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डीजीएमई ने देखा एनएन में व्यवस्थाओं का सच
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 19 Apr 2015 02:20 AM IST
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महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) प्रो. वीएन त्रिपाठी के निरीक्षण में एसएन मेडिकल कालेज की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। सफाई व पानी की समस्या और दवाओं की किल्लत पर उनका माथा ठनक गया। कालेज प्रशासन को 15 दिन में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में भी निरीक्षण कर अव्यवस्थाएं सुधारने की हिदायत दी।
एसएन में एमबीबीएस की 150 सीटाें के लिए जल्द ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का निरीक्षण होने वाला है। सीटों को बरकरार रखने के लिए जद्दोजहद जारी है। मानकाें की हकीकत जानने के लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा सुबह निरीक्षण करने पहुंचे। नेत्र रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, सर्जरी विभाग का हाल देख वह दंग रह गए। यहां शौचालय, पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। गंदगी ऐसी कि चंद मिनट रुकना दुश्वार था। उन्होंने मरीजों से भी पूछताछ की। इस पर मरीजों ने दवाएं न मिलने और जांच बाहर से कराने की समस्या बताई।
इमारत, छात्रावास को मांगा प्रस्ताव
नए छात्रावास निर्माण और इमारतों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाने के लिए कहा। बता दें कि हास्टल की कमी और जर्जर इमारतों को देख एमसीआई ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। शासन की ओर से इन मानकाें के पूर्ण करने के आश्वासन पर ही एमसीआई सीट बरकरार रखेगी।
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शिक्षकाें को मिली सौगात
चिकित्सा शिक्षकाें के लिए डीजीएमई ने खुशखबरी सुनाई। एलटी-फोर में शिक्षकाें से रूबरू होते हुए सभी का परिचय लिया। वहीं उन्हाेंने शिक्षकाें के लिए यूजीसी के वेतनमान लागू होने की भी जानकारी दी।
एसएन का अपना होगा सीटी स्कैन, एमआरआई सेंटर
एसएन में जल्द ही खुद का सीटी स्कैन और एमआरआई सेंटर होगा। इसके लिए शासन ने 12 करोड़ का बजट निश्चित किया है। इससे गरीब मरीजाें को निशुल्क जांच और अन्य को बेहद रियायती दर पर सुविधा मिलेगी। वर्तमान में एक एनजीओ की मदद से यह सेवाएं दी जा रही हैं।
नर्सिंग स्टाफ ने की अफसरों की शिकायत
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। वार्ड में भी व्यवस्थाएं देखी। यहां नर्सिंग स्टाफ ने वेतनमान में धांधली और आला अधिकारियों के मनमाने रवैये की शिकायत की।
वर्जन
सफाई, पानी, शौचालय की समस्या मिली। इन्हें ठीक करने के निर्देश दिए हैं। भवन, हास्टल के लिए प्रस्ताव मांगा है। मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा शिक्षा केंद्र के प्रयास हैं। यहां भी कुछ शिकायतें मिलीं, जिनको ठीक करने को कहा है। दोबारा फिर जांच की जाएगी।
- प्रो. वीएन त्रिपाठी, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा
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एसएन में एमबीबीएस की 150 सीटाें के लिए जल्द ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का निरीक्षण होने वाला है। सीटों को बरकरार रखने के लिए जद्दोजहद जारी है। मानकाें की हकीकत जानने के लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा सुबह निरीक्षण करने पहुंचे। नेत्र रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, सर्जरी विभाग का हाल देख वह दंग रह गए। यहां शौचालय, पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। गंदगी ऐसी कि चंद मिनट रुकना दुश्वार था। उन्होंने मरीजों से भी पूछताछ की। इस पर मरीजों ने दवाएं न मिलने और जांच बाहर से कराने की समस्या बताई।
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इमारत, छात्रावास को मांगा प्रस्ताव
नए छात्रावास निर्माण और इमारतों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाने के लिए कहा। बता दें कि हास्टल की कमी और जर्जर इमारतों को देख एमसीआई ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। शासन की ओर से इन मानकाें के पूर्ण करने के आश्वासन पर ही एमसीआई सीट बरकरार रखेगी।
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शिक्षकाें को मिली सौगात
चिकित्सा शिक्षकाें के लिए डीजीएमई ने खुशखबरी सुनाई। एलटी-फोर में शिक्षकाें से रूबरू होते हुए सभी का परिचय लिया। वहीं उन्हाेंने शिक्षकाें के लिए यूजीसी के वेतनमान लागू होने की भी जानकारी दी।
एसएन का अपना होगा सीटी स्कैन, एमआरआई सेंटर
एसएन में जल्द ही खुद का सीटी स्कैन और एमआरआई सेंटर होगा। इसके लिए शासन ने 12 करोड़ का बजट निश्चित किया है। इससे गरीब मरीजाें को निशुल्क जांच और अन्य को बेहद रियायती दर पर सुविधा मिलेगी। वर्तमान में एक एनजीओ की मदद से यह सेवाएं दी जा रही हैं।
नर्सिंग स्टाफ ने की अफसरों की शिकायत
उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। वार्ड में भी व्यवस्थाएं देखी। यहां नर्सिंग स्टाफ ने वेतनमान में धांधली और आला अधिकारियों के मनमाने रवैये की शिकायत की।
वर्जन
सफाई, पानी, शौचालय की समस्या मिली। इन्हें ठीक करने के निर्देश दिए हैं। भवन, हास्टल के लिए प्रस्ताव मांगा है। मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा शिक्षा केंद्र के प्रयास हैं। यहां भी कुछ शिकायतें मिलीं, जिनको ठीक करने को कहा है। दोबारा फिर जांच की जाएगी।
- प्रो. वीएन त्रिपाठी, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा