साइबर अपराध रोकने की कवायद: आगरा के थानों में तैनात होंगे एक्सपर्ट कॉप, दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
आगरा जोन के एडीजी राजीव कृष्ण ने साइबर अपराध और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से साइबर साथी प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत जोन के 824 पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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आगरा जोन के 824 सिपाही से लेकर निरीक्षक तक को डिजिटल साक्ष्य जुटाने के साथ साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे वह थाने में आने वाले साइबर अपराध से पीड़ित लोगों की सहायता कर सकेंगे। आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। पुलिसकर्मियों को क्राइम इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर के रूप में तैयार किया जाएगा। सभी को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण की शुरुआत मंगलवार से हो जाएगी।
एडीजी राजीव कृष्ण के मुताबिक वर्तमान समय में स्मार्ट फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग बढ़ रहा है। एक तरफ जहां इन सबका सदुपयोग हो रहा है, वहीं ऐसे में अपराधी इनका दुरुपयोग भी कर रहे हैं। शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। मगर, पुलिस साइबर अपराध की जांच करने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं हैं।
इसलिए पुलिसकर्मियों को डिजिटल इन्वेस्टीगेशन के साथ-साथ साइबर अपराध की जानकारी होना आवश्यक है। इसको देखते हुए ही एडीजी राजीव कृष्ण ने जोन में साइबर साथी प्रोजेक्ट शुरू किया है। साइबरपीस फाउंडेशन के साथ मिलकर यह प्रोजेक्ट कार्य करेगा।
12 सत्रों में दी जाएगी ट्रेनिंग
एडीजी ने बताया कि साइबर अपराध, इंटरनेट मीडिया के दुरुपयोग और महिलाओं के प्रति होने वाले साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और मुकदमा दर्ज करने और उनकी विवेचना निस्तारित करने की जानकारी देने के लिए एक जून से 30 जून तक 12 सत्रों में आनलाइन साइबर ट्रेनिंग दी जाएगी।
इसमें आगरा और अलीगढ़ रेंज के आठों जिलों में तैनात सिपाही से निरीक्षक तक के 824 पुलिसकर्मी शामिल होंगे। 12 सत्र में एडीजी के साथ ही, आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी पुलिसकर्मियों को अलग-अलग विषयों पर जानकारी देंगे।
इन विषयों पर देंगे प्रशिक्षण
पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम एक्सपर्ट कॉप के रूप में तैयार किया जाएगा। इसमें फाइनेंशियल फ्रॉड, सोशल मीडया क्राइम, कलेक्शन ऑफ डिजिटल एविडेंस और अन्य विषयों पर जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में प्रत्येक थाने पर तैनात दो-दो महिला हेल्प डेस्क ऑफिसर शामिल होंगी। इस तरह 340 महिला पुलिसकर्मी, 100 निरीक्षक, 310 उप निरीक्षक, 74 सिपाही ऑनलाइन प्रशिक्षण में जुड़ेंगे।
महिला हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी
जिले के ज्यादातर थानों में महिला हेल्प डेस्क बनी हैं। इन पर महिला अधिकारी तैनात हैं। जब कोई साइबर अपराध का पीड़ित थाना पर आएगा तो महिला अधिकारी उनकी सुनवाई करेंगी। प्रशिक्षित पुलिसकर्मी त्वरित कार्रवाई करेंगे। इससे पीड़ित की सहायता होगी।
साल में जोन में आए आठ हजार मामले
साइबर अपराध में मुख्यत: फाइनेंशियल फ्रॉड, सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति अपराध। इनमें फर्जी आईडी बनाना, साइबर बुलिंग, साइबर स्टाकिंग आदि शामिल हैं। पिछले एक साल में आगरा जोन के जनपदों में तकरीबन आठ हजार मामले साइबर अपराध के आनलाइन-आफलाइन मामले दर्ज हो चुके हैं।