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Fatehpur Sikri: अब फतेहपुर सीकरी पर विवाद, विजयपुर सीकरी होने का दावा...वाद किया गया दायर
Thu, 12 Sep 2024 10:27 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 12 Sep 2024 10:27 AM IST
सार
फतेहपुर सीकरी को सिकरवार राजाओं द्वारा बसाया गया। ये विजयपुर सीकरी है। ये दावा करते हुए आगरा न्यायालय में वाद दायर किया गया है।
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फतेहपुर सीकरी स्थित बुलंद दरवाजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फतेहपुर सीकरी को विजयपुर सीकरी बताते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में बुधवार को वाद दायर किया गया। वादी के अधिवक्ता ने दावा कि फतेहपुर सीकरी मूलरूप से विजयपुर सीकरी है। इसे सिकरवार वंशी राजाओं ने बसाया था।
उन्होंने केस के वादपत्र की 248 पन्नों में फतेहपुर सीकरी के इतिहास को लिखा है। दावा किया कि उन्होंने एक रिसर्च की। इसमें पाया कि फतेहपुर सीकरी को हिंदू सिकरवार वंशी राजाओं ने बसाया था, जिसका मूल नाम विजयपुर सीकरी था। यह नाम बाबर ने बदला। इसके परिसर में मरियम की कोठी नाम से भवन है, जिसकी दीवार पर शिवलिंग है। उसमें भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, हनुमान के चित्र थे।
एएसआई के पास अकबर-जोधाबाई के विवाह के प्रमाण नहीं हैं। किस आधार पर फतेहपुर सीकरी में जोधाबाई का महल नाम से संरक्षित किया है। जोधाबाई ही मरियम-उज-जमानी थीं। सिकंदरा में मरियम का मकबरा स्थित है। उन्होंने दावा किया कि फतेहपुर सीकरी में अनूप तालाब को सिकरवार वंशी राजा अनूप के नाम पर राजा किशन जू ने बनवाया था, न कि अकबर ने।
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केस में वादी अधिवक्ता के अलावा आर्य संस्कृति संरक्षण ट्रस्ट, योगेश्वर श्रीकृष्ण सांस्कृतिक अनुसंधान संस्थान ट्रस्ट, क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट, जबकि विपक्षी केके मोहम्मद, टूरिस्ट एसोसिएशन फतेहपुर सीकरी हैं। बुधवार को सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट-1 की न्यायाधीश अमर्शा श्रीवास्तव के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने नोटिस जारी कर केस की सुनवाई की अगली तिथि 7 अक्तूबर तय की है।
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उन्होंने केस के वादपत्र की 248 पन्नों में फतेहपुर सीकरी के इतिहास को लिखा है। दावा किया कि उन्होंने एक रिसर्च की। इसमें पाया कि फतेहपुर सीकरी को हिंदू सिकरवार वंशी राजाओं ने बसाया था, जिसका मूल नाम विजयपुर सीकरी था। यह नाम बाबर ने बदला। इसके परिसर में मरियम की कोठी नाम से भवन है, जिसकी दीवार पर शिवलिंग है। उसमें भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, हनुमान के चित्र थे।
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एएसआई के पास अकबर-जोधाबाई के विवाह के प्रमाण नहीं हैं। किस आधार पर फतेहपुर सीकरी में जोधाबाई का महल नाम से संरक्षित किया है। जोधाबाई ही मरियम-उज-जमानी थीं। सिकंदरा में मरियम का मकबरा स्थित है। उन्होंने दावा किया कि फतेहपुर सीकरी में अनूप तालाब को सिकरवार वंशी राजा अनूप के नाम पर राजा किशन जू ने बनवाया था, न कि अकबर ने।
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केस में वादी अधिवक्ता के अलावा आर्य संस्कृति संरक्षण ट्रस्ट, योगेश्वर श्रीकृष्ण सांस्कृतिक अनुसंधान संस्थान ट्रस्ट, क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट, जबकि विपक्षी केके मोहम्मद, टूरिस्ट एसोसिएशन फतेहपुर सीकरी हैं। बुधवार को सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट-1 की न्यायाधीश अमर्शा श्रीवास्तव के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने नोटिस जारी कर केस की सुनवाई की अगली तिथि 7 अक्तूबर तय की है।