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यमुना के बाद अब राधाकुंड के जल का आचमन श्रद्धा पर भारी, 100 से अधिक श्रद्धालु बीमार
Wed, 30 Oct 2019 10:13 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 30 Oct 2019 10:13 AM IST
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अस्पताल में भर्ती श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में यमुना के बाद अब गोवर्धन परिक्रमा मार्ग स्थित राधाकुंड के जल का आचमन श्रद्धा पर भारी पड़ गया है। यहां सोमवार को अन्नकूट का प्रसाद खाने के बाद 100 से अधिक श्रद्धालु बीमार हो गए हैं। सभी को स्थानीय अस्पताल और वृंदावन रामकिशन मिशन में भर्ती कराया गया।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा से करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु राधाकुंड में डेरा डाले हुए हैं। यह लोग परंपरागत तरीके से यहां रहकर कार्तिक मास में नियम सेवा करते हैं। इस दौरान गिरिराज जी की परिक्रमा, मंदिरों में मंगला और शयन आरती के साथ नियमित राधाकुंड में स्नान और जल का आचमन करते हैं।
इस प्रक्रिया में गोवर्धन पूजन के दिन इन श्रद्धालुओं ने अन्नकूट का प्रसाद भी लिया है। इसके बाद देर रात को इनमें से अनेक के पेट में दर्द और उल्टी-दस्त शुरू हो गए। हालत ज्यादा बिगड़ने पर इन्हें स्थानीय गिर्राज अस्पताल में भर्ती गया गया।
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पश्चिम बंगाल और ओडिशा से करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु राधाकुंड में डेरा डाले हुए हैं। यह लोग परंपरागत तरीके से यहां रहकर कार्तिक मास में नियम सेवा करते हैं। इस दौरान गिरिराज जी की परिक्रमा, मंदिरों में मंगला और शयन आरती के साथ नियमित राधाकुंड में स्नान और जल का आचमन करते हैं।
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इस प्रक्रिया में गोवर्धन पूजन के दिन इन श्रद्धालुओं ने अन्नकूट का प्रसाद भी लिया है। इसके बाद देर रात को इनमें से अनेक के पेट में दर्द और उल्टी-दस्त शुरू हो गए। हालत ज्यादा बिगड़ने पर इन्हें स्थानीय गिर्राज अस्पताल में भर्ती गया गया।
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मंगलवार की सुबह ऐसे मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो गया। कुछ ही घंटों में बीमार होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 100 के आंकड़े को पार कर गई। वहीं गंभीर रूप से बीमार 20 श्रद्धालुओं को वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन भेजा गया है।
राधाकुंड में इन श्रद्धालुओं का उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ भगत प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि प्रदूषित पानी और खाने से श्रद्धालु बीमार हुए हैं। दो दिन से एक-दो श्रद्धालु उपचार के लिए आ रहे थे, लेकिन मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भर्ती हुए हैं।
राधाकुंड में इन श्रद्धालुओं का उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ भगत प्रसाद गोस्वामी ने बताया कि प्रदूषित पानी और खाने से श्रद्धालु बीमार हुए हैं। दो दिन से एक-दो श्रद्धालु उपचार के लिए आ रहे थे, लेकिन मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भर्ती हुए हैं।
अंजान रहे अधिकारी, देर शाम लगाई दौड़
चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित तहसील मुख्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोवर्धन को श्रद्धालुओं के बीमार होने की खबर दिनभर नहीं लग सकी। एसडीएम गोवर्धन राहुल यादव ही नहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. रूपेंद्र सिंह भी अंजान रहे।
देर शाम जानकारी होने पर प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीम राधाकुंड दौड़ती नजर आईं। मौके पर पहुंचकर मरीजों की जानकारी ली। नायब तहसीलदार सतीश चंद्र ने ईओ महेंद्र कुमार को राधाकुंड की स्वच्छता के निर्देश दिए।
आचमन योग्य नहीं राधाकुंड का जल
राधाकुंड व श्याम कुंड के प्रदूषित जल की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण को दे चुका है। इसमें इस जल को आचमन योग्य नहीं माना है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों कुंडों में प्रदूषण की मात्रा अत्याधिक है। घुलित ऑक्सीजन यहां मानक से बहुत कम पाई गई है। प्रदूषण के रूप में बीओडी 10 मिली ग्राम प्रतिलीटर तक है। इसे आचमन योग्य नहीं माना जा सकता है।
गिरिराज परिक्रमा मार्ग स्थित राधाकुंड श्याम कुंड में प्रदूषण का मुख्य कारण यहां आसपास की आबादी है। घर और आश्रम से निकलने वाले सीवर और नालों का पानी सीधे श्यामकुंड और राधाकुंड में गिरते हैं।
देर शाम जानकारी होने पर प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीम राधाकुंड दौड़ती नजर आईं। मौके पर पहुंचकर मरीजों की जानकारी ली। नायब तहसीलदार सतीश चंद्र ने ईओ महेंद्र कुमार को राधाकुंड की स्वच्छता के निर्देश दिए।
आचमन योग्य नहीं राधाकुंड का जल
राधाकुंड व श्याम कुंड के प्रदूषित जल की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण को दे चुका है। इसमें इस जल को आचमन योग्य नहीं माना है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों कुंडों में प्रदूषण की मात्रा अत्याधिक है। घुलित ऑक्सीजन यहां मानक से बहुत कम पाई गई है। प्रदूषण के रूप में बीओडी 10 मिली ग्राम प्रतिलीटर तक है। इसे आचमन योग्य नहीं माना जा सकता है।
गिरिराज परिक्रमा मार्ग स्थित राधाकुंड श्याम कुंड में प्रदूषण का मुख्य कारण यहां आसपास की आबादी है। घर और आश्रम से निकलने वाले सीवर और नालों का पानी सीधे श्यामकुंड और राधाकुंड में गिरते हैं।
खाद्य विभाग की टीम ने लिए पानी के नमूने
खाद्य विभाग की टीम ने जिला अभिहीत अधिकारी चंदन पांडेय के नेतृत्व में राधाकुंड पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की। उनके आवासीय क्षेत्र और राधाकुंड से जल के नमूने लिए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि बीमार अधिकांश श्रद्धालु बंगाली है, जो प्रतिदिन प्रात: 3-4 बजे जाग कर राधाकुंड में स्नान और आचमन करते हैं। इनके नियमित एक माह तक उक्त प्रदूषित पानी का सेवन और खानपान इनके बीमार होने का कारण है। फिर भी नमूने लिए गए हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने बताया कि बीमार अधिकांश श्रद्धालु बंगाली है, जो प्रतिदिन प्रात: 3-4 बजे जाग कर राधाकुंड में स्नान और आचमन करते हैं। इनके नियमित एक माह तक उक्त प्रदूषित पानी का सेवन और खानपान इनके बीमार होने का कारण है। फिर भी नमूने लिए गए हैं।