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सदर में हार्डवेयर कारोबारी की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Tue, 05 Jul 2016 01:54 AM IST
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रविवार रात घर से 400 मीटर दूर खेत में मिला शव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तीन दिन पहले लापता हुए सेवला जाट निवासी हार्डवेयर कारोबारी महेश कुमार गुप्ता (38) का शव रविवार रात मिलिट्री डेयरी फार्म के पास चरी के खेत में एक सूखे नाले के पास पड़ा मिला। एक हाथ और चेहरा जानवरों ने नोंच दिया था। परिवारीजनों ने कपड़ों और हाथ पर लिखे नाम से उनकी पहचान की।
महेश गुप्ता पुत्र जगदीश प्रसाद गुप्ता की घर से कुछ दूरी पर ही हार्डवेेयर की दुकान है। परिवारीजनों ने बताया कि महेश 30 जून की शाम छह बजे मिलिट्री डेयरी फार्म के पास ट्यूबवेल नंबर दोे स्थित खेत में टहलने गए थे। इसके बाद से उनका पता नहीं लग सका। उनके चाचा ऋषि गुप्ता का कहना था कि महेश की हत्या कर शव फेंका गया है। घर से 400 मीटर की दूरी वाले स्थान से शव मिला है। तीन भाइयों में सबसे बड़े महेश के छोटे भाई विष्णु और लक्ष्मीकांत भी हार्डवेयर व्यवसायी हैं। पिता जगदीश भी महेश के साथ ही दुकान पर बैठते थे। महेश का चार साल का बेटा केशव और छह साल की बेटी परी है। पति की मौत से पत्नी अर्चना सदमे में हैं।
थाने-चौकी के चक्कर लगाए, नहीं लिखी गुमशुदगी
मृतक के चाचा ने बताया कि वह गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए एक जुलाई को बुंदू कटरा चौकी पर गए। पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर घर भेज दिया। चार बार पुलिस चौकी और दो बार थाने जाने पर भी गुमशुदगी दर्ज नहीं की गई।
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महेश गुप्ता पुत्र जगदीश प्रसाद गुप्ता की घर से कुछ दूरी पर ही हार्डवेेयर की दुकान है। परिवारीजनों ने बताया कि महेश 30 जून की शाम छह बजे मिलिट्री डेयरी फार्म के पास ट्यूबवेल नंबर दोे स्थित खेत में टहलने गए थे। इसके बाद से उनका पता नहीं लग सका। उनके चाचा ऋषि गुप्ता का कहना था कि महेश की हत्या कर शव फेंका गया है। घर से 400 मीटर की दूरी वाले स्थान से शव मिला है। तीन भाइयों में सबसे बड़े महेश के छोटे भाई विष्णु और लक्ष्मीकांत भी हार्डवेयर व्यवसायी हैं। पिता जगदीश भी महेश के साथ ही दुकान पर बैठते थे। महेश का चार साल का बेटा केशव और छह साल की बेटी परी है। पति की मौत से पत्नी अर्चना सदमे में हैं।
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थाने-चौकी के चक्कर लगाए, नहीं लिखी गुमशुदगी
मृतक के चाचा ने बताया कि वह गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए एक जुलाई को बुंदू कटरा चौकी पर गए। पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर घर भेज दिया। चार बार पुलिस चौकी और दो बार थाने जाने पर भी गुमशुदगी दर्ज नहीं की गई।
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