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Agra University: कभी रिजल्ट में गड़बड़ी, कभी मान्यता पर सवाल; DBRAU की लापरवाही पर छात्रों का फूटा गुस्सा

Thu, 14 May 2026 11:26 AM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी,आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी,आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 14 May 2026 11:26 AM IST
सार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणाम, मूल्यांकन और पाठ्यक्रम मान्यता को लेकर विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि हर मामले में केवल जांच और आश्वासन मिलते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता।

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Controversies Mount at Dr. Bhimrao Ambedkar University Students Question Administration
आगरा विश्वविद्यालय - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

 डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। परीक्षा परिणाम, मूल्यांकन, पाठ्यक्रमों की मान्यता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के प्रति छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। छात्रों का आरोप है कि हर विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन जांच और सुधार का आश्वासन देता है लेकिन किसी भी मामले का स्पष्ट और स्थायी समाधान सामने नहीं आया है।
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विधि पाठ्यक्रम के परिणाम का विवाद सामने आया था। विश्वविद्यालय ने करीब 80 प्रतिशत छात्रों को फेल कर दिया था। छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। ओएमआर शीट की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र पास पाए गए। इससे मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठे। जो छात्र फेल रहे, उन्हें फरवरी में परीक्षा कराने का आश्वासन दिया गया लेकिन अब तक परीक्षा आयोजित नहीं कराई गई।
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इसके अलावा छलेसर परिसर में बीपीएड छात्रों ने अंक कम देने का आरोप लगाते हुए कई दिनों तक प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना था कि जानबूझकर कम अंक दिए गए हैं। शिकायत और जांच के आश्वासन के बाद भी छात्रों को स्पष्ट समाधान नहीं मिल सका।
 
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विश्वविद्यालय का एक और मामला तब चर्चा में आया, जब जारी किए गए परिणाम में छात्रों की कैटेगरी की जगह जाति प्रदर्शित हो गई। विरोध बढ़ने पर विश्वविद्यालय ने त्रुटि सुधार दी लेकिन इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया। कार्रवाई के नाम पर इस मामले में भी कुछ नहीं हुआ।
 

इसी तरह सत्र 2025-26 में फार्म-डी पाठ्यक्रम पर विवाद खड़ा हुआ। छात्रों के रजिस्ट्रेशन में पाठ्यक्रम दर्ज किया गया लेकिन बाद में पता चला कि विश्वविद्यालय के पास उस कोर्स की मान्यता ही नहीं थी। विश्वविद्यालय ने इसे पीसीआई और प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़ा मामला बताया मगर इसका असर छात्रों पर पड़ा। छात्रों का कहना है कि हर बार विवाद के बाद सिर्फ आश्वासन मिलता है लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होता।
 

परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि सभी मुद्दे पर निर्णय छात्र हित में लिए जाते हैं। हर मामले पर जांच के बाद कार्रवाई होती है। पाठ्यक्रम, नतीजे सभी में जांच के बाद उचित निर्णय लिया गया है।
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