श्री पारस अस्पताल: कांग्रेस नेताओं ने किया कलक्ट्रेट का घेराव, सुप्रीम कोर्ट के जज से मामले की जांच की मांग
आगरा के श्री पारस अस्पताल को क्लीन चिट के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने इस प्रकरण में न्यायिक अथवा सीबीआई जांच की मांग की है।
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आगरा के श्री पारस अस्पताल को क्लीन चिट मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट का घेराव किया और जबरदस्त नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में श्री पारस मामले की जांच की मांग उठाई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि डीएम ने पहले ही दिन 6 मौत स्वीकार की थी, लेकिन बाद में 16 लोगों की मौत जांच रिपोर्ट में मानी।
वायरल वीडियो में खुद अस्पताल संचालक डॉ. अरिंजय जैन ऑक्सीजन मॉकड्रिल के कारण 22 लोगों के शरीर नीला पड़ जाने और छंट जाने की बात कह रहे हैं, लेकिन डीएम सत्ता के दबाव में उसे बचा रहे हैं। डीएम डॉ. अरिंजय जैन को बचाने के लिए लीपापोती कर रहे हैं।
शहर अध्यक्ष देवेंद्र चिल्लू ने कहा कि प्रशासन लोगों को न्याय नहीं दिला रहा, उल्टे वीडियो बनाने वाले को ही फंसाया जा रहा है। डीएम हाथरस कांड की तरह इस नरसंहार को दबाना चाहता है, लेकिन कांग्रेसजन प्रकरण में शांत नहीं बैठेंगे।
एसीएम को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसीएम जेपी पांडे को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जज से इस प्रकरण की जांच की मांग की कगई। प्रदर्शन के दौरान विनोद बंसल, नन्दलाल भारती, विराग जैन, मुन्ना मिश्रा, संजीव नागर, अजहर वारसी, इब्राहिम जैदी, बच्चू सिंह, अंशुल अग्रवाल, डॉ. राशिद चौधरी, आई डी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
आरटीआई में पूछा श्री पारस अस्पताल की जांच का सच
श्री पारस अस्पताल प्रकरण में जांच रिपोर्ट की सच्चाई सूचना अधिकार के तहत मांगी गई है। महफूज संस्था की ओर से जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से 26 व 27 अप्रैल को भर्ती मरीजों के नाम-पते, पीड़ितों के बयान, ऑक्सीजन इंतजाम समेत डीएम से 10 और के सीएमओ से 15 बिंदुओं पर सूचना मांगी गई है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने जांच का सच अब प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से आरटीआई में पूछा है। जिसमें मृतकों की सूचना छिपाने समेत कई बिंदुओं की जानकारी मांगी है। डेथ ऑडिट में हुई देरी, रेफर मरीजों का ब्योरा, हाईफ्लो पर भर्ती मरीजों की सूचना मांगी गई है।