी लगाकर बैठे लोगों से फोटोस्टेट व फार्म भरवाने का काम कराते थे। मंगलवार को विवि के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से परिसर के बाहर भी निरीक्षण किया गया था। तीन कैनोपी लगी मिली थी, उन्हें हटाने के लिए कहा था। बुधवार को किसी ने भी कैनोपी नहीं लगाई। चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि कुलपति के साथ बात हुई है, एक हफ्ते के अंदर अधिकृत वेंडर को रखे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद विश्वविद्यालय के काउंटर से ही सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।