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UP: ताजमहल से हमेशा बनाए रखी दूरी...धर्मेंद्र ने एक बार भी नहीं किया ताज का दीदार, ये किरदार निभाकर जोड़ा नाता
Tue, 25 Nov 2025 09:47 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2025 09:47 AM IST
सार
हिंदी सिनेमा के ही-मैन और शोले के वीरू अभिनेता धर्मेंद्र के निधन से उनके प्रशंसकों और कलाप्रेमियों में शोक की लहर है। मथुरा में चुनाव प्रचार के लिए आए लेकिन आगरा से उनकी दूरी बनी रही।
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वेबसीरीज का पोस्टर
- फोटो : संवाद
विस्तार
अभिनेता धर्मेंद्र की आगरा आने और ताजमहल देखने की की ख्वाहिश अधूरी रही, लेकिन मुगल सल्तनत पर आधारित वेबसीरीज ताज: डिवाइडेड बाय ब्लड में उन्होंने शेख सलीम चिश्ती का किरदार निभाकर आगरा से नाता जोड़ा था। उन्होंने बीमारी से ठीक होने के बाद आगरा आने का वादा किया था, लेकिन वह पूरा न हो सका।
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ताजमहल पर फिल्मों की शूटिंग के लिए बॉलीवुड के ज्यादातर अभिनेता आगरा आए हैं, लेकिन अभिनेता धर्मेंद्र की ताजमहल से दूरी बनी रही। वह आगरा में किसी फिल्म की शूटिंग के लिए नहीं आए। उनके बेटे बॉबी देओल ताजमहल पर बिच्छू फिल्म की शूटिंग के दौरान कई दिन आगरा में रहे थे। प्रताप नगर निवासी पीयूष मल्होत्रा के जरिये वह आगरा से लगातार जुड़े रहे। मोबाइल कारोबारी पीयूष मल्होत्रा को सोमवार सुबह जब धर्मेंद्र के निधन की खबर मिली तो उनके साथ बिताए पल उनके सामने किसी फिल्म के मानिंद घूम गए।
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वेबसीरीज ताज : डिवाइडेड बाय ब्लड में धर्मेंद्र ने फतेहपुर सीकरी के शेख सलीम चिश्ती का किरदार निभाया था। इसमें मुगल शहंशाह अकबर को दी गई सलाह में उनके डायलॉग जबरदस्त रहे। सूफी संत शेख सलीम चिश्ती के किरदार को उन्होंने जीवंत कर दिया था। मुगल सल्तनत के भविष्य के लिए उनकी सलाह और भविष्यवाणी इस वेबसीरीज की कहानी की नींव है।
रात में मत जाना, सुबह चले जाना
पीयूष मल्होत्रा बताते हैं कि एक बार पुणे में काम के सिलसिले में गए तो धर्मेंद्र की फिल्म की शूटिंग चल रही थी। वह वहीं पर उनसे मिलने चले गए। उनके लाए हुए लड्डू खाए और जब जाने की बारी आई तो कहा कि रात में मत जाना, सुबह चले जाना। पीयूष कहते हैं कि पहली बार भी अगर उनसे कोई मिला तो गर्मजोशी से ही मिलते थे। उनके साथ गए स्टाफ के सदस्य भी धर्मेंद्र की विनम्रता और प्यार के कायल हो गए। फोन पर पीयूष की मां से बातचीत में धर्मेंद्र ने आगरा आने की ख्वाहिश जताई थी और कहा था कि इस बार जब तबीयत ठीक होगी तो वह आगरा जरूर आएंगे, लेकिन उससे पहले ही उनके निधन की खबर आ गई।
पीयूष मल्होत्रा बताते हैं कि एक बार पुणे में काम के सिलसिले में गए तो धर्मेंद्र की फिल्म की शूटिंग चल रही थी। वह वहीं पर उनसे मिलने चले गए। उनके लाए हुए लड्डू खाए और जब जाने की बारी आई तो कहा कि रात में मत जाना, सुबह चले जाना। पीयूष कहते हैं कि पहली बार भी अगर उनसे कोई मिला तो गर्मजोशी से ही मिलते थे। उनके साथ गए स्टाफ के सदस्य भी धर्मेंद्र की विनम्रता और प्यार के कायल हो गए। फोन पर पीयूष की मां से बातचीत में धर्मेंद्र ने आगरा आने की ख्वाहिश जताई थी और कहा था कि इस बार जब तबीयत ठीक होगी तो वह आगरा जरूर आएंगे, लेकिन उससे पहले ही उनके निधन की खबर आ गई।
कैबिनेट मंत्री ने साझा की धर्मेंद्र के साथ तस्वीर
कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने धर्मेंद्र के साथ अपनी तस्वीर साझा की। प्रो. बघेल ने कहा कि 6 दशकों तक देशवासियाें के हृदय को स्पर्श करने वाले अभिनेता धर्मेंद्र के साथ 14वीं लोकसभा में काम करने का सौभाग्य मिला। उनका निधन सिनेमा जगत के लिए अपूरर्णीय क्षति है। वह सामान्य परिवार से निकलकर अमिट पहचान वाले चुनिंदा कलाकारों में से एक रहे। सरलता, सौम्यता और अद्भुत अभिनय क्षमता से दर्शकों के दिल में वह छाए रहे। कला प्रेमी अरुण डंग और सुधीर नारायण ने धर्मेंद्र के निधन पर शोक जताया और कहा कि उनके निधन ने सिनेमा ने हरफनमौला कलाकार को खो दिया।
कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने धर्मेंद्र के साथ अपनी तस्वीर साझा की। प्रो. बघेल ने कहा कि 6 दशकों तक देशवासियाें के हृदय को स्पर्श करने वाले अभिनेता धर्मेंद्र के साथ 14वीं लोकसभा में काम करने का सौभाग्य मिला। उनका निधन सिनेमा जगत के लिए अपूरर्णीय क्षति है। वह सामान्य परिवार से निकलकर अमिट पहचान वाले चुनिंदा कलाकारों में से एक रहे। सरलता, सौम्यता और अद्भुत अभिनय क्षमता से दर्शकों के दिल में वह छाए रहे। कला प्रेमी अरुण डंग और सुधीर नारायण ने धर्मेंद्र के निधन पर शोक जताया और कहा कि उनके निधन ने सिनेमा ने हरफनमौला कलाकार को खो दिया।