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कुर्क होगी एसएसपी की सरकारी गाड़ी और आफिस का फर्नीचर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:53 AM IST
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अपर जिला जज चवन प्रकाश ने एसएसपी की सरकारी गाड़ी और आफिस का फर्नीचर कुर्क करने के आदेश किए हैं। कोर्ट ने यह आदेश पुलिस वाहन से दुर्घटना में हुई मौत के मामले में आदेश के बावजूद मृतक की पत्नी को मुआवजा राशि अदा नहीं करने पर दिया है।
मामला सन 2002 का है। वादिया पूरन देवी के पति की पुलिस की गाड़ी की चपेट में आकर मृत्यु हो गई थी। पूरन देवी ने कोर्ट में एसएसपी और डीएम को पक्षकार बनाते हुए दुर्घटना क्लेम के लिए दावा प्रस्तुत किया। कोर्ट ने 15 सितंबर, 2003 को आदेश पारित कर एसएसपी आगरा को वादिया को 2.25 लाख रुपये मय छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के अदा करने के आदेश किए थे। मगर, एसएसपी ने प्रतिकर राशि कोर्ट में जमा न कर निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने एसएसपी को कोई राहत नहीं दी और 13 अक्तूबर 2013 को एसएसपी को आदेश दिया कि एक महीने के अंदर समस्त प्रतिकर राशि मय ब्याज कोर्ट में जमा करें, लेकिन पिछले तीन साल से एसएसपी की ओर से लगातार कोर्ट से समय की याचना के लिए प्रार्थना पत्र लगाए जाते रहे। 11 नवंबर को वादिया ने कोर्ट ने प्रार्थना पत्र दिया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एसएसपी ने प्रतिकर राशि जमा नहीं की है। इसलिए एसएसपी के सरकारी वाहन और उनके कार्यालय का फर्नीचर आदि कुर्क कर प्रतिकर राशि वसूली जाए। उधर, एसएसपी की ओर से एसआई वेदप्रकाश ने कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। वादिया के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए एसएसपी के सरकारी वाहन और आफिस के फर्नीचर को कुर्क कर नीलाम करने से प्राप्त धनराशि को 15 दिन के अंदर कोर्ट में जमा करने के आदेश किए। कुर्क अमीन को आदेश की प्रति दी है।
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मामला सन 2002 का है। वादिया पूरन देवी के पति की पुलिस की गाड़ी की चपेट में आकर मृत्यु हो गई थी। पूरन देवी ने कोर्ट में एसएसपी और डीएम को पक्षकार बनाते हुए दुर्घटना क्लेम के लिए दावा प्रस्तुत किया। कोर्ट ने 15 सितंबर, 2003 को आदेश पारित कर एसएसपी आगरा को वादिया को 2.25 लाख रुपये मय छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के अदा करने के आदेश किए थे। मगर, एसएसपी ने प्रतिकर राशि कोर्ट में जमा न कर निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने एसएसपी को कोई राहत नहीं दी और 13 अक्तूबर 2013 को एसएसपी को आदेश दिया कि एक महीने के अंदर समस्त प्रतिकर राशि मय ब्याज कोर्ट में जमा करें, लेकिन पिछले तीन साल से एसएसपी की ओर से लगातार कोर्ट से समय की याचना के लिए प्रार्थना पत्र लगाए जाते रहे। 11 नवंबर को वादिया ने कोर्ट ने प्रार्थना पत्र दिया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एसएसपी ने प्रतिकर राशि जमा नहीं की है। इसलिए एसएसपी के सरकारी वाहन और उनके कार्यालय का फर्नीचर आदि कुर्क कर प्रतिकर राशि वसूली जाए। उधर, एसएसपी की ओर से एसआई वेदप्रकाश ने कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। वादिया के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए एसएसपी के सरकारी वाहन और आफिस के फर्नीचर को कुर्क कर नीलाम करने से प्राप्त धनराशि को 15 दिन के अंदर कोर्ट में जमा करने के आदेश किए। कुर्क अमीन को आदेश की प्रति दी है।
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