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आगरा में कोरोना वायरस की तेज रफ्तार: शुक्रवार को 169 नए पॉजिटिव मिले, पांच सौ के करीब पहुंची सक्रिय मरीजों की संख्या
Fri, 07 Jan 2022 12:28 PM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 07 Jan 2022 12:28 PM IST
सार
कोरोना संक्रमण के 169 मिलने से अब संक्रमितों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। आगरा में दयालबाग और आवास विकास का क्षेत्र हॉटस्पॉट बना है। यहां से अधिकांश संक्रमित मिल रहे हैं।
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक है। शुक्रवार को जनवरी महीने के रिकॉर्ड मरीज मिले हैं। सक्रिय मरीजों का आंकड़ा पांच सौ के पास पहुंच रहा है। वहीं जिला प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि मास्क पहनकर घर से निकलें और कोरोना से बचाव का टीका अवश्य लगवाएं। आगरा में दूसरी लहर जैसे हालात बन रहे हैं।
24 घंटे में पांच हजार सैंपल टेस्ट
आगरा में कोरोना संक्रमण से 25,323 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। पिछले 24 घंटे में 5672 सैंपल के सापेक्ष 169 नए मरीज चिन्हित हुए। अब 472 सक्रिय मरीज हो गए हैं। आगरा में कोरोना संक्रमण से 458 मरीजों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 22,26464 सैंपल टेस्ट हो चुके हैं। वहीं कोरोना के टीके लगातार लगाए जा रहे हैं। आगरा में पिछले पांच दिनों से एक भी मरीज ठीक नहीं हुआ है।
संक्रमितों की रोकथाम न संपर्क में आए लोगों की तत्काल जांच
आगरा शहर में संक्रमण फिर भयावह रूप ले रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार सख्ती बरतने को तैयार नहीं हैं। इसका खामियाजा सबको भुगतना पड़ सकता है। संक्रमितों की रोकथाम से लेकर संपर्क में आए लोगों की तत्काल जांच और उन पर नजर रखने की व्यवस्था में लापरवाही हो रही है। इससे स्थिति चिंताजनक होने की आशंका है। ताजनगरी में नया साल संक्रमण लेकर आया है। छह दिनों में 285 नए मरीज मिल चुके हैं। परंतु इनके निकट संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान नहीं हो सकी। संपर्क में आए 100 से अधिक लोगों की जांच नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को आए 132 नए संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए शुक्रवार को रैपिड रिस्पांस टीम जाएगी। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि अचानक मरीज बढ़ने और कर्मचारियों की कमी के कारण कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग व सर्विलांस में देर हो रही है। बुधवार को मिले 64 संक्रमितों के संपर्क में आए 743 लोगों की जांच के लिए नमूने लिए हैं। बाकी लोगों को तलाशा जा रहा है।
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ओेमिक्रॉन जांच के लिए नहीं भेजे सैंपल
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि ओमिक्रॉन की जांच के लिए सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाती है। जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए बृहस्पतिवार को सैंपल नहीं भेजे गए हैं। पुराने सभी सैंपल की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। अब पूल सैंपलिंग शुरू कराई जाएगी। जिससे संक्रमण का प्रसार और प्रभाव की जांच होगी।
दो वैरिएंट मिल चुके हैं
ताजनगरी में तीसरी लहर में कोरोना वायरस के दो घातक वैरिएंट मिल चुके हैं। एक चिकित्सक में ओमिक्रॉन की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो मरीजों में डेल्टा वैरिएंट मिला है। अन्य वैरिएंट की पुष्टि के लिए पूर्व में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन सबसे खतरनाक माना जा रहा है। इसकी प्रसार क्षमता सबसे अधिक है। सीएमओ का कहना है कि नए वैरिएंट में एक व्यक्ति से 25 से अधिक लोगों को संक्रमित करने की क्षमता है।
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24 घंटे में पांच हजार सैंपल टेस्ट
आगरा में कोरोना संक्रमण से 25,323 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। पिछले 24 घंटे में 5672 सैंपल के सापेक्ष 169 नए मरीज चिन्हित हुए। अब 472 सक्रिय मरीज हो गए हैं। आगरा में कोरोना संक्रमण से 458 मरीजों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 22,26464 सैंपल टेस्ट हो चुके हैं। वहीं कोरोना के टीके लगातार लगाए जा रहे हैं। आगरा में पिछले पांच दिनों से एक भी मरीज ठीक नहीं हुआ है।
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संक्रमितों की रोकथाम न संपर्क में आए लोगों की तत्काल जांच
आगरा शहर में संक्रमण फिर भयावह रूप ले रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार सख्ती बरतने को तैयार नहीं हैं। इसका खामियाजा सबको भुगतना पड़ सकता है। संक्रमितों की रोकथाम से लेकर संपर्क में आए लोगों की तत्काल जांच और उन पर नजर रखने की व्यवस्था में लापरवाही हो रही है। इससे स्थिति चिंताजनक होने की आशंका है। ताजनगरी में नया साल संक्रमण लेकर आया है। छह दिनों में 285 नए मरीज मिल चुके हैं। परंतु इनके निकट संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान नहीं हो सकी। संपर्क में आए 100 से अधिक लोगों की जांच नहीं हो सकी है। बृहस्पतिवार को आए 132 नए संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए शुक्रवार को रैपिड रिस्पांस टीम जाएगी। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि अचानक मरीज बढ़ने और कर्मचारियों की कमी के कारण कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग व सर्विलांस में देर हो रही है। बुधवार को मिले 64 संक्रमितों के संपर्क में आए 743 लोगों की जांच के लिए नमूने लिए हैं। बाकी लोगों को तलाशा जा रहा है।
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ओेमिक्रॉन जांच के लिए नहीं भेजे सैंपल
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि ओमिक्रॉन की जांच के लिए सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाती है। जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए बृहस्पतिवार को सैंपल नहीं भेजे गए हैं। पुराने सभी सैंपल की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। अब पूल सैंपलिंग शुरू कराई जाएगी। जिससे संक्रमण का प्रसार और प्रभाव की जांच होगी।
दो वैरिएंट मिल चुके हैं
ताजनगरी में तीसरी लहर में कोरोना वायरस के दो घातक वैरिएंट मिल चुके हैं। एक चिकित्सक में ओमिक्रॉन की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो मरीजों में डेल्टा वैरिएंट मिला है। अन्य वैरिएंट की पुष्टि के लिए पूर्व में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है। कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन सबसे खतरनाक माना जा रहा है। इसकी प्रसार क्षमता सबसे अधिक है। सीएमओ का कहना है कि नए वैरिएंट में एक व्यक्ति से 25 से अधिक लोगों को संक्रमित करने की क्षमता है।