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ताजनगरी के लिए राहत की खबरः एसएन में घट रहे मरीज, खाली हुए आईसीयू-वेंटिलेटर
Wed, 01 Jul 2020 12:20 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 01 Jul 2020 12:20 PM IST
सार
- 1017 मरीज हो चुके हैं स्वस्थ
- 85 मरीज प्राइवेट कोविड केयर सेंटर में
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एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संक्रमण के बीच एक राहत की खबर है। एसएन में अब कोई गंभीर मरीज नहीं। पहली बार आईसीयू और वेंटिलेटर खाली हैं। 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड में सिर्फ 18 कोरोना मरीज हैं। इनमें 90 फीसद मरीजों को कोई तकलीफ नहीं है।
अनलॉक में तीन दिन में किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई। जबकि इससे पहले 27 दिन में 42 मरीजों ने दम तोड़ा था। इधर, एसएन में गंभीर मरीजों में कमी आई है। फिलहाल कोई ऐसा गंभीर मरीज भर्ती नहीं है जिसे आईसीयू या वेंटिलेटर देना पड़े। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि जो 18 मरीज भर्ती हैं, उनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं। इसके अलावा करीब 85 मरीज प्राइवेट कोविड केयर सेंटर में उपचार ले रहे हैं।
एल-2 और एल-3 श्रेणी मरीज होते हैं गंभीर
डीएम ने बताया 60 साल से अधिक उम्र और कैंसर, डायबिटीज, किडनी रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इन्हें एल-2 और एल-3 श्रेणी में रखा जाता है। ये गंभीर मरीजों की श्रेणी है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।
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अनलॉक में तीन दिन में किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई। जबकि इससे पहले 27 दिन में 42 मरीजों ने दम तोड़ा था। इधर, एसएन में गंभीर मरीजों में कमी आई है। फिलहाल कोई ऐसा गंभीर मरीज भर्ती नहीं है जिसे आईसीयू या वेंटिलेटर देना पड़े। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि जो 18 मरीज भर्ती हैं, उनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं। इसके अलावा करीब 85 मरीज प्राइवेट कोविड केयर सेंटर में उपचार ले रहे हैं।
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एल-2 और एल-3 श्रेणी मरीज होते हैं गंभीर
डीएम ने बताया 60 साल से अधिक उम्र और कैंसर, डायबिटीज, किडनी रोगियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इन्हें एल-2 और एल-3 श्रेणी में रखा जाता है। ये गंभीर मरीजों की श्रेणी है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।
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आइसोलेशन वार्ड: बाथरूम में टूटे टाइल्स, सीवरेज चोक और गंदगी
बाथरूम में टूटे टाइल्स, सीवरेज चोक, बाहर गंदगी और दुर्गंध। यह हाल मिला एसएन में बन रहे नए 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड का। निरीक्षण के बाद उप निदेशक अर्थ एवं संख्या नवीन चतुर्वेदी ने कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपी। इस पर कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी से जवाब-तलब किया है।
एसएन में बन रहे नए आइसोलेशन वार्ड का कमिश्नर ने कराया निरीक्षण
कोविड नियंत्रण और एसएन में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान कमिश्नर के सामने निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। कमिश्नर अनिल कुमार ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को एक सप्ताह में 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बार वह स्वयं निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही एसएन प्राचार्य को उन्होंने पूर्ण क्षमता से स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल करने, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
संक्रमित बढ़ने के आसार नहीं: डीएम
बैठक में डीएम प्रभु एन सिंह ने कमिश्नर को बताया कि सैंपलिंग रिपोर्ट के अनुसार अब केस बढ़ने जैसी स्थिति नहीं लग रही। फिर भी जहां ज्यादा केस मिले हैं वहां निगरानी बढ़ाई है। रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है। सीएमओ ने कहा कि सीएचसी और पीएचसी पर सभी चिकित्सक पीपीई किट पहन कार्य कर रहे हैं।
बाथरूम में टूटे टाइल्स, सीवरेज चोक, बाहर गंदगी और दुर्गंध। यह हाल मिला एसएन में बन रहे नए 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड का। निरीक्षण के बाद उप निदेशक अर्थ एवं संख्या नवीन चतुर्वेदी ने कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपी। इस पर कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी से जवाब-तलब किया है।
एसएन में बन रहे नए आइसोलेशन वार्ड का कमिश्नर ने कराया निरीक्षण
कोविड नियंत्रण और एसएन में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान कमिश्नर के सामने निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। कमिश्नर अनिल कुमार ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को एक सप्ताह में 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बार वह स्वयं निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही एसएन प्राचार्य को उन्होंने पूर्ण क्षमता से स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल करने, मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
संक्रमित बढ़ने के आसार नहीं: डीएम
बैठक में डीएम प्रभु एन सिंह ने कमिश्नर को बताया कि सैंपलिंग रिपोर्ट के अनुसार अब केस बढ़ने जैसी स्थिति नहीं लग रही। फिर भी जहां ज्यादा केस मिले हैं वहां निगरानी बढ़ाई है। रैंडम सैंपलिंग कराई जा रही है। सीएमओ ने कहा कि सीएचसी और पीएचसी पर सभी चिकित्सक पीपीई किट पहन कार्य कर रहे हैं।