{"_id":"5ef9b8108ebc3e42e827a79e","slug":"diesel-and-petrol-prices-impact-on-vegetables-rate-hike-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का सब्जियों पर असर, डेढ़ गुनी हुईं महंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का सब्जियों पर असर, डेढ़ गुनी हुईं महंगी
Mon, 29 Jun 2020 03:16 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 29 Jun 2020 03:16 PM IST
सार
- डेढ़ गुनी हुई सब्जियों की कीमत, टमाटर 35 - तोरई 15 रुपये किलो
- डीजल के बढ़े दाम और बारिश का पड़ा असर, एक हफ्ते में ही बढ़ गए दाम
विज्ञापन
सब्जी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डीजल-पेट्रोल की बढ़ती हुई कीमत और बारिश का असर सब्जियों के दाम पर दिखने लगा है। आगरा में सब्जियों की कीमतों में 50 फीसदी तक का उछाल आ गया है। इसमें बाहर से आने वाली आवक पर अधिक प्रभाव है। इधर, मुनाफाखोरी की वजह से भी महंगाई बढ़ी है।
विज्ञापन
पिछले कुछ दिनों से डीजल के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके चलते बाहर की ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने भाडे़ बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इसका असर सब्जी कीमतों पर दिखने लगा है। सबसे ज्यादा वृद्धि टमाटर, शिमला मिर्च, धनिये के दामों में हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मसलन, हफ्तेभर में टमाटर थोक में आठ रुपये से बढ़कर 16, शिमला मिर्च 20 से बढ़कर 27 और धनिया 10 से बढ़कर 15 रुपये किलो तक आ गया है। जबकि स्थानीय आवक में पालक, लौकी, तोरई की कीमतों में मामूली वृद्धि हुई है।
ये हैं सब्जियों के दाम
| सब्जी | थोक | फुटकर |
| पहले | अब | पहले | अब | |
| टमाटर | 8 | 16 | 30 | 35 |
| शिमला मिर्च | 20 | 27 | 40 | 45 |
| धनिया | 10 | 15 | 30 | 35 |
| पालक | 2 | 3 | 10 | 15 |
| तोरई | 3 | 4 | 10 | 15 |
| लौकी | 2 | 3 | 10 | 15 |
स्थानीय आवक कम हुई
सब्जी मंडी अध्यक्ष संजीव यादव ने बताया कि बारिश और डीजल के बढ़ते हुई दामों का फर्क आया है। स्थानीय सब्जियों के आवक में मामूली कमी है, जबकि मध्य प्रदेश महाराष्ट्र, राजस्थान से आवक तेज हुई है।
भाड़ा बढ़ने से दाम बढ़ाने पड़े
फुटकर विक्रेता राजू ने बताया कि थोक मंडी से जो सामान मिलता है, उस पर मामूली खर्च लगाकर माल बेचते हैं। लोडिंग ट्रेंपो वालों ने भाड़े बढ़ा दिए हैं। जिसका वजह से असर दिख रहा है।
डीजल-पेट्रोल के दाम नियंत्रित किए जाएं
गृहिणा कृष्णा अग्रवाल ने कहा कि सब्जियां रोजमर्रा में प्रयोग होती है। इस पर महंगाई नहीं होनी चाहिए। लगातार बढ़ रहे डीजल-पेट्रोल के दामों को नियंत्रित करना चाहिए। जिससे आम जनता के जेब पर भार न पड़े।
कीमतों के साथ बढ़ी परेशानी
गृहिणी मीनाक्षी दुआ ने कहा कि खानपान से संबंधित वस्तुओं पर सरकार का ध्यान होना चाहिए। इसकी कीमतें बढ़ने से निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए परेशानी बढ़ जाती है। इस समय वैसे भी समस्याएं बढ़ी हुई हैं।
भाड़ा बढ़ने से दाम बढ़ाने पड़े
फुटकर विक्रेता राजू ने बताया कि थोक मंडी से जो सामान मिलता है, उस पर मामूली खर्च लगाकर माल बेचते हैं। लोडिंग ट्रेंपो वालों ने भाड़े बढ़ा दिए हैं। जिसका वजह से असर दिख रहा है।
डीजल-पेट्रोल के दाम नियंत्रित किए जाएं
गृहिणा कृष्णा अग्रवाल ने कहा कि सब्जियां रोजमर्रा में प्रयोग होती है। इस पर महंगाई नहीं होनी चाहिए। लगातार बढ़ रहे डीजल-पेट्रोल के दामों को नियंत्रित करना चाहिए। जिससे आम जनता के जेब पर भार न पड़े।
कीमतों के साथ बढ़ी परेशानी
गृहिणी मीनाक्षी दुआ ने कहा कि खानपान से संबंधित वस्तुओं पर सरकार का ध्यान होना चाहिए। इसकी कीमतें बढ़ने से निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए परेशानी बढ़ जाती है। इस समय वैसे भी समस्याएं बढ़ी हुई हैं।