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...तो मई रोड पर ही ढेर हो जाता कातिल
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 22 Jan 2016 02:04 AM IST
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अगर अनजाने में पुलिस यह गलती न करती तो अनेक सिंह सिकरवार का कातिल मौके पर ही गोलियों से छलनी कर दिया जाता। दरअसल, उनके लापता होने के बाद परिवारीजन पेट्रोल पंप के राइफलधारी स्टाफ के साथ मई रोड पर ही जा रहे थे। यहीं पर उनका कत्ल किया गया। ये लोग वहां पहुंचने ही वाले थे कि पुलिस ने फोन करके इनसे कहा कि वापस पेट्रोल पंप आ जाओ।
सिकरवार पेट्रोल पंप से 6:30 बजे चले थे। उनकी आखिरी लोकेशन 7:15 बजे रामनगर (खंदौली) की आई थी। इसी के पास मई रोड पर उनकी गाड़ी मिली। लगभग साढ़े सात बजे से उनकी तलाश जारी थी। पेट्रोल पंप के सिक्योरिटी गार्ड ने आशंका जताई थी कि उनका अपहरण करके मई रोड पर ले जाया गया होगा।
इसके पीछे वजह यह थी कि मई रोड को अपराधियों के भागने के लिए सबसे सेफ माना जाता है। खंदौली बैंक डकैती के बाद बदमाश यहीं से भागे थे। हाथरस में डबल मर्डर के बाद भी यही रास्ता भागने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
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शाम होते ही यह सड़क सुनसान हो जाती है। तलाश के वक्त गार्ड के अलावा आस-पास के गांवों से आए कई लोगों के पास भी असलाह थे। सिकरवार के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि अगर कातिल मौके पर मिल जाता तो उसे पुलिस के हवाले नहीं किया जाता, बल्कि मौत के घाट उतार देते। लेकिन उसी समय पुलिस का फोन आया। उनसे कहा गया कि थोड़ी देर में अधिकारी पेट्रोल पंप पहुंचेंगे। आप वहीं पर पहुंच जाएं। इस पर वे लोग वापस पेट्रोल पंप पर लौट आए। पुलिस खुद भी मई रोड पर रात सवा बजे पहुंची। उनकी लोकेशन यहीं की मिलने के बाद भी पुलिस ने तेजी नहीं दिखाई। देरी के चलते कातिल आसानी से भाग निकला।
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सिकरवार पेट्रोल पंप से 6:30 बजे चले थे। उनकी आखिरी लोकेशन 7:15 बजे रामनगर (खंदौली) की आई थी। इसी के पास मई रोड पर उनकी गाड़ी मिली। लगभग साढ़े सात बजे से उनकी तलाश जारी थी। पेट्रोल पंप के सिक्योरिटी गार्ड ने आशंका जताई थी कि उनका अपहरण करके मई रोड पर ले जाया गया होगा।
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इसके पीछे वजह यह थी कि मई रोड को अपराधियों के भागने के लिए सबसे सेफ माना जाता है। खंदौली बैंक डकैती के बाद बदमाश यहीं से भागे थे। हाथरस में डबल मर्डर के बाद भी यही रास्ता भागने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
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शाम होते ही यह सड़क सुनसान हो जाती है। तलाश के वक्त गार्ड के अलावा आस-पास के गांवों से आए कई लोगों के पास भी असलाह थे। सिकरवार के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि अगर कातिल मौके पर मिल जाता तो उसे पुलिस के हवाले नहीं किया जाता, बल्कि मौत के घाट उतार देते। लेकिन उसी समय पुलिस का फोन आया। उनसे कहा गया कि थोड़ी देर में अधिकारी पेट्रोल पंप पहुंचेंगे। आप वहीं पर पहुंच जाएं। इस पर वे लोग वापस पेट्रोल पंप पर लौट आए। पुलिस खुद भी मई रोड पर रात सवा बजे पहुंची। उनकी लोकेशन यहीं की मिलने के बाद भी पुलिस ने तेजी नहीं दिखाई। देरी के चलते कातिल आसानी से भाग निकला।