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... बेटा घबरा मत, हमारी सरकार मदद करेगी
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Tue, 12 Apr 2016 01:51 AM IST
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यूक्रेन हमले में घायल हुए मेडिकल छात्र को पिता ने दिया हौसला
- फोटो : अमर उजाला
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‘पापा उनका इरादा हमें जान से मारने का था। वो मुझे मरा समझकर छोड़ गए।’ यह कहते ही फोन पर पिता से बात कर रहा इंद्रजीत चौहान सुबकने लगा। इस पर पिता नरेंद्र चौहान ने उसे हौसला देते हुए कहा कि बेटा, तू घबरा मत, सब ठीक हो जाएगा, हमारी सरकार मदद करेगी। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा इंद्रजीत उन तीन छात्रों में से एक है, जिन पर कुछ अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला किया। इस हमले में मुजफ्फरनगर के प्रणव शांडिल्य और गाजियाबाद के अंकुर सिंह की मौत हो गई। तीनों रूम पार्टनर थे।
आगरा के बोदला के पास माहौर गली में छोटी सी बेकरी चलाने वाले नरेंद्र चौहान आवास विकास के सेक्टर एक में मकान नंबर 283 में रहते हैं। उन्होंने बताया कि इंद्रजीत का फोन रविवार शाम चार बजे आया था। उन पर हमला शनिवार रात को हुआ था। वह गंभीर रूप से घायल है। उस समय आईसीयू में था, अब बाहर आ गया है। इंद्रजीत ने उन्हें बताया कि कुछ युवकों से जरा सी कहासुनी हुई थी। इस पर वे जान के दुश्मन बन गए और हमला बोल दिया। उसे यह भी नहीं मालूम है कि हमलावर पकड़े गए या भाग निकले। हालांकि इतनी जानकारी है कि पुलिस मौके पर थोड़ी ही देर में पहुंच गई थी।
अगले महीने घर आएगा इंद्रजीत
इंद्रजीत यूक्रेन में छह साल का कोर्स कर रहा है। इसमें पांच साल एमबीबीएस और एक साल एमडी या एमएस की पढ़ाई होती है। उसने 2011 में दाखिला लिया था। अगले महीने मई में पांच साल पूरे होने वाले हैं। वह हर साल मई में घर आता है और फिर अक्तूबर में वापस जाता है।
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दोस्तों के कहने गया था यूक्रेन
पिता ने बताया कि इंद्रजीत ने शिकोहाबाद (फीरोजाबाद) के नगला गुलाल इंटर कॉलेज से 2009 में इंटर पास किया। इसके बाद आगरा कॉलेज में एक साल बीएससी (बायो) की। शिकोहाबाद में उसके साथ हॉस्टल में रहने वाले उसके दोस्तों ने 2010 में यूक्रेन में एमबीबीएस में दाखिला लिया। उन्होंने बताया कि वहां दाखिला आसान और पढ़ाई सस्ती है। इस पर उसने जिद करके वहां एडमिशन कराया।
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आगरा के बोदला के पास माहौर गली में छोटी सी बेकरी चलाने वाले नरेंद्र चौहान आवास विकास के सेक्टर एक में मकान नंबर 283 में रहते हैं। उन्होंने बताया कि इंद्रजीत का फोन रविवार शाम चार बजे आया था। उन पर हमला शनिवार रात को हुआ था। वह गंभीर रूप से घायल है। उस समय आईसीयू में था, अब बाहर आ गया है। इंद्रजीत ने उन्हें बताया कि कुछ युवकों से जरा सी कहासुनी हुई थी। इस पर वे जान के दुश्मन बन गए और हमला बोल दिया। उसे यह भी नहीं मालूम है कि हमलावर पकड़े गए या भाग निकले। हालांकि इतनी जानकारी है कि पुलिस मौके पर थोड़ी ही देर में पहुंच गई थी।
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अगले महीने घर आएगा इंद्रजीत
इंद्रजीत यूक्रेन में छह साल का कोर्स कर रहा है। इसमें पांच साल एमबीबीएस और एक साल एमडी या एमएस की पढ़ाई होती है। उसने 2011 में दाखिला लिया था। अगले महीने मई में पांच साल पूरे होने वाले हैं। वह हर साल मई में घर आता है और फिर अक्तूबर में वापस जाता है।
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दोस्तों के कहने गया था यूक्रेन
पिता ने बताया कि इंद्रजीत ने शिकोहाबाद (फीरोजाबाद) के नगला गुलाल इंटर कॉलेज से 2009 में इंटर पास किया। इसके बाद आगरा कॉलेज में एक साल बीएससी (बायो) की। शिकोहाबाद में उसके साथ हॉस्टल में रहने वाले उसके दोस्तों ने 2010 में यूक्रेन में एमबीबीएस में दाखिला लिया। उन्होंने बताया कि वहां दाखिला आसान और पढ़ाई सस्ती है। इस पर उसने जिद करके वहां एडमिशन कराया।