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स्वामी बाग-दयाल बाग के बीच कम होंगी दूरियां!
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Wed, 20 Apr 2016 01:43 AM IST
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राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरनधनी हुजूर स्वामीजी महाराज के 200वें जयंती समारोह से पहले स्वामीबाग और दयालबाग के बीच दिलों के फासले कम हो सकते हैं।
- फोटो : file photo
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राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरनधनी हुजूर स्वामीजी महाराज के 200वें जयंती समारोह से पहले स्वामीबाग और दयालबाग के बीच दिलों के फासले कम हो सकते हैं। स्वामीबाग के बाद अब दयालबाग ने भी मुरार घोषणा पत्र का सहारा लेकर दूरियों को कम करने की पहल की है। राधास्वामी सत्संग सभा ने मंगलवार को मीडिया में मुरार घोषणा पत्र के साथ अपने भावी कदमों का खुलासा किया। इसके बाद अब निगाहें स्वामीबाग की सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल पर हैं।
राधास्वामी मत के संस्थापक और प्रथम आचार्य पूरनधनी हुजूर स्वामीजी महाराज का जन्म 1818 में पन्नी गली में हुआ था। साल 2018 में उनकी 200वीं जयंती मनाने की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। स्वामीबाग में बन रही स्वामीजी महाराज की पवित्र समाधि को भी उससे पहले पूरी करने का काम तेजी से चल रहा है। साल 2018 में अगस्त से सितंबर के बीच 15 दिन तक द्वितीय शताब्दी समारोह स्वामीबाग स्थित पवित्र समाधि पर मनाया जाएगा। इसमें देश और दुनिया भर से लाखों राधास्वामी सत्संगी हिस्सा लेने पहुंचेंगे। जयंती समारोह से पहले मत के सभी सत्संगियों को एक करने की कवायद शुरू हुई है। दयालबाग और स्वामीबाग के बीच सालों से विवाद है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट में भी उनके बीच कई मामले जा चुके हैं। बीते कुछ सालों में स्वामीबाग और दयालबाग के बीच के फासलों को कम करने के लिए दयालबाग के गुरु महाराज प्रो. सत्संगी स्वामीबाग स्थित समाधि पर मत्था टेकने दो बार जा चुके हैं। स्वामीबाग की सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल ने उनकी पहल का स्वागत करते हुए अपने रुख को नरम किया है। माना जा रहा है कि जयंती समारोह में मत के सभी सत्संगी मिसाल कायम करेंगे। राधास्वामी सत्संग सभा, दयालबाग के मीडिया प्रभारी आर के नैयर के मुताबिक, हम पिछले कुछ सालों से प्रयास कर रहे हैं कि जो विवाद हैं, खत्म हो जाएं। मुरार घोषणा पत्र के जरिए हमने पहल की है।
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राधास्वामी मत के संस्थापक और प्रथम आचार्य पूरनधनी हुजूर स्वामीजी महाराज का जन्म 1818 में पन्नी गली में हुआ था। साल 2018 में उनकी 200वीं जयंती मनाने की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। स्वामीबाग में बन रही स्वामीजी महाराज की पवित्र समाधि को भी उससे पहले पूरी करने का काम तेजी से चल रहा है। साल 2018 में अगस्त से सितंबर के बीच 15 दिन तक द्वितीय शताब्दी समारोह स्वामीबाग स्थित पवित्र समाधि पर मनाया जाएगा। इसमें देश और दुनिया भर से लाखों राधास्वामी सत्संगी हिस्सा लेने पहुंचेंगे। जयंती समारोह से पहले मत के सभी सत्संगियों को एक करने की कवायद शुरू हुई है। दयालबाग और स्वामीबाग के बीच सालों से विवाद है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट में भी उनके बीच कई मामले जा चुके हैं। बीते कुछ सालों में स्वामीबाग और दयालबाग के बीच के फासलों को कम करने के लिए दयालबाग के गुरु महाराज प्रो. सत्संगी स्वामीबाग स्थित समाधि पर मत्था टेकने दो बार जा चुके हैं। स्वामीबाग की सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल ने उनकी पहल का स्वागत करते हुए अपने रुख को नरम किया है। माना जा रहा है कि जयंती समारोह में मत के सभी सत्संगी मिसाल कायम करेंगे। राधास्वामी सत्संग सभा, दयालबाग के मीडिया प्रभारी आर के नैयर के मुताबिक, हम पिछले कुछ सालों से प्रयास कर रहे हैं कि जो विवाद हैं, खत्म हो जाएं। मुरार घोषणा पत्र के जरिए हमने पहल की है।
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