एसएन मेडिकल कॉलेज में 20 सितंबर से शुरू हो सकता है कोरोना वैक्सीन का ट्रायल
- वैक्सीन निर्माता कंपनी की शोध प्रभारी की एसएन के चिकित्सकों के साथ हुई बैठक
- अब अगले सप्ताह आईसीएमआर के विशेषज्ञों के साथ होगी बैठक
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आगरा में कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल 20 सितंबर से होने की उम्मीद है। वैक्सीन निर्माता कंपनी की शोध प्रभारी की गुरुवार को एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के साथ बैठक हुई है। इसमें ट्रायल की तैयारियों के बारे में भी बातचीत हुई।
भारत बायोटैक प्राइवेट लिमिटेड ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाई है, जिसका नाम कोवैक्सीन है। इसे 18 से 55 साल के स्वस्थ लोगों को लगाई जाएगी। पहले यह एक सितंबर से लगनी थी, लेकिन इंडियन मेडिकल काउंसिल रिसर्च ने तिथि टाल दी थी।
30 लोगों ने किया पंजीकरण
ऐसे में गुरुवार को कंपनी की शोध प्रभारी डॉ. विनीता ध्यानी ने ट्रायल पैनल के चिकित्सकों के साथ बैठक कर तैयारियों के बारे में जाना। इसमें बताया कि 30 लोगों का अभी तक वैक्सीन के लिए पंजीकरण हो चुका है। अनुमति मिलने के बाद इनकी स्क्रीनिंग करने के बाद विभिन्न जांच कराई जाएंगी।
शोध प्रभारी ने बताया कि पहले चरण के ट्रायल के परिणाम की अभी रिपोर्ट नहीं बनी है, अगले सप्ताह में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के विशेषज्ञों के साथ बैठक में वैक्सीन के बाद परिणाम की समीक्षा होगी और तिथि जारी कर दी जाएगी।
एसएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर संजय काला ने बताया कि वैक्सीन निर्माता कंपनी की शोध प्रभारी ने ट्रायल की पहले की तैयारियों की समीक्षा की है। 20 सितंबर से एसएन कॉलेज में ट्रायल शुरू होने की संभावना बताई है।
सीरो सर्वे शुरू
कोरोना वायरस के एंटीबॉडीज की जांच करने के लिए सीरो सर्वे शुक्रवार से शुरू हो गया। शहर और देहात के 45 स्पॉट तय किए हैं। यहां से 1080 स्वस्थ लोगों के रक्त के नमूने लिए जाएंगे। यह नमूने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च को भेजे जाएंगे, जहां इनकी जांच में एंटीबॉडीज पाए जाने से पता चलेगा कि इनमें कोरोना का संक्रमण होकर ठीक हो गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि हर स्पॉट से 24 लोगों के नमूने लिए जाएंगे, इनकी जांच की जाएगी। दस टीम बनी हैं, जिसमें चिकित्सक टेक्नीशियन, आशा और एएनएम शामिल हैं।